Mahakumbh 2025 : संगम और ऐरावत घाट पर बना रहा दबाव, सवा करोड़ से ज्यादा ने लगाई डुबकी
रोकटोक और पाबंदियों के बीच रविवार को लाखों श्रद्धालु शहर पहुंचे। मेला क्षेत्र में मौनी अमावस्या जैसी भीड़ नहीं दिखी, लेकिन प्रमुख मार्गों पर स्नानार्थियों का रेला देर रात तक बना रहा। स्नानार्थियों का संगम और ऐरावत घाट पर अधिक दबाव रहा। प्रशासन के मुताबिक, रविवार शाम तक करीब सवा करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई।
वसंत पंचमी अमृत स्नान पर्व सोमवार को है। सरकार की ओर से इस दिन चार से छह करोड़ लोगों के स्नान की उम्मीद जताई गई है। हालांकि, वसंत पंचमी रविवार को ही लग गई। इसके अलावा रविवार को अवकाश भी रहा। ऐसे में रविवार को भोर से ही स्नानार्थियों के आने का क्रम शुरू हो गया था। काली मार्ग, बांध, सेक्टर-19 और 20 के प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा।
मेला क्षेत्र में दो पहिया वाहन भी प्रतिबंधित हैं। ऐसे में लोग पैदल ही संगम की तरफ बढ़े जा रहे थे। ज्यादातर श्रद्धालु संगम स्नान की चाहत लेकर आए थे, लेकिन पांटून पुल बंद थे। ऐसे में झूंसी की तरफ के लोग संगम की तरफ नहीं आ पाए। इसकी वजह से संगम के अलावा झूंसी की तरफ ऐरावत घाट पर स्नानार्थियों की लगातार भीड़ बनी रही। स्नान के बाद लोगों को अपने कपड़े और अन्य साथियों को ढूंढ़ना मुश्किल हो रहा था।
संतों, श्रद्धालुओं पर होगी पुष्प वर्षा
अंतिम अमृत स्नान पर्व वसंत पंचमी पर संतों और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की जाएगी। इसके लिए 22 क्विंटल से अधिक गुलाब की पंखुड़ियों का इंतजाम किया गया है। पुष्प वर्षा सुबह करीब पौने सात बजे से होगी।
नए एसडीएम को मिली जिम्मेदारी, प्रमुख मार्गों की देखेंगे हर व्यवस्था
वसंत पंचमी अमृत स्नान पर्व पर मेला प्रशासन की ओर से द्विस्तरीय व्यवस्था की गई है। प्रमुख मार्गों और स्थलों पर एसडीएम स्तर के पांच अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है, जो भीड़ प्रबंधन के साथ अन्य व्यवस्था भी देखेंगे।
मौनी अमावस्या पर हुए हादसों के बाद आईएएस आशीष गोयल और भानु चंद्र गोयल के अलावा एडीएम स्तर के पांच अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन्हें जोनवार ड्यूटी दी गई है। इसी क्रम में पांच पीसीएस स्तर के अफसरों को सेक्टर स्तर पर तैनाती दी गई है।
इसके तहत फिरोजाबाद से आए शिवध्यान पांडेय को ओल्ड जीटी से मुक्ति मार्ग, संगम लोअर और इंटरलॉकिंग मार्ग पर तैनाती दी गई है। झांसी से आए राम कुमार को गंगा मूर्ति तिराहे से नागवासुकि मोड़, उन्नाव के प्रशांत कुमार नायक को झूंसी में टीकरमाफी ढाल से सोह्म आश्रम, महावीर-रामानंदाचार्य मार्ग की जिम्मेदारी दी गई है।
सीतापुर के पराग माहेश्वरी को त्रिवेणी-संगम लोअर मार्ग से महावीर मार्ग और महावीर मुक्ति मार्ग से त्रिवेणी मुक्ति मार्ग व नोएडा से आए देवेंद्र प्रताप को काली मार्ग से संगम अपर और त्रिवेणी चौराहे तक की जिम्मेदारी दी गई है। ये अफसर इन मार्गों पर भीड़ नियंत्रण के साथ स्नान घाटों का निर्धारण, पांटून पुलों और बेरिकेडिंग समेत अन्य काम देखेंगे।
अफसरों ने देखी व्यवस्था
शासन की ओर से तैनात यूपीपीसीएल के चेयरमैन आशीष गोयल ने कंट्रोल रूम से मेले की व्यवस्था देखी। साथ ही बैठक कर यातायात व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। इसी क्रम में राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने संगम क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने स्नान घाट के अलावा अन्य प्रमुख स्थलों के साथ आवागमन की व्यवस्था को परखा। उन्होंने एनाउंसमेंट सिस्टम आदि का भी परीक्षण किया। राहत आयुक्त ने स्नानार्थियों के आने-जाने का मार्ग अलग-अलग और व्यवस्थित करने के निर्देश दिए l उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित हो कि स्नान पर्व के दिन किसी भी दशा में कोई वाहन मेला क्षेत्र में प्रवेश न करे। इस दौरान आईपीएस पीयूष सिंह समेत अनेक अफसर मौजूद रहे।
अमृत स्नान के दौरान अखाड़ों के नजदीक नहीं जा पाएंगे श्रद्धालु
अमृत स्नान के मद्देनजर अखाड़ा मार्ग और स्नान घाट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अखाड़ा मार्ग की दो स्तर पर सुरक्षा होगी। इसके तहत स्नान घाट पर भी दो गलियारे बनाए गए हैं। भीतर का इलाका अखाड़ों के लिए सुरक्षित होगा। वहीं, दूसरे और बाहरी गलियारे में सुरक्षा कर्मी तैनात रहेंगे। बाहर वाले गलियारे की बेरिकेडिंग पर जाली भी लगाई गई है। ताकि, श्रद्धालु भीतर न जा सकें।