Prayagraj : माफिया के गुर्गाें ने 282 करोड़ की जमीन पर कर दी अवैध प्लॉटिंग, अब तक नहीं दर्ज हुई एफआईआर
माफिया के गुर्गाें ने प्रयागराज में लगभग 282 करोड़ रुपये की जमीन पर अवैध प्लॉटिंग कर दी। लगभग 141 बीघा जमीन को सरकारी नियमों को ठेंगा दिखाते हुए बेचना शुरू कर दिया। इन पर बुलडोजर तो चलाया गया, लेकिन एफआईआर अब तक नहीं दर्ज कराई जा सकी है।
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माफिया के गुर्गाें ने प्रयागराज में लगभग 282 करोड़ रुपये की जमीन पर अवैध प्लॉटिंग कर दी। लगभग 141 बीघा जमीन को सरकारी नियमों को ठेंगा दिखाते हुए बेचना शुरू कर दिया। इन पर बुलडोजर तो चलाया गया, लेकिन एफआईआर अब तक नहीं दर्ज कराई जा सकी है। करोड़ों की जमीन पर अवैध प्लाॅटिंग का खेल करने वाले कुछ माफिया गैंग के लिस्टेड सदस्य हैं तो कई अतीक के साथ सहअभियुक्त भी रह चुके हैं। प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने पांच अप्रैल से लेकर 17 अप्रैल तक अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई की। पांच अप्रैल को देवघाट झलवा, शाहा उर्फ पीपलगांव, कटहुला गौसपुर में 50 बीघा जमीन तो नौ अप्रैल को रसूलपुर मरियाडीह, रसूलपुर कासीपुर मुंडेरा में 45 बीघा जमीन पर अवैध प्लाॅटिंग ध्वस्त कराई गई।
इसी तरह 11 अप्रैल को पीपलगांव ग्रीनवैली के पीछे नौ बीघा, 16 अप्रैल को इसी स्थान पर सात बीघा और 17 अप्रैल को अहमद सिटी बक्सी व दामोपुर में 30 बीघा जमीन पर बुलडोजर चलाया। इस तरह महज 15 दिनों के भीतर कुल 141 बीघा जमीन को अवैध प्लाॅटिंग से मुक्त कराया गया। जानकारों का कहना है कि जिन जगहों पर अवैध प्लाॅटिंग ध्वस्त कराई गई, वहां जमीन की वर्तमान कीमत कम से कम 10 हजार रुपये प्रति वर्ग गज के आसपास है। इस तरह से 100 वर्ग जमीन 10 लाख व एक बीघा जमीन लगभग दो करोड़ रुपये की है। इस तरह से 141 बीघा जमीन की कीमत आंकी जाए तो यह 282 करोड़ के आसपास बैठती है।
अवैध प्लॉटिंग ढहाने की कार्रवाई तो की गई, लेकिन ऐसा करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई गई। जबकि दोबारा ऐसा न हो, इसके लिए आरोपियों पर विधिक कार्रवाई आवश्यक थी। डीसीपी नगर अभिषेक भारती का कहना है कि फिलहाल कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
इन पर आरोप, माफिया से यह है संबंध
पीडीए की ओर से जिन लोगों की अवैध प्लाॅटिंग ढहाए जाने के संबंध में जानकारी दी गई, उनमें से ज्यादातर का आपराधिक इतिहास है। वह माफिया अतीक अहमद की गैंग के सदस्य हैं और कुछ उसके सहअभियुक्त भी रह चुके हैं। जैसे मो. इमरान पुत्र मो. जई अतीक अहमद का साढ़ू व हिस्ट्रीशीटर है। अतीक अहमद का मकान गिराए जाने के दौरान कुछ दूरी पर स्थित उसके भी मकान पर बुलडोजर चला था। इसी तरह नूर हमजा भी माफिया गैंग का सदस्य है। असरौली के आफताब, शहनवाज, इस्मान गनी, आदिल कैसर, मो. तालिब का नाम भी इस सूची में शामिल है। इसी सूची में जेपी दुबे का नाम भी है जो आईएस-227 का सदस्य है और उस पर दर्जनों मुकदमे हैं। जैद खालिद भी इसी फेहरिश्त में अगला नाम है जो कभी अतीक का दाहिना हाथ रहा और बाद में देवरिया जेल में पीटे जाने के बाद अतीक पर मुकदमा दर्ज कराया।
इस मामले में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। जोनल अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है कि वह संबंधित थानों में तहरीर दें। कार्रवाई के संबंध में उनसे रिपोर्ट भी मांगी गई है। अवैध प्लाॅटिंग व निर्माण करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई का क्रम जारी रहेगा। - अजीत कुमार सिंह, सचिव पीडीए