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देश के टॉप 100 विश्वविद्यालयों की सूची से इविवि बाहर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 04 Apr 2018 12:32 AM IST
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केंद्रीय मानव विकास संसाधन मंत्रालय की संस्था एनआईआरएफ (नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फेमवर्क) ने मंगलवार को देश भर के शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग की सूची जारी कर दी। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) इस बार देश के टॉप 100 विश्वविद्यालयों की सूची में जगह नहीं बना सका। वहीं, पिछले साल मुकाबले इस बार मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) सात पायदान नीचे चला गया।
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (ट्रिपल आईटी), इलाहाबाद ने पहली बार टॉप-100 में जगह बनाई, लेकिन उसे 90वां स्थान मिला। एनआईआरएफ की रैंकिंग में इलाहाबाद विश्वविद्यालय की साख लगातार गिरी है। वर्ष 2017 की रैंकिंग सूची में इलाहाबाद विश्वविद्यालय 27 पायदान नीचे चला गया था। इस बार सुधार की उम्मीद थी लेकिन इविवि को तगड़ा झटका लगा और देश के टॉप-100 विश्वविद्यालयों की सूची में उसे बाहर कर दिया गया। वहीं, एमएनएनआईटी को इस बार इंजीनियरिंग कॉलेजों की श्रेणी में 48वां स्थान मिला, जबकि पिछली बार 41वां स्थान था। ट्रिपल आईटी ने इंजीरियरिंग कॉलेजों की श्रेणी में पहली बार टॉप-100 में जगह बनाते हुए 90वां स्थान अर्जित किया।
केंद्र सरकार की ओर से उच्च शिक्षा संस्थानों की रैंकिंग जारी करने का काम वर्ष 2016 से शुरू हुआ है। पहले यह काम निजी एजेंसियों के जिम्मे था लेकिन तमाम आरोपों के कारण एजेंसियों की ओर से जारी किए जाने वाले आंकड़ों पर सवाल उठने लगे थे। ऐसे में शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग सरकारी तौर पर जारी किए जाने का निर्णय लिया गया। वर्ष 2016 में पहली बार हुई रैंकिंग में इलाहाबाद विश्वविद्यालय को देश भर के विश्वविद्यालयों में 68वां स्थान मिला था, 2017 में 95वां स्थान मिला और इस बार विश्वविद्यालय टॉप-100 में भी जगह नहीं बना सका।
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कई बिंदुओं के मूल्यांकन के बाद जारी होती है रैंकिंग
एनआईआएफ ने कई बिंदुओं के मूल्यांकन के बाद रैंकिंग जारी की है। इनमें पीएचडी डिग्री के साथ फैकल्टी सदस्यों की संख्या, छात्रों की संख्या, छात्रवृत्ति की स्थिति, प्लेसमेंट एवं उच्च शिक्षा की स्थिति, शोध छात्रों की संख्या, विश्वविद्यालय में परीक्षा की स्थिति, आंतरिक स्नोत और उनकी उपयोगिता, पब्लिकेशन की स्थिति, स्पॉन्सर्ड रिसर्च प्रोेजेक्ट की स्थिति, शारीरिक रूप से दिव्यांग छात्रों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति का मूल्यांकन किया जाता है और इसके बाद रैंकिंग जारी की जाती है।
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भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (ट्रिपल आईटी), इलाहाबाद ने पहली बार टॉप-100 में जगह बनाई, लेकिन उसे 90वां स्थान मिला। एनआईआरएफ की रैंकिंग में इलाहाबाद विश्वविद्यालय की साख लगातार गिरी है। वर्ष 2017 की रैंकिंग सूची में इलाहाबाद विश्वविद्यालय 27 पायदान नीचे चला गया था। इस बार सुधार की उम्मीद थी लेकिन इविवि को तगड़ा झटका लगा और देश के टॉप-100 विश्वविद्यालयों की सूची में उसे बाहर कर दिया गया। वहीं, एमएनएनआईटी को इस बार इंजीनियरिंग कॉलेजों की श्रेणी में 48वां स्थान मिला, जबकि पिछली बार 41वां स्थान था। ट्रिपल आईटी ने इंजीरियरिंग कॉलेजों की श्रेणी में पहली बार टॉप-100 में जगह बनाते हुए 90वां स्थान अर्जित किया।
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केंद्र सरकार की ओर से उच्च शिक्षा संस्थानों की रैंकिंग जारी करने का काम वर्ष 2016 से शुरू हुआ है। पहले यह काम निजी एजेंसियों के जिम्मे था लेकिन तमाम आरोपों के कारण एजेंसियों की ओर से जारी किए जाने वाले आंकड़ों पर सवाल उठने लगे थे। ऐसे में शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग सरकारी तौर पर जारी किए जाने का निर्णय लिया गया। वर्ष 2016 में पहली बार हुई रैंकिंग में इलाहाबाद विश्वविद्यालय को देश भर के विश्वविद्यालयों में 68वां स्थान मिला था, 2017 में 95वां स्थान मिला और इस बार विश्वविद्यालय टॉप-100 में भी जगह नहीं बना सका।
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कई बिंदुओं के मूल्यांकन के बाद जारी होती है रैंकिंग
एनआईआएफ ने कई बिंदुओं के मूल्यांकन के बाद रैंकिंग जारी की है। इनमें पीएचडी डिग्री के साथ फैकल्टी सदस्यों की संख्या, छात्रों की संख्या, छात्रवृत्ति की स्थिति, प्लेसमेंट एवं उच्च शिक्षा की स्थिति, शोध छात्रों की संख्या, विश्वविद्यालय में परीक्षा की स्थिति, आंतरिक स्नोत और उनकी उपयोगिता, पब्लिकेशन की स्थिति, स्पॉन्सर्ड रिसर्च प्रोेजेक्ट की स्थिति, शारीरिक रूप से दिव्यांग छात्रों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति का मूल्यांकन किया जाता है और इसके बाद रैंकिंग जारी की जाती है।