भ्रष्टाचार का महाकुंभ : साल स्लीपर टूटने से नागवासुकि पुलिया धंसी, आवागमन ठप
पुलिया टूटने के बाद आवागमन ठप हो गया है। मरम्मत शुरू करा दी गई है। नागवासुकि पुलिया टूटने की घटना रविवार को दिन में करीब 11 बजे हुई। बसावट का सामान लाद कर टेंट प्रदाता कंपनी का ट्रैक्टर नागवासुकि के सामने सेक्टर छह में प्रवेश कर रहा था।
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महाकुंभ में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं को गंगापार उतारने के लिए बनाए गए पांटून पुलों और पुलियों की पोल एक-एक कर खुलती जा रही है। मेला क्षेत्र को जोड़ने वाली नागवासुकि पांटून पुलिया रविवार को टूट गई। इससे एक ट्रैक्टर ट्रॉली समेत पलट गया।
इस हादसे के बाद मेला क्षेत्र में सड़कों-पुलों के अस्थायी निर्माण को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिया टूटने के बाद आवागमन ठप हो गया है। मरम्मत शुरू करा दी गई है। नागवासुकि पुलिया टूटने की घटना रविवार को दिन में करीब 11 बजे हुई। बसावट का सामान लाद कर टेंट प्रदाता कंपनी का ट्रैक्टर नागवासुकि के सामने सेक्टर छह में प्रवेश कर रहा था। ट्रैक्टर ट्रॉली समेत जैसे ही पुलिया पर चढ़ा, साल स्लीपर चरमराकर टूट गए। इसी के साथ पुलिया धंसने से ट्रैक्टर पलट गया।
ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से अफरातफरी मच गई। आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। कुछ देर में राहत और बचाव कार्य शुरू हो गया। संयोग था कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, अन्यथा बड़ा हादसा भी हो सकता था। घंटों मशक्कत के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली को निकालकर वहां से हटाया गया। वहीं, पुलिया धंसने से यातायात ठप हो गया। देर रात तक इस पुलिया से आवागमन शुरू नहीं हो सका था।
लोक निर्माण विभाग के जेई-ठेकेदारों ने मौके पर पहुंचकर नए सिरे से मरम्मत कार्य आरंभ करा दिया है। इससे पहले शनिवार को ओल्ड जीटी पांटून पुल के दो पीपे धंस गए थे। इस पांटून पुल के साल स्लीपर भी कई जगह दबकर टूट गए हैं और गड्ढे नजर आने लगे हैं। कहा जा रहा है कि कमोवेश सभी पांटून पुलों में घटिया स्तर की सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। 13 जनवरी को महाकुंभ का प्रथम पौष पूर्णिमा का स्नान है। समय रहते अगर इस ओर आला अफसरों ने संजीदगी नहीं दिखाई तो दिक्कतें बढ़ने से इन्कार नहीं किया जा सकता।