Mahakumbh : रक्षा संपदा विभाग की 421 एकड़ भूमि पर बसेगा महाकुंभ मेला, पार्किंग के लिए भी मिली 500 एकड़ भूमि
2019 के कुंभ में लगभग 385 एकड़ रक्षा भूमि मेले के लिए दी गई थी। वहीं, महाकुंभ के लिए 421 एकड़ रक्षा भूमि दी गई है। इसके अलावा 500 एकड़ भूमि महाकुंभ की पार्किंग के लिए मेला प्राधिकरण को दी गई है। रक्षा मंत्रालय ने पार्किंग के लिए भूमि एक अगस्त 2024 से 28 फरवरी 2025 तक के लिए अस्थायी तौर पर दी है।
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रक्षा संपदा विभाग ने महाकुंभ 2025 के लिए भूमि आवंटित कर दी है। महाकुंभ मेला रक्षा संपदा विभाग की 421 एकड़ भूमि पर बसेगा। इसमें परेड मैदान से लेकर संगम क्षेत्र तक का हिस्सा शामिल है। मेला के लिए अस्थायी तौर पर रक्षा भूमि 30 जून 2025 तक के लिए दी गई है। कुंभ 2019 के मुकाबले इस वर्ष रक्षा संपदा विभाग ने अधिक भूमि महाकुंभ के लिए दी है।
2019 के कुंभ में लगभग 385 एकड़ रक्षा भूमि मेले के लिए दी गई थी। वहीं, महाकुंभ के लिए 421 एकड़ रक्षा भूमि दी गई है। इसके अलावा 500 एकड़ भूमि महाकुंभ की पार्किंग के लिए मेला प्राधिकरण को दी गई है। रक्षा मंत्रालय ने पार्किंग के लिए भूमि एक अगस्त 2024 से 28 फरवरी 2025 तक के लिए अस्थायी तौर पर दी है।
500 एकड़ सैन्य भूमि पर एक दर्जन पार्किंग बनाने के लिए मेला प्राधिकरण को एनओसी दी गई है। मेला प्राधिकरण की मांग पर रक्षा संपदा मुख्यालय मध्य कमान ने लगभग 500 एकड़ भूमि अलग-अलग हिस्से में देने की स्वीकृति दी है। इसमें बड़ा बघाड़ा, भारत स्काउट, वीर अब्दुल हमीद द्वार के सामने, आईईआरटी, केंद्रीय विद्यालय ओल्ड कैंट, नेहरू पार्क के पास और झूंसी के चीनी मिल में अस्थायी पार्किंग बनाने की अनुमति दी है। रक्षा संपदा अधिकारी अमित मिश्रा ने बताया कि बड़ा बघाड़ा में तीन, आईईआरटी और झूंसी चीनी मिल में दो-दो पार्किंग बनाने की अनुमति दी गई है।
पहली बार वीर अब्दुल हमीद द्वार के पास होगी पार्किंग
इस बार के महाकुंभ में पहली बार वीर अब्दुल हमीद द्वार के पास भी अस्थायी पार्किंग बनाई जाएगी। इससे पहले यहां पर पार्किंग की व्यवस्था नहीं थी। मगर महाकुंभ 2025 के दौरान यहां पर वाहन खड़े करने की अस्थायी व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।
महाकुंभ 2025 के लिए रक्षा मंत्रालय ने अस्थायी तौर पर 421 एकड़ भूमि आवंटित की है। कुंभ 2019 की अपेक्षा इस वर्ष अधिक रक्षा भूमि मेले के लिए दी गई है। - अमित मिश्रा, रक्षा संपदा अधिकारी