Mahakumbh : गंगा स्नान के बाद ठीक हो गया लाॅरेन पाॅवेल का स्वास्थ्य, भीड़ के चलते खराब हो गई थी तबीयत
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मंगलवार को जारी एक बयान के मुताबिक, सनातन धर्म के बारे में जानने का उनका उत्साह बरकरार है। लाॅरेन पाॅवेल अपने गुरु निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि के शिविर में पहुंचीं है। कैलाशानंद गिरि ने उनका कमला नामकरण किया है।
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महाकुंभ में भारी भीड़ से अभिभूत एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी प्रयागराज पहुंचने के बाद अस्वस्थ हो गईं। उनका स्वास्थ्य कुछ गड़बड़ हो गया, लेकिन गंगा स्नान और आराम के बाद उनकी हालत में सुधार हो रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मंगलवार को जारी एक बयान के मुताबिक, सनातन धर्म के बारे में जानने का उनका उत्साह बरकरार है। लाॅरेन पाॅवेल अपने गुरु निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि के शिविर में पहुंचीं हैं। कैलाशानंद गिरि ने उनका कमला नामकरण किया है।
सरकारी बयान में स्वामी कैलाशानंद के हवाले से कहा गया है लॉरेन सोमवार को थोड़े समय के लिए अस्वस्थ थीं, लेकिन गंगा स्नान और आराम के बाद बेहतर महसूस कर रही हैं। सनातन धर्म के बारे में गहराई से जानने का उनका उत्साह बरकरार है। स्वामी कैलाशानंद ने एक समाचार एजेंसी को बताया कि भीड़ के कारण उन्हें कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने अपनी नई शिष्या पाॅवेल को सनातन धर्म में गहरी रुचि रखने वाली सरल और विनम्र महिला बताया। उन्होंने कहा कि वह अहंकार से मुक्त हैं और अपने गुरु के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं।
रवींद्र पुरी- बोले सनातन धर्म में गहरी रुचि रखती हैं पाॅवेल
उन्होंने कहा कि उनके सभी प्रश्न सनातन धर्म के इर्द-गिर्द घूमते हैं और उन्हें उत्तरों में बहुत खुशी और संतुष्टि मिलती हैं। पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के प्रमुख महंत रवींद्र पुरी ने बताया कि लॉरेन की आध्यात्मिकता की खोज उन्हें महाकुंभ में ले आईं। यहां उनको नया नाम दिया गया है। वह बहुत ही सरल, सौम्य हैं और यहां हैं। आध्यात्मिकता की उनकी खोज उन्हें यहां ले आई। जिस तरह से उन्होंने अखाड़े में खुद को संचालित किया है उससे यह स्पष्ट होता है कि दुनिया के सबसे अमीर और सबसे प्रसिद्ध लोगों में से एक होने के बावजूद, वह अहंकार रहित हैं और दिखावा नहीं करती हैं।
यहां वह सादे कपड़े पहनती हैं और आचरण करती हैं। वह लो प्रोफाइल रहती हैं। वह यहां हमारी शाश्वत और कालजयी सनातनी संस्कृति, सभी चेतनाओं के मूल को देखने आई हैं। वह यहां सनातनी आस्था के प्रहरियों, साधु-संतों से मिल रही हैं। पुरी ने कहा कि कहा कि लॉरेन पहली बार कुंभ में आई हैं। यह पूछे जाने पर कि वह कितने समय तक यहां रहेंगी। वह रविवार को हमारे घर, निरंजनी अखाड़े में आईं और कुछ दिनों तक यहां रहेंगी।