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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Lok Sabha Election: TMC candidate Lalitesh challenges BJP MP's victory from Bhadohi in High Court

Lok Sabha Chunav: भाजपा सांसद की जीत को हाईकोर्ट में दी गई चुनौती, अगले सप्ताह होगी सुनवाई

Sat, 20 Jul 2024 02:56 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 20 Jul 2024 02:56 PM IST
सार

ललितेश को भाजपा प्रत्याशी विनोद कुमार बिंद ने 44,072 मतों से पराजित किया था। चुनाव लड़ते समय विनोद कुमार बिंद मिर्जापुर जिले की मंझवा सीट से निषाद पार्टी के विधायक थे। चुनाव में करारी शिकस्त पाए ललितेश पति ने याचिका में भदोही सांसद का निर्वाचन रद्द करने की मांग की है।

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Lok Sabha Election: TMC candidate Lalitesh challenges BJP MP's victory from Bhadohi in High Court
टीएमसी नेता ललितेश पति त्रिपाठी ने दाखिल की चुनाव याचिका। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

भदोही से इंडिया गठबंधन की सहयोगी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रत्याशी ललितेश पति त्रिपाठी ने अपने सामने चुनाव लड़कर सांसद बने भाजपा के विनोद कुमार बिंद की जीत को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। चुनाव याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई होने की संभावना है।

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सपा ने भदोही लोकसभा सीट तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को दी थी। टीएमसी मुखिया ममता बनर्जी ने यूपी के मुख्यमंत्री रहे कमलापति त्रिपाठी के पोते ललितेश पति त्रिपाठी को यहां से उम्मीदवार बनाया था। भदोही लोकसभा सीट में प्रयागराज की हंडिया और प्रतापपुर विधानसभा सीटें भी आती हैं।

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ललितेश को भाजपा प्रत्याशी विनोद कुमार बिंद ने 44,072 मतों से पराजित किया था। चुनाव लड़ते समय विनोद कुमार बिंद मिर्जापुर जिले की मंझवा सीट से निषाद पार्टी के विधायक थे। चुनाव में करारी शिकस्त पाए ललितेश पति ने याचिका में भदोही सांसद का निर्वाचन रद्द करने की मांग की है।

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चुनाव याचिका के मुख्य आधार

1. विनोद कुमार बिंद ने निषाद पार्टी के विधायक रहते भाजपा के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीता। उन्होंने 14 जून को विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंपा। यानी, वह लोकसभा चुनाव लड़ते समय दो पार्टी के सदस्य थे। यह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के नियमों और संविधान की 10वीं अनुसूची का उल्लंघन है।

2. नामांकन पत्र में दो कॉलम खाली छोड़ने के आधार पर अन्य दावेदारों के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए, लेकिन विनोद कुमार बिंद का पर्चा स्वीकार कर लिया गया। जबकि, भाजपा प्रत्याशी के नामांकन पत्र में कई कॉलम खाली थे।

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