Mahakumbh 2025: राजमहलों को मात देते वीआईपी कैम्प बढ़ाएंगे मेले की शोभा; डिजिटल गैलरी बताएगी महाकुंभ का सार
मेला क्षेत्र में 07 अखाड़ों का घेरा बनाकर तैयार किया जा चुका है। नौ पुलिस थाने और पांच चौकियों का काम अंतिम चरण में है। 100 फीट लंबे प्रवेश द्वार तैयार किए जाएंगे, जो पर्यटकों को भाव विभोर करेंगे। योगी सरकार के निर्देश पर देश दुनिया के संतों के लिए अभूतपूर्व व्यवस्था होगी।
विस्तार
महाकुंभ को लेकर योगी सरकार के निर्देश पर देश-दुनिया के संतों और श्रद्धालुओं के लिए प्रयागराज में अभूतपूर्व इंतजाम किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप इस बार के महाकुंभ को दिव्य, नव्य और भव्य बनाने में अफसर दिन रात जुटे हैं। जैसे-जैसे महाकुंभ की पवित्र घड़ी नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे मेला अपना आकार लेता जा रहा है। मेला क्षेत्र में 07 अखाड़ों का घेरा बनाकर तैयार किया जा चुका है। साथ ही नौ थाने और पांच पुलिस चौकियों के निर्माण का काम अपने अंतिम चरण में है। इसके अलावा नौ ऐसे वीआईपी कैम्प भी बनाए जा रहे हैं, जो बड़े-बड़े राजमहलों को मात दे दें। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ये कैम्प आकर्षण का केंद्र होंगे। इनमें 14/28 फीट के आकर्षक कमरे बनाए जा रहे हैं, जिनमें जरूरत के हर इंतजाम मौजूद रहेंगे।
100 फीट लंबे प्रवेश द्वार बनाए जाने की योजना
संत महात्मा के साथ ही देश विदेश के 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के महाकुंभ में पहुंचने का अनुमान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चाहते हैं कि इस बार के महाकुंभ को सांस्कृतिक दृष्टि से अविस्मरणीय बनाया जाए। सीएम योगी के निर्देश पर अफसर रात दिन मौके पर खुद खड़े होकर काम करवाते देखे जा सकते हैं। सबसे खास बात ये है कि श्रद्धालुओं को मेले के प्रवेश द्वार पर ही अद्भुत नजारे देखने को मिलेंगे। यहां जगह-जगह 100 फीट लंबे प्रवेश द्वार बनाए जाने की योजना है, जो अपनी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत दृश्य प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही वीआईपी कैम्प को महाराजा टेंट की स्टाइल में बनाया जा रहा, जो पर्यटकों के लिए अच्छा खासा आकर्षण बनने जा रहा है। अरैल में काम सबसे तेज गति से चल रहा है। इसके अलावा सर्किट हाउस के काम ने भी गति पकड़ ली है। यहां तीन थाने अरैल में बनाए जा चुके हैं। झूंसी की पुलिस लाइन का भी काम दिन रात चल रहा है। बहुत जल्द इनका काम पूरा होते ही समुद्रकूप से लेकर साधु कुटी तक विभिन्न सेक्टरों में मेला क्षेत्र जगमगा उठेगा।
स्टील के फ्रेम और लोहे की पाइप से बनाया जा रहा है मजबूत कैम्प
देश विदेश से आने वाले संतों और श्रद्धालुओं के लिए कैम्प बनाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। यहां पर जो कैम्प बनाए जा रहे हैं, उनमें स्टील के फ्रेम और लोहे की पाइप का इस्तेमाल किया जा रहा है। पूरा फोकस कैंप की आज सज्जा के साथ ही इसके बेस को मजबूत बनाने पर है। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
डिजिटल गैलरी के माध्यम से होगा महाकुंभ का अद्भुत अनुभव
प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ-2025 को दिव्य और भव्य बनाने के सभी संभव प्रयास हो रहे हैं। मेला प्राधिकरण महाकुंभ 2025 को सीएम योगी के विरासत और विकास के विजन के मुताबिक डिजिटल महाकुंभ के तौर पर भी विकसित कर रहा है। इस दिशा में महाकुंभ की पौराणिक परंपरा और गाथा को वीआर (वर्चुअल रियलिटी) और डिजीटल तकनीक के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए डिजिटल महाकुंभ एक्सपीरिएंस सेंटर बनाया जा रहा है। 27 नवंबर के अपने प्रयागराज दौरे में सीएम योगी डिजिटल महाकुंभ एक्सपीरिएंस सेंटर की रूपरेखा का अवलोकन करेंगे। डिजिटल महाकुंभ एक्सपीरिएंस सेंटर वर्चुअल रियलिटी, होलोग्राम और डिजिटल प्रोजेक्शन की तकनीक से महाकुंभ, त्रिवेणी संगम और प्रयागराज महात्म्य की पौराणिक कथाओं को दर्शाएगा।
प्रदर्शित किया जाएगा महाकुंभ का सार
डिजिटल महाकुंभ एक्सपीरियंस सेंटर में आठ गैलरियां बनाई जा रही हैं जो आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से समुद्र मंथन और महाकुंभ की गाथाओं का प्रदर्शन करेंगी। यहां तक की इमर्सिव वॉक-वे गैलरी में वर्चुअल तकनीक के माध्यम से विजिटर स्वयं समुद्र मंथन की घटना का अनुभव कर सकेंगे। इमर्सिव वॉक-वे गैलरी परंपरा को नवाचार के साथ जोड़ती है तो मिस्टिक वॉक-वे महाकुंभ की आध्यात्मिक आभा का अवलोकन करवाएगी। वर्चुअल रियलिटी और एलईडी टनल में समुद्र मंथन की कथा, कुम्भ, प्रयागराज और त्रिवेणी संगम के समृद्ध इतिहास और विरासत की अनोखी अनुभूति करवाएगा। वहीं होलोग्राम और डिजिटल प्रोजेक्शन के माध्यम से महाकुंभ के सार को प्रदर्शित किया जाएगा। महाकुंभ के अनूठे अनुभव को संजोने और उन्हें घर ले जाने के लिए विशेष स्मृति चिह्नों का सॉवेनियर स्टोर बनाया गया है।