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परीक्षा नियंत्रक के बाद एसटीएफ के निशाने पर अनुभाग
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LT grade paper leak case
- फोटो : AU
प्रयागराज। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में पूर्व परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार की गिरफ्तारी के बाद अब परीक्षा कराने वाला अनुभाग एसटीएफ के निशाने पर है। एसटीएफ अब अनुभाग के अधिकारी और कर्मचारियों से पूछताछ की तैयारी कर रही है।
एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के आयोजन को 29 जुलाई को एक साल पूरे हो जाएंगे। पहले ही दिन से यह परीक्षा विवादों में घिरी रही। परीक्षा वाले दिन ही एसटीएफ को पेपर आउट होने के सुराग मिल गए थे। कुछ दिनों बाद एसटीएफ ने इसकी जांच शुरू की और आयोग को परीक्षा परिणाम न जारी करने के लिए तीन पत्र भी लिखे, लेकिन आयोग ने कुछ विषयों का रिजल्ट घोषित कर दिया। आयोग की इस जल्दबाजी से विवाद बढ़ता गया और एसटीएफ ने तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों का कहना है कि परीक्षा में इतने व्यापक पैमाने पर हुई गड़बड़ी के लिए केवल परीक्षा नियंत्रक को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।
पूर्व परीक्षा नियंत्रक के अलावा आयोग के कुछ अन्य अफसर एवं कर्मचारी की भूमिका को भी संदिग्ध माना जा रहा है। ऐसे में एसटीएफ अब परीक्षा का आयोजन कराने वाले अनुभाग की भूमिका खंगाल रही है। सूत्रों के मुताबिक एसटीएफ ने आयोग से जो सूचनाएं या दस्तावेज मांगे थे, वह बंद लिफाफे में एसटीएफ को भेजे जा चुके हैं। एसटीएफ अब जांच कर रही है कि परीक्षा का आयोजन किस अनुभाग के जिम्मे था और अनुभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों की इस गड़बड़ी में क्या भूमिका हो सकती है। एसटीएफ जल्द ही इस मामले में अनुभाग के कुछ लोगों से पूछताछ भी कर सकती है।
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एसटीएफ सीओ के ऑफिस पहुंचे अभ्यर्थी
प्रयागराज। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल बृहस्पतिवार को एसटीएफ के सीओ नवेंदु सिंह से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे। हालांकि, वह शहर से बाहर गए हुए हैं। अभ्यर्थियों को बताया गया कि जांच का काम तेजी से चल रहा है। सीओ शुक्रवार को लौटेंगे। दोपहर दो बजे के बाद उनसे मुलाकात हो सकेगी। अभ्यर्थियों ने तय किया कि सीओ नवेंदु सिंह से मिलने के बाद अगर जरूरत पड़ी तो वे वाराणसी की एसटीएफ टीम से भी मिलेंगे और इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर मांग करेंगे कि जांच और परिणाम जारी करने का कार्य जल्द पूरा किया जाएगा। अभ्यर्थियों ने ई-मेल और ट्विटर पर सीएम से मिलने के लिए समय भी मांगा है। अभ्यर्थियों ने कहा कि 29 जुलाई को परीक्षा के एक वर्ष पूरे हो जाएंगे और 30 जुलाई से आयोग के सामने अभ्यर्थी आमरण अनशन शुरू करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में शेर सिंह, विक्की खान, अनिल उपाध्याय, अंगारा सोनकर, रोहितसिंह, रजनीश यादव, नितिन कुमार, विकास सिंह, सतीश सिंह आदि शामिल रहे।
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एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के आयोजन को 29 जुलाई को एक साल पूरे हो जाएंगे। पहले ही दिन से यह परीक्षा विवादों में घिरी रही। परीक्षा वाले दिन ही एसटीएफ को पेपर आउट होने के सुराग मिल गए थे। कुछ दिनों बाद एसटीएफ ने इसकी जांच शुरू की और आयोग को परीक्षा परिणाम न जारी करने के लिए तीन पत्र भी लिखे, लेकिन आयोग ने कुछ विषयों का रिजल्ट घोषित कर दिया। आयोग की इस जल्दबाजी से विवाद बढ़ता गया और एसटीएफ ने तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों का कहना है कि परीक्षा में इतने व्यापक पैमाने पर हुई गड़बड़ी के लिए केवल परीक्षा नियंत्रक को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।
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पूर्व परीक्षा नियंत्रक के अलावा आयोग के कुछ अन्य अफसर एवं कर्मचारी की भूमिका को भी संदिग्ध माना जा रहा है। ऐसे में एसटीएफ अब परीक्षा का आयोजन कराने वाले अनुभाग की भूमिका खंगाल रही है। सूत्रों के मुताबिक एसटीएफ ने आयोग से जो सूचनाएं या दस्तावेज मांगे थे, वह बंद लिफाफे में एसटीएफ को भेजे जा चुके हैं। एसटीएफ अब जांच कर रही है कि परीक्षा का आयोजन किस अनुभाग के जिम्मे था और अनुभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों की इस गड़बड़ी में क्या भूमिका हो सकती है। एसटीएफ जल्द ही इस मामले में अनुभाग के कुछ लोगों से पूछताछ भी कर सकती है।
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एसटीएफ सीओ के ऑफिस पहुंचे अभ्यर्थी
प्रयागराज। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल बृहस्पतिवार को एसटीएफ के सीओ नवेंदु सिंह से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे। हालांकि, वह शहर से बाहर गए हुए हैं। अभ्यर्थियों को बताया गया कि जांच का काम तेजी से चल रहा है। सीओ शुक्रवार को लौटेंगे। दोपहर दो बजे के बाद उनसे मुलाकात हो सकेगी। अभ्यर्थियों ने तय किया कि सीओ नवेंदु सिंह से मिलने के बाद अगर जरूरत पड़ी तो वे वाराणसी की एसटीएफ टीम से भी मिलेंगे और इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर मांग करेंगे कि जांच और परिणाम जारी करने का कार्य जल्द पूरा किया जाएगा। अभ्यर्थियों ने ई-मेल और ट्विटर पर सीएम से मिलने के लिए समय भी मांगा है। अभ्यर्थियों ने कहा कि 29 जुलाई को परीक्षा के एक वर्ष पूरे हो जाएंगे और 30 जुलाई से आयोग के सामने अभ्यर्थी आमरण अनशन शुरू करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में शेर सिंह, विक्की खान, अनिल उपाध्याय, अंगारा सोनकर, रोहितसिंह, रजनीश यादव, नितिन कुमार, विकास सिंह, सतीश सिंह आदि शामिल रहे।