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कीनिया से चले टिड्डी दल का प्रयागराज में होगा अंत
Thu, 11 Jun 2020 12:46 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 11 Jun 2020 12:46 AM IST
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- फोटो : prayagraj
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कीनिया से हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर यहां पहुंचे टिड्डियों के दलको प्रयागराज में नेस्तनाबूत करने की रणनीति बनाई गई है। कोरांव में इसमें काफी हद तक सफलता मिलने के बाद बहादुरपुर में भी रात भर कई टीमों ने कार्रवाई को अंजाम दिया जाता रहा। देर रात तक बड़ी संख्या में टिड्डियों के खात्मे की बात कही जा रही है। प्रशासन का दावा यदि सफल हुआ तो प्रयागराज के अलावा जौनपुर, भदोही तथा आगे के अन्य जिलों के किसानों को भी टिड्डियों के आतंक से राहत मिल जाएगी।
जिला प्रशासन और कृषि विभाग के अफसरों का कहना है कि प्रयागराज के कोरांव में पहुंचा टिड्डियों का दल कीनिया से चलकर यहां पहुंचा है। उप निदेशक कृषि विनोद कुमार सिंह ने बताया कि ईरान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, पंजाब, राजस्थान, मध्यप्रदेश, होते हुए टिड्डियों का दल यहां पहुंचा है। उन्होंने बताया कि अब इन टिड्डियों को यहीं खत्म करने की तैयारी की गई है।
मंगलवार रात कोरांव में ही टीम ने जिस तरह कीटनाशक और रसायनों का छिड़काव किया और स्थानीय लोगों ने पारंपरिक उपाय किए उससे डिड्डियों की समाप्त करने में बड़ी सफलता मिली है। जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि टिड्डियों के दल से बचाव की तैयारी थी, सो सफलता भी मिली। प्रयासों का ही नतीजा रहा कि 60 से 65 फीसदी टिड्डियों को कोरांव में ही समाप्त कर दिया गया। अब उन्हें आगे बढ़ने देने के बजाय यहीं खत्म करने की फूलप्रूफ योजना बनाई गई है।
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प्रभावित इलाकों का दौरा कर टिड्डी नियंत्रण के प्रयासों को देखा। आवश्यक निर्देश देकर टिडिड्यों के सफाए की नई रणनीति बनाई गई। उप निदेशक कृषि विनोद कुमार का कहना है कि बहादुरपुर के तीन गांवों तक फैली टिड्डियों पर रसायनों का छिड़काव किया जा रहा है। केंद्रीय टीम की निगरानी और निर्देश पर टिड्डियों को यहीं समाप्त करने की योजना के तहत काम किया जा रहा है। राहत और बचाव कार्य रात भर किए जाएंगे।
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जिला प्रशासन और कृषि विभाग के अफसरों का कहना है कि प्रयागराज के कोरांव में पहुंचा टिड्डियों का दल कीनिया से चलकर यहां पहुंचा है। उप निदेशक कृषि विनोद कुमार सिंह ने बताया कि ईरान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, पंजाब, राजस्थान, मध्यप्रदेश, होते हुए टिड्डियों का दल यहां पहुंचा है। उन्होंने बताया कि अब इन टिड्डियों को यहीं खत्म करने की तैयारी की गई है।
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मंगलवार रात कोरांव में ही टीम ने जिस तरह कीटनाशक और रसायनों का छिड़काव किया और स्थानीय लोगों ने पारंपरिक उपाय किए उससे डिड्डियों की समाप्त करने में बड़ी सफलता मिली है। जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि टिड्डियों के दल से बचाव की तैयारी थी, सो सफलता भी मिली। प्रयासों का ही नतीजा रहा कि 60 से 65 फीसदी टिड्डियों को कोरांव में ही समाप्त कर दिया गया। अब उन्हें आगे बढ़ने देने के बजाय यहीं खत्म करने की फूलप्रूफ योजना बनाई गई है।
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केंद्रीय टीम ने डाला डेरा, स्थानीय प्रयासों पर संतोष
टिड्डी दल पर नियंत्रण, किसानों को नुकसान से बचाने के लिए केंद्रीय टीम ने यहां डेरा डाल दिया है। टीम सदस्यों ने बुधवार कोप्रभावित इलाकों का दौरा कर टिड्डी नियंत्रण के प्रयासों को देखा। आवश्यक निर्देश देकर टिडिड्यों के सफाए की नई रणनीति बनाई गई। उप निदेशक कृषि विनोद कुमार का कहना है कि बहादुरपुर के तीन गांवों तक फैली टिड्डियों पर रसायनों का छिड़काव किया जा रहा है। केंद्रीय टीम की निगरानी और निर्देश पर टिड्डियों को यहीं समाप्त करने की योजना के तहत काम किया जा रहा है। राहत और बचाव कार्य रात भर किए जाएंगे।