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Mahakumbh : हाथी, घोड़े और शाही रथों पर सवार होकर निरंजनी अखाड़े के संतों ने किया छावनी प्रवेश

Sat, 04 Jan 2025 08:29 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 04 Jan 2025 08:29 PM IST
सार

छावनी यात्रा के चलते शहर के कई मार्गों अलोपी बाग मंदिर रोड, जवाहर जीटी से काली मार्ग के रास्ते गंगा पार कर अखाड़े में प्रवेश किया। इसके चलते कई पांटून पुलों पर आवागमन बंद रहा। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने छावनी प्रवेश में शामिल संतों का स्वागत माल्यार्पण के साथ किया।

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Mahakumbh: Saints of Niranjani entered the camp riding on elephants, horses and royal chariots.
निरंजनी अखाड़े की निकली पेशवाई। - फोटो : अमर उजाला।
राजसी ठाटबाट और हनक शनिवार को निरंजनी अखाड़े के छावनी प्रवेश में साफ दिखा। रथों, बग्घियों और घोड़ों से सजा महामंडलेश्वरों, महंतों का कारवां जिधर से गुजरा, उधर सड़कों की दोनों पटरियों पर कतारबद्ध शहरवासी हर हर महादेव और गंगा मैया की जय के उद्घोष करते रहे। सड़कें गेंदा-गुलाब की पंखुडि़यों से पट गईं। रास्ते भर नागा संन्यासियों ने तलवार, भाला, लाठी के प्रदर्शन से संतों-भक्तों का ध्यान खींचा।


शनिवार को पंचायती अखाड़ा निरंजनी के छावनी प्रवेश में संतों का शाही अंदाज देखने के लिए लोग घर-घर से निकले। अल्लापुर से दारागंज होते हुए परेड से संगम तक बाजे गाजे के साथ निरंजनी अखाड़े के संतों की शोभायात्रा हर ककी के लिए यादगार बन गई। निरंजनी अखाड़े की छावनी प्रवेश यात्रा को देखने हजारों की संख्या में प्रयागराजवासी सड़कों पर मौजूद थे। अखाड़े के साधु-संतों पर जगह-जगह पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत और अभिनंदन किया गया।




 
Mahakumbh: Saints of Niranjani entered the camp riding on elephants, horses and royal chariots.
निरंजनी अखाड़े की निकली पेशवाई। - फोटो : अमर उजाला।

आदि शंकराचार्य की प्रेरणा से 726 ईस्वी में स्थापितपंचायती निरंजनी अखाड़े की छावनी प्रवेश शोभायात्रा का शुभारंभ बाघम्बरी गद्दी मठ से हुआ। छावनी प्रवेश यात्रा में सबसे आगे धर्म ध्वजा, अखाड़े का प्रतिनिधित्व करती हुई चल रही थी। उसके पीछे नागा संन्यासियों की टोली हाथों में चांदी के छत्र, चंवर लिए महामंडलेश्वरों के रथों की शोभा बनी हुई थी। भाले और तलवार लेकर ईष्ट देव भगवान कार्तिकेय की सवारी के साथ नागा संन्यासी कलाबाजियां करते चल रहे थे। ईष्ट देव की सवारी के पीछे ढोल-ताशे, लाव-लश्कर के साथ हाथी, घोड़ों और ऊंट पर सवार नागा संन्यासियों का जत्था चल रहा था। जो शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा

Mahakumbh: Saints of Niranjani entered the camp riding on elephants, horses and royal chariots.
निरंजनी अखाड़े की निकली पेशवाई। - फोटो : अमर उजाला।

एकता और समरसता निरंजनी अखाड़े का मूलमंत्र: रवींद्र पुरी

छावनी प्रवेश शोभायात्रा मठ बाघम्बरी गद्दी से निकल कर भरद्वाजपुरम के लेबर चौहारे से मटियारा रोड होते हुए अलोपी देवी मंदिर तक पहुंची। यहां पर प्रवेश यात्रा के स्वागत के लिए प्रयागराज नगर निगम की ओर रंगोली बनाई गई थी और पुष्प वर्षा की जा रही थी। नागा संन्यासियों की टोली के साथ ही अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रविंद्र पुरी जी साधु-संतों के साथ चल रहे थे। उन्होंने बताया कि एकता और समरसता निरंजनी अखाड़े का मूल मंत्र है। महाकुम्भ की छावनी साधु-संन्यासियों के लिये शिक्षा-दीक्षा का केंद्र होती है। इस महाकुम्भ के अवसर पर निरंजनी अखाड़ा हजारों की संख्या में नये नागा संन्यासियों को दीक्षा देगा, जो आने वाले वर्षों में सनातन धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देंगे।

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Mahakumbh: Saints of Niranjani entered the camp riding on elephants, horses and royal chariots.
निरंजनी अखाड़े की निकली पेशवाई। - फोटो : अमर उजाला।

आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद और पूर्व मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति भी रथ पर पहुंचीं

निरंजनी अखाड़े की छावनी प्रवेश यात्रा में आनंद अखाड़ा भी परंपरा अनुसार साथ में ही प्रवेश करता है। प्रवेश यात्रा में अखाड़ों के आचार्य, महामंडलेश्वर फिर महामहामंडलेश्वर इनके बाद आचार्य महामंडलेश्वर पद क्रमानुसार चल रहे थे। प्रवेश यात्रा में निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि, बाघम्बरी गद्दी के पीठाधीश्वर बलबीर गिरि, पूर्व मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के पीछे सौकड़ों की संख्या में साधु- नागा संन्यासी रथों पर सवार होकर चल रहे थे।

मेला प्रशासन के अधिकारियों ने साधु-संतों का माल्यार्पण और पुष्प वर्षा कर स्वगात किया। इसके पश्चात पांटून पुल से गुजर कर महाकुंभ के आखाड़ा परिसर में छावनी प्रवेश हुआ। बाजे-गाजे और मंत्रोच्चार-पूजन के साथ ईष्ट देव भगवान कार्तिकेय को छावनी में स्थापित कर, साधु-संन्यासियों ने हर-हर महादेव और गंगा मैया की जय का उद्घोष किया।

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Mahakumbh: Saints of Niranjani entered the camp riding on elephants, horses and royal chariots.
निरंजनी अखाड़े की निकली पेशवाई। - फोटो : अमर उजाला।
निरंजनी अखाड़े की निकली पेशवाई।
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