Mahakumbh 2025: महाकुंभ में भीड़ नियंत्रित करेंगे 11 जिलों के 130 घोड़े, प्रशिक्षित 165 घुड़सवारों की भी तैनात
महाकुंभ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इसी को देखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कैमरों के साथ तमाम हाईटेक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
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महाकुंभ में इस बार भीड़ नियंत्रण के लिए 11 जिलों से आए पुलिस के 130 घोड़े भी लगाए जाएंगे। प्रदेश के अलग-अलग जिलों व इकाइयों से आने वाले इन घोड़ों की कमान 165 घुड़सवार संभालेंगे। 30 नवंबर तक इनकी आमद हो जाएगी और फिर इन्हें घाटों, पांटून पुलों व अन्य स्थानों पर अभ्यास कराया जाएगा।
महाकुंभ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इसी को देखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कैमरों के साथ तमाम हाईटेक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इसके साथ ही भीड़ नियंत्रण के लिए परंपरागत तरीकों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इसी के तहत इस बार मेला पुलिस के बेड़े में घुड़सवार पुलिस के घोड़ाें व जवानों की संख्या में भी भारी इजाफा किया गया है।
इस बार कुल 130 घोड़े तैनात किए जाएंगे जिन्हें घुड़सवार पुलिस के 165 जवान नियंत्रित करेंगे। यह घोड़े मेरठ, अलीगढ़, आगरा, बरेली, कानपुर लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, गोरखपुर, पुलिस अकादमी मुरादाबाद व पुलिस प्रशिक्षण केंद्र सीतापुर से आएंगे। अफसरों का मानना है कि पांटून पुलों, संगम नोज व अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर घुड़सवार पुलिस की भीड़ प्रबंधन में अहम भूमिका होगी।
मेले में घुड़सवार पुलिस की कमान संभालने वाले पुलिस अफसर ने बताया कि 30 नवंबर तक घोड़े व जवान आमद करा लेंगे। इसके बाद से उनका अभ्यास शुरू करा दिया जाएगा। अगले एक महीने तक उन्हें मेले में भीड़ के लिहाज से संवेदनशील चिह्नित किए गए सभी स्थान से पूरी तरह परिचित करा दिया जाएगा।
शहर क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालेगी जनपदीय इकाई
खास बात यह है कि भीड़ प्रबंधन के लिए मेले में तैनात किए जाने वाले घोड़े व जवान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से तो होंगे, लेकिन इनमें प्रयागराज के घोड़े व जवान शामिल नहीं होंगे। दरअसल जनपदीय कमिश्नरेट पुलिस की घुड़सवार इकाई में तैनात 19 घोड़े व 22 जवान शहर क्षेत्र व जंक्शन के आसपास भीड़ नियंत्रण में लगाए जाएंगे।