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मदरसा बोर्ड 10वीं की परीक्षा में होंगे मात्र पांच पेपरmad
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मदरसा बोर्ड 10वीं की परीक्षा में होंगे मात्र पांच पेपर
10वीं में 20 नंबर तथा 12वीं 30 नंबर की प्रायोगिक परीक्षाएं भी होंगी
प्रयागराज। मदरसा बोर्ड की परीक्षाओं में भी यूपी बोर्ड की तर्ज बड़े बदलाव किए गए हैं। अब दसवीं में 10 के बजाय पांच ही प्रश्नपत्र होंगे। इसके अलावा 10वीं और 12वीं में प्रायोगिक परीक्षाएं भी होंगी। इतना ही नहीं पेपर में विस्तृत, लघु और अति लघु उत्तरीय सवाल पूछे जाएंगे। इसका आदेश हो चुका है। हालांकि, प्रायोगिक परीक्षाओं का प्रारूप क्या होगा इसके गाइडलाइन का अभी इंतजार है।
मदरसा बोर्ड की मुंशी मौलवी (हाईस्कूल के समकक्ष) परीक्षा में पहले 10 प्रश्नपत्र होते थे लेकिन इस बार से पांच ही पेपर होंगे। अब हर विषय के एक-एक प्रश्नपत्र होंगे। इसके अलावा पूर्व में हर विषय में 100-100 नंबर की लिखित परीक्षा होती थी लेकिन अब 80-80 नंबर की परीक्षा होगी। 20 नंबर प्रायोगिक परीक्षा के होगी। इसी तरह से आलिम (इंटरमीडिएट के समकक्ष) में पहले 100 नंबर की लिखित परीक्षा होती थी लेकिन अब 70 नंबर के ही पेपर होंगे। 30 नंबर की प्रायोगिक परीक्षा होगी। उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण शिव प्रकाश तिवारी ने बताया कि मुंशी और आलिम के पहले वर्ष की परीक्षाएं इसी आधार पर होंगी।
बना हुआ है भ्रम
मदरसा बोर्ड की परीक्षा प्रारूप में बदलाव कर दिया है लेकिन 10वीं और 12वीं में यह व्यवस्था इसी वर्ष से लागू होगी या अगले सत्र से इसे लेकर भ्रम बन गया है। मदरसों के प्रधानाचार्यों का कहना है कि नई व्यवस्था इसी वर्ष से लागू की गई है। ऐसे में पहले मुंशी और आलिम दोनों पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष की परीक्षाओं में नया परीक्षा प्रारूप लागू होना चाहिए। बोर्ड परीक्षा में अगले वर्ष से यह व्यवस्था लागू होनी चाहिए। इसके विपरीत बोर्ड की ओर से जारी दिशा निर्देश से स्पष्ट है कि इसी सत्र से बोर्ड परीक्षाएं भी नए प्रारूप के अनुरूप होंगी। हालांकि, उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण का कहना है कि नई व्यवस्था पहले वर्ष में ही लागू होगी। बोर्ड परीक्षाएं अगले सत्र से नए प्रारूप के तहत होंगी।
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25 से भरे जाएंगे परीक्षा फार्म
मदरसा बोर्ड के परीक्षा फार्म 25 अक्तूबर से भरे जाएंगे। आखिरी तारीख 25 नवंबर है।
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10वीं में 20 नंबर तथा 12वीं 30 नंबर की प्रायोगिक परीक्षाएं भी होंगी
प्रयागराज। मदरसा बोर्ड की परीक्षाओं में भी यूपी बोर्ड की तर्ज बड़े बदलाव किए गए हैं। अब दसवीं में 10 के बजाय पांच ही प्रश्नपत्र होंगे। इसके अलावा 10वीं और 12वीं में प्रायोगिक परीक्षाएं भी होंगी। इतना ही नहीं पेपर में विस्तृत, लघु और अति लघु उत्तरीय सवाल पूछे जाएंगे। इसका आदेश हो चुका है। हालांकि, प्रायोगिक परीक्षाओं का प्रारूप क्या होगा इसके गाइडलाइन का अभी इंतजार है।
मदरसा बोर्ड की मुंशी मौलवी (हाईस्कूल के समकक्ष) परीक्षा में पहले 10 प्रश्नपत्र होते थे लेकिन इस बार से पांच ही पेपर होंगे। अब हर विषय के एक-एक प्रश्नपत्र होंगे। इसके अलावा पूर्व में हर विषय में 100-100 नंबर की लिखित परीक्षा होती थी लेकिन अब 80-80 नंबर की परीक्षा होगी। 20 नंबर प्रायोगिक परीक्षा के होगी। इसी तरह से आलिम (इंटरमीडिएट के समकक्ष) में पहले 100 नंबर की लिखित परीक्षा होती थी लेकिन अब 70 नंबर के ही पेपर होंगे। 30 नंबर की प्रायोगिक परीक्षा होगी। उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण शिव प्रकाश तिवारी ने बताया कि मुंशी और आलिम के पहले वर्ष की परीक्षाएं इसी आधार पर होंगी।
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बना हुआ है भ्रम
मदरसा बोर्ड की परीक्षा प्रारूप में बदलाव कर दिया है लेकिन 10वीं और 12वीं में यह व्यवस्था इसी वर्ष से लागू होगी या अगले सत्र से इसे लेकर भ्रम बन गया है। मदरसों के प्रधानाचार्यों का कहना है कि नई व्यवस्था इसी वर्ष से लागू की गई है। ऐसे में पहले मुंशी और आलिम दोनों पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष की परीक्षाओं में नया परीक्षा प्रारूप लागू होना चाहिए। बोर्ड परीक्षा में अगले वर्ष से यह व्यवस्था लागू होनी चाहिए। इसके विपरीत बोर्ड की ओर से जारी दिशा निर्देश से स्पष्ट है कि इसी सत्र से बोर्ड परीक्षाएं भी नए प्रारूप के अनुरूप होंगी। हालांकि, उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण का कहना है कि नई व्यवस्था पहले वर्ष में ही लागू होगी। बोर्ड परीक्षाएं अगले सत्र से नए प्रारूप के तहत होंगी।
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25 से भरे जाएंगे परीक्षा फार्म
मदरसा बोर्ड के परीक्षा फार्म 25 अक्तूबर से भरे जाएंगे। आखिरी तारीख 25 नवंबर है।