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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Magh Mela 2023: Puri Shankaracharya Swami Nischalanand reached Magh Mela, will stay till January 26

Magh Mela 2023 : पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद माघ मेला पहुंचे, 26 जनवरी तक करेंगे प्रवास

Tue, 17 Jan 2023 12:53 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 17 Jan 2023 12:53 AM IST
सार

गोवर्धनपुरी मठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद महाराज सोमवार को माघ मेला के शिविर पहुंचे। वहां संतों और भक्तों ने उनका स्वागत किया। शंकराचार्य शिविर में 26 जनवरी तक प्रवास करेंगे।

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Magh Mela 2023: Puri Shankaracharya Swami Nischalanand reached Magh Mela, will stay till January 26
प्रयागराज पहुंचे शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोवर्धनपुरी मठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद महाराज सोमवार को माघ मेला के शिविर पहुंचे। वहां संतों और भक्तों ने उनका स्वागत किया। शंकराचार्य शिविर में 26 जनवरी तक प्रवास करेंगे।

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द्वाराचार्य स्वामी रामकमल दास वेदांती ने बहाई रामभक्ति की गंगा
द्वाराचार्य स्वामी डॉ. रामकमल दास वेदांती ने सोमवार को खाक चौक स्थित सतुआ बाबा के शिविर में रामभक्ति की गंगा बहाई। इसी के साथ संगीतमय रामकथा का शुभारंभ हो गया। संगीतमय रामकथा में पहले दिन वेदांती महाराज ने नाम की महिमा का बखान किया। कथा सुनने के लिए संतों भक्तों की भीड़ लगी रही। इससे पहले महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा ने कथा मर्मज्ञ संत का स्वागत किया।

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क्रिया योग शिविर में योगी सत्यम ने दिया प्रेम-दया-करुणा का संदेश

सोमवार को त्रिवेणी रोड के गंगातट पर स्थित क्रियायोग शिविर में योग गुरु स्वामी योगी सत्यम ने प्रेम, अहिंसा, दया, करुणा के सूत्र में समाज को बांधने के लिए योग की विधि अपनाने का संदेश दिया। इस दौरान दुनिया के कई देशों के अनुयायियों को उन्होंने शिविर में क्रियायोग का अभ्यास कराया। दीप प्रज्जवलन के बादक्रियायोग पर उन्होंने विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मानव का लक्ष्य यह अनुभव करना है कि जगत की सभी रचनाएं आपस में इस प्रकार जुड़ी हैं कि उनके बीच दूरी शून्य है। इसी स्थिति को योग कहते है। धर्म एवं धार्मिकता वह व्यवस्था है, जिसमें मानव योग की अवस्था प्राप्त करने में सफल हो जाता है। धर्ममय होते ही व्यक्ति का पूरा अस्तित्व अंहिसामय हो जाता है। इस मौके परअमेरिका, कनाडा, यूरोप, ब्राजील, पुर्तगाल, नेपाल, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड के साधकों ने भाग लिया।

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