महाकुंभ : अतिथियों के लिए टीवी तो कोई खरीद रहा बेड, कमरे भी बनवाए
मोहत्सिमगंज निवासी समीर पांडेय बताते हैं कि अपने घर के पांच कमरे को निर्माला इन के नाम से पेइंग गेस्ट रूम के रूप में दर्ज कराया है। यहां पांच नए डबल बेड, पांच टीवी, गीजर के साथ सीसीटीवी भी लगवाया है।
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महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए शहर के लोगों ने अपने आशियानों को सजाना शुरू कर दिया है। अब तक 213 लोगों ने अपने घरों के एक हिस्से को पेइंग गेस्ट हाउस योजना के तहत पर्यटन विभाग में पंजीकृत कराया है। इन लोगों ने श्रद्धालुओं के लिए टीवी और बेड खरीदे हैं। सीसीटीवी कैमरे और वाटर प्यूरीफायर लगवाए जा रहे हैं। पूजा के लिए कमरों में देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी रखी ही गई हैं। वहीं, एक व्यक्ति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दो नए कमरे भी बनवाए हैं।
मोहत्सिमगंज निवासी समीर पांडेय बताते हैं कि अपने घर के पांच कमरे को निर्माला इन के नाम से पेइंग गेस्ट रूम के रूप में दर्ज कराया है। यहां पांच नए डबल बेड, पांच टीवी, गीजर के साथ सीसीटीवी भी लगवाया है। इन सबसे अब तक लगभग 2.5 लाख रुपये खर्च हुए हैं। ओडिशा के काजू व्यापारी धीरेंद्र महापात्रा ने उनके घर रुकने के लिए पांच से आठ जनवरी तक बुकिंग कराई है। उनके साथ परिवार के 15 लोग संगम में डुबकी लगाने आएंगे। इसी तरह महाराष्ट्र, लखनऊ और बरेली से भी श्रद्धालुओं ने बुकिंग कराई है।
छिवकी निवासी संजय मिश्रा बताते हैं कि घर के प्रथम तल के छह कमरों को प्रयागराज के नाम से पर्यटन विभाग में दर्ज कराया है। इसके लिए 10 गद्दे, पांच एलईडी टीवी और सीसीटीवी भी लगवाया है। प्रदेश के अलावा सतना और अहमदाबाद से आने वाले लोगों ने यहां ठहरने की इच्छा जताई है। नैनी एफसीआई के पास रहने वाले राजेश श्रीवास्तव ने भी घर के दो कमरों को नक्षत्र होम स्टे के नाम से पर्यटन विभाग में दर्ज कराया है।
उनके यहां तो 13 और 14 जनवरी की 2500 रुपये में बुकिंग भी हो गई है। इस राशि में वह मेहमानों को सुबह की चाय और नाश्ता भी देंगे। यहां मुंबई से दो लोग भी आएंगे। इसके अलावा वदोदरा से भी फोन कर पूछताछ की गई। तुलाराम बाग में गीता निकेतन मंदिर के सामने वाली गली में सुधांशु श्रीवास्तव ने श्रद्धालुओं के ठहरने की उचित व्यवस्था के लिए दो कमरे बनवाए। यहां नया टीवी, बेड और गीजर भी लगवाया है।
नहीं पूरा हुआ लाइसेंस देने के लक्ष्य
सरकार ने 500 घरों को पेइंग गेस्ट के रूप में लाइसेंस देने के लक्ष्य से इसको लागू किया था, लेकिन अब तक मात्र 213 लोगों ने आवेदन पत्र लिया है। इसमें से 40 लोगों को लाइसेंस दिया गया है। 61 लोगों के दस्तावेज मानक के अनुरूप हैं। जल्द ही इन सभी को प्रशिक्षण देकर लाइसेंस जारी किया जाएगा। वहीं, श्रद्धालुओं की देखरेख और उनसे अच्छा व्यवहार करने की मकान मालिकों को ट्रेनिंग दी गई। पर्यटन विभाग ने 100 से ज्यादा लोगों को पांच दिन की ट्रेनिंग दी गई। इसके माध्यम से सभी को प्रयागराज के विभिन्न पर्यटक स्थल के बारे में भी बताया गया।