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महाकुंभ : पांटून पुल निर्माण के लिए स्टील ढुलाई की निविदा में गड़बड़ी, लोकायुक्त ने साक्ष्यों के साथ किया तलब

Sat, 29 Jul 2023 01:46 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 29 Jul 2023 01:46 PM IST
सार

महाकुंभ की तैयारियां शुरू होने के साथ ही अस्थाई कार्यों के लिए निविदाएं आरंभ हो गई हैं। इस बार गंगा पर 27 पांटून पुल बनाए जाने हैं। इसके लिए अभी से पीपा निर्माण की तैयारी आरंभ कर दी गई है। इसी क्रम में पीडब्ल्यूडी विद्युत यांत्रिक खंड ने बीते जून महीने में ही स्टील ढुलाई के लिए निविदा कराई।

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Mahakumbh 2025: Irregularity in steel transportation tender for construction of Pontoon bridge, inquiry commit
माघ मेला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महाकुंभ-2025 के लिए गंगा पर बनने वाले पांटून पुलों के पीपा निर्माण के कार्यों के लिए स्टील खरीद और ढुलाई की निविदाओं में गड़बड़ी की लोकायुक्त ने जांच शुरू कर दी है। लोकायुक्त संजय मिश्रा ने विद्युत यांत्रिक खंड के अधीक्षण अभियंता आरएम श्रीवास्तव और एक्सईएन दिनेश कुमार को इस मामले में रिकॉर्ड के साथ तलब किया है। स्टील ढुलाई की दो निविदाओं में यह गड़बड़ी की गई है। इसमें एक 5459 टन और दूसरी 4500 टन स्टील ढुलाई की निविदाओं में व्यापक गड़बड़ी सामने आने के बाद जांच के आदेश दिए हैं।

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महाकुंभ की तैयारियां शुरू होने के साथ ही अस्थाई कार्यों के लिए निविदाएं आरंभ हो गई हैं। इस बार गंगा पर 27 पांटून पुल बनाए जाने हैं। इसके लिए अभी से पीपा निर्माण की तैयारी आरंभ कर दी गई है। इसी क्रम में पीडब्ल्यूडी विद्युत यांत्रिक खंड ने बीते जून महीने में ही स्टील ढुलाई के लिए निविदा कराई। छह जून को कराई गई निविदा में आठ कंपनियों ने हिस्सा लिया। 29 जून को टेंडर खोला गया था।

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आरोप है कि इसमें अपात्र कंपनियों को ठेका दे दिया गया। मेसर्स सूर्या कंस्ट्रक्शन कंपनी की स्नेहलता ने पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव के अलावा लोकायुक्त से इस मामले की शिकायत की। प्रमुख सचिव के निर्देश पर इस मामले की जांच प्रमुख अभियंता खुद कर रहे हैं, जबकि लोकायुक्त ने बृहस्पतिवार को इस मामले में पीडब्ल्यूडी के विद्युत यांत्रिक खंड के एक्सईएन दिनेश कुमार और अधीक्षण अधीक्षण अभियंता आरएम श्रीवास्तव को तलब किया था।

इस ठेके में नियमों को ताक पर रखकर जिन कंपनियों को काम दिया गया, उनमें खुशबू इंजीनियरिंग वर्क्स ने निविदा में हैसियत प्रमाणपत्र ही प्रस्तुत नहीं किया है। जबकि, बिना हैसियत प्रमाण पत्र के ठेका स्वीकृत किया ही नहीं जा सकता। इतना ही नहीं इस कंपनी का पीडब्ल्यूडी के किसी भी खंड में पंजीयन तक नहीं है।

इसी तरह नॉर्दन इंडिया कंस्ट्रक्शन कंपनी का भी पीडब्ल्यूडी के किसी भी डिवीजन में पंजीयन नहीं है। इस कंपनी ने भी हैसियत प्रमाण पत्र और चरित्र प्रमाणपत्र नहीं लगाया है। सबसे अहम बात यह है कि इन निविदाओं को प्रहरी एप के माध्यम से खोला जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसमें एक टेंडर 24 लाख रुपये का है और दूसरा 31 लाख रुपये का। नैनी स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया के स्टोर से परेड स्थित मेला स्टोर तक स्टील की ढुलाई होनी है।

स्टील अथॉरिटी का ढुलाई रेट प्रति टन 266 रुपये है। जबकि विभाग की ओर से महाकुंभ में स्टील की ढुलाई के लिए सरकारी रेट 854 रुपये प्रति टन निर्धारित किया गया है। इस निविदा के तहत 40 प्रतिशत न्यूनतम दर पर ठेका स्वीकृत किया गया है, जिसकी दर प्रति टन 479 रुपये है। यह भी स्टील अथॉरिटी की दर से 219 रुपये प्रति टन ज्यादा है। फिलहाल इस मामले की जांच शुरू होने से अफरातफरी मच गई है।

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