लोक अदालत : जुदा 10 जोड़ों ने फिर थामा हाथ, एक ने छोड़ा हमेशा के लिए साथ
छोटी-छोटी तूं-तूं मैं-मैं से नाराज हो कर मायके गई तनु की शादी अप्रैल 2022 में शुभम से हुई थी। शादी के तीन महीने बाद ही मायके जाने के बाद पति को विदा कराने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा था। करीब दो साल बाद बात बनी और गिले -शिकवे भूल कर फिर साथ हो गए। सोरांव से आए मनोज और अंतिमा भी करीब दो साल बाद एक हुए।
विस्तार
जिला अदालत में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत मेें सुलह- समझौते के आधार पर पारिवारिक न्यायालय में 73 मामलों का निस्तारण हुआ। इसमें वर्षो से जुदा 10 जोड़ों ने फिर से अपने हमसफर का हाथ थाम कर विदा लिया, जबकि 15 साल पहले सात फेरे लेने वाले महाराष्ट्र से आए एक जोड़े ने राजी-खुशी हमेशा के लिए साथ छोड़ दिया।
छोटी-छोटी तूं-तूं मैं-मैं से नाराज हो कर मायके गई तनु की शादी अप्रैल 2022 में शुभम से हुई थी। शादी के तीन महीने बाद ही मायके जाने के बाद पति को विदा कराने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा था। करीब दो साल बाद बात बनी और गिले -शिकवे भूल कर फिर साथ हो गए। सोरांव से आए मनोज और अंतिमा भी करीब दो साल बाद एक हुए।
इसी तरह मोहम्मद एकलाख और गुलफ्शां बानो, श्वेता-राकेश, मीना देवी-अखिलेश, कविता-श्याम बाबू, कुलदीप-सरिता, संगीता-रामजीत, राकेश -प्रतिभा, पूजा देवी -सुरेंद्र कुमार ने भी अपने मतभेद मिटा कर हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा, जिला जज संतोष राय, प्रधान पारिवारिक न्यायालय के पीठासीन अधिकारी डॉ. बाल मुकुंद, अपर पारिवारिक न्यायाधीश रश्मि सिंह, निशा सिंह और सुशील कुमारी की मौजूदगी में एक-दूसरे को माला पहना कर मिठाई खिलाई और फिर से गृहस्थी सजाने के लिए घर विदा हो गए।
जिला अदालत में सुलह-समझौते से निपटे 210591 मामले
प्रयागराज। जिला अदालत में लगी लोक अदालत में कुल 21,0591 मामले निस्तारित हुए। इसमें फौजदारी के कुल 10,481 और राजस्व मामलों के 1,33,456 मामले शामिल हैं। इस अवसर पर जिला जज संतोष राय ने तीन वाद निस्तारित किए। मोटर दुर्घटना दावा से जुड़े 469 मामले मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी राम कुशल और प्रदीप कुमार ने निपटाए।
अपर जिला जज राम प्रताप सिंह राणा की अदालत में विद्युत विभाग से जुड़े 153 मामलों का निस्तारण किया गया। इसी तरह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शशि कुमार की अदालत में 4826, रेलवे मजिस्ट्रेट अमित कुमार की अदालत में 1537, यातायात की वर्चुअल कोर्ट की जज दीक्षा की अदालत में 37,400 प्री लिटिगेशन वाद निस्तारित किए गए। इससे पहले जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रयागराज की ओर से आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा ने दीप प्रज्वलित करके किया।
अध्यक्षता जिला जज संतोष राय ने की। इस अवसर पर डीजीसी क्रिमिनल गुलाब चंद्र अग्रहरि, परिवार न्यायालय की परामर्श दाता मिनाक्षी त्रिपाठी, श्वेता सिंह, अधिवक्ता अभिषेक श्रीवास्तव, बेद प्रकाश पांडेय, शीबा उस्मानी, अनीता, आरती पांडेय, मौजूद रहे। समन्वयक नोडल अधिकारी /एडीजे रविकांत द्वितीय और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दिनेश कुमार गौतम ने किया।
हाईकोर्ट में लगी लोक अदालत में 10 करोड़ प्रतिकर का भुगतान
इलाहाबाद हाईकोर्ट में उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति की ओर से राष्ट्रीय लोेक अदालत में 282 वादों का निस्तारण करते हुए पक्षकारों को 10,43,40,000 प्रतिकर दिलाया गया। वादों के निस्तारण के लिए न्यायमूर्ति विपिन चंद्र दीक्षित, न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव, न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की अदालत लगी। इस अवसर पर निबंधक न्यायिक सुरेंद्र कुमार, आलोक दुबे, कामेश शुक्ला, योगेश दुबे, ने अदालतों का सहयोग किया।