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आओ जाने आज कहां हैं कल के टॉपर

Thu, 16 May 2019 12:31 AM IST
Prayagraj Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 16 May 2019 12:31 AM IST
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Let's know where is district's topper.
इलाहाबाद - फोटो : Prayagraj

सीबीएसई के जिला-रीजन टॉपर विवेक , सिविल सेवा की तैयारी में जुटे

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सीबीएसई की 2012 की बारहवीं की परीक्षा में जिले में पहले और रीजन में दूसरे स्थान पर रहे गंगागुरुकुलम के विवेक कुमार वर्तमान समय में आईआईटी रूड़की से बीटेक कंप्यूटर साइंस के साथ पूरा करने के बाद सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं। विवेक ने 2012 की सीबीएसई की परीक्षा में पूरे रीजन में दूसरी रैंक हासिल की थी, वह अपने जिले और अपने विद्यालय के टॉपर रहे। आईआईटी रूड़की से बीटेक पूरा करने के बाद विवेक आईबीएम में एक वर्ष काम करने के बाद सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की सोची, अब वह पूरी लगन के साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं। बारहवीं के टापर रहे विवेक का कहना है कि बोर्ड परीक्षा के दौरान मिले नंबर तो अस्थाई होते हैं, वास्तविक सफलता तो आपकों कॉलेज के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान मिलती है। बोर्ड परीक्षा में कम अंक पाने वाले छात्र-छात्राएं निराश न हो, इस परीक्षा में मिले अंक को चुनौती के रूप में लेकर आगे तैयारी में जुट जाएं। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता आपकी नई राह खोलने के लिए तैयार है।


जिले के टापर्स सोमेश, बीटेक के बाद आईईएस की राह पर
सीबीएसई की 2012 की बारहवीं की परीक्षा में गंगागुरुकुलम के छात्र सोमेश पांडेय ने जिले की मेरिट में स्थान बनाने के साथ विद्यालय के सेकेंड टापर थे। 2012 में बारहवीं की परीक्षा पास करने के बाद उनका चयन आईआईटी रूड़की में हो गया। 2017 में बीटेक पूरा करने के बाद सोमेश ने मल्टी नेशनल कंपनी में नौकरी किए। बाद में नौकरी छोड़कर वह अब भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (आईईएस) की तैयारी में जुटे हैं। बारहवीं की परीक्षा की टॉपर्स सूची में शामिल सोमेश का कहना है कि दसवीं और बारहवीं के अंक अच्छे तो लगते हैं परंतु प्रतियोगी परीक्षाओं के दौर में बोर्ड परीक्षा के अंक कोई मायने नहीं रखते हैं। आरंभिक दौर में तो नंबर की भूख रहती है परंतु एक स्टेज ऐसा आता है कि जब स्कूली स्तर पर मिले अंक केवल बताने में तो अच्छे लगते हैं, परंतु उनका आपके कार्यक्षेत्र में उनका कोई मतलब नहीं होता है। गंगागुरुकुलम की प्रधानाचार्या अल्पना डे का कहना है कि विवेक एवं सोमेश में हमेशा स्वस्थ प्रतिस्पर्द्घा रहती थी।

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