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47.7 पर पहुंचे पारे ने ली अग्निपरीक्षा
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Mon, 25 May 2015 02:02 AM IST
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इलाहाबाद। रविवार को सूरज ने मानों लोगों की अग्निपरीक्षा लेने की ठान ली। तमतमाए सूरज ने गर्मी का ऐसा कहर बरपाया पूरे दिन शहर की सड़कें भट्टी जैसी तपती रहीं। दो दिनों 47 डिग्री पर अटके पारे ने छलांग मारी और .7 डिग्री की बढ़त के साथ 47.7 डिग्री सेंटीग्रेड पर जा पहुंचा। न्यूनतम आर्र्दता एक फीसदी घटकर 13 फीसदी पर पहुंच गई जिसने शहरियों के शरीर को निचोड़कर रख दिया।
नमी बेहद कम होने से शहर के तमाम इलाकों में लोग सरेराह चलते गिर पड़े। दोपहर में सड़कों पर तीसरे दिन भी ऐसा सन्नाटा पसरा, लगा कि शहर में कर्फ्यू लगा हुआ है। इक्का दुक्का जो सड़कों पर दिखे वे भी जान बचाकर घरों की ओर निकल भागे। गर्मी ने इस कदर कहर बरपाया कि घरों में एसी, कूलर में बैठकर भी लोगों को राहत नहीं मिली। शाम छह बजे तक लू के थपेड़ों से शहरी बेहाल रहे।
पांच दिन और गर्मी से भिड़ने को रहें तैयार
मौसम विज्ञानियों की मानें तो अभी पांच दिन तक मौसम का यही मिजाज देखने को मिलेगा। इस दौरान तापमान यदि 48 डिग्री का आकड़ा पार कर जाए तो आश्चर्य नहीं। मौसम विज्ञानी प्रो. एसएस ओझा के मुताबिक 20 मई से दसतपा शुरू है। ऐसे में अभी पांच दिन और दसतपा का सामना करना ही होगा। इसके बाद ही थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। बकौल मौसम विज्ञानी डॉ. ओझा वर्तमान में गर्म पछुवा हवाएं बिहार पहुंची हैं और इनके पश्चिम बंगाल पहुंचने के बाद ही सुप्तावस्था में पड़ी ठंडी हवाएं चल पड़ेगी जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। बहरहाल वर्तमान में राजस्थान से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बेहद गर्म पछुवा हवाएं आ रही है जिसने पारे को 48 डिग्री के आसपास पहुंचा दिया है।
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हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन से दर्जनों पहुंचे अस्पताल
पारा 47 डिग्री पार करने के साथ ही हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन जैसी जानलेवा बीमारियों ने भी हमला बोल दिया है। बीमारियों की गिरफ्त में आए दो दर्जन से अधिक लोग एसआरएन, बेली, काल्विन जैसे सरकारी अस्पतालों में पहुंच गए है। इसके अलावा कई ऐसे मरीज भी है जिनका निजी अस्पतालों में इलाज कराया जा रहा है। बेली अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. ओपी त्रिपाठी के मुताबिक दो दिन के भीतर हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन से पीड़ित कई मरीजों का इलाज किया गया है। गनीमत है कि अभी तक किसी भी मरीज की जान नहीं गई है। डॉ. त्रिपाठी का कहना है कि जिस तरीके से पारा तेजी से बढ़ा है और गर्मी बढ़ी है ऐसे में एहतियात बरतने की जरूरत है।
गर्मी से कैसे करेें बचाव:
00 आवश्यक कार्यों को सुबह शाम निपटाएं, धूप से बचें।
00 चटख धूप में छाता लेकर निकलें, चेहरे को तौलिया या गमछे से ढक लें।
00 ताजे फल, सब्जियां काटकर नमक के साथ लें।
00 खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा के साथ ही तरल पेय पदार्थ लें।
00 मट्ठा, दही, लस्सी, नींबू-नमक-चीनी की शिकंजी बनाकर पीएं।
00 उल्टी, बेचैनी होने पर तत्काल प्यास का रस पीएं।
00 ढीले सूती कपड़े पहनें।
00 धूप में चश्मा जरूर पहनकर निकलें, गाड़ी चलाते समय हेलमेट जरूर लगाएं।
00 व्यायाम बंद कमरे में करने के बजाए खुले मैदान या घर के बाहर करें।
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नमी बेहद कम होने से शहर के तमाम इलाकों में लोग सरेराह चलते गिर पड़े। दोपहर में सड़कों पर तीसरे दिन भी ऐसा सन्नाटा पसरा, लगा कि शहर में कर्फ्यू लगा हुआ है। इक्का दुक्का जो सड़कों पर दिखे वे भी जान बचाकर घरों की ओर निकल भागे। गर्मी ने इस कदर कहर बरपाया कि घरों में एसी, कूलर में बैठकर भी लोगों को राहत नहीं मिली। शाम छह बजे तक लू के थपेड़ों से शहरी बेहाल रहे।
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पांच दिन और गर्मी से भिड़ने को रहें तैयार
मौसम विज्ञानियों की मानें तो अभी पांच दिन तक मौसम का यही मिजाज देखने को मिलेगा। इस दौरान तापमान यदि 48 डिग्री का आकड़ा पार कर जाए तो आश्चर्य नहीं। मौसम विज्ञानी प्रो. एसएस ओझा के मुताबिक 20 मई से दसतपा शुरू है। ऐसे में अभी पांच दिन और दसतपा का सामना करना ही होगा। इसके बाद ही थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। बकौल मौसम विज्ञानी डॉ. ओझा वर्तमान में गर्म पछुवा हवाएं बिहार पहुंची हैं और इनके पश्चिम बंगाल पहुंचने के बाद ही सुप्तावस्था में पड़ी ठंडी हवाएं चल पड़ेगी जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। बहरहाल वर्तमान में राजस्थान से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बेहद गर्म पछुवा हवाएं आ रही है जिसने पारे को 48 डिग्री के आसपास पहुंचा दिया है।
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हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन से दर्जनों पहुंचे अस्पताल
पारा 47 डिग्री पार करने के साथ ही हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन जैसी जानलेवा बीमारियों ने भी हमला बोल दिया है। बीमारियों की गिरफ्त में आए दो दर्जन से अधिक लोग एसआरएन, बेली, काल्विन जैसे सरकारी अस्पतालों में पहुंच गए है। इसके अलावा कई ऐसे मरीज भी है जिनका निजी अस्पतालों में इलाज कराया जा रहा है। बेली अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. ओपी त्रिपाठी के मुताबिक दो दिन के भीतर हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन से पीड़ित कई मरीजों का इलाज किया गया है। गनीमत है कि अभी तक किसी भी मरीज की जान नहीं गई है। डॉ. त्रिपाठी का कहना है कि जिस तरीके से पारा तेजी से बढ़ा है और गर्मी बढ़ी है ऐसे में एहतियात बरतने की जरूरत है।
गर्मी से कैसे करेें बचाव:
00 आवश्यक कार्यों को सुबह शाम निपटाएं, धूप से बचें।
00 चटख धूप में छाता लेकर निकलें, चेहरे को तौलिया या गमछे से ढक लें।
00 ताजे फल, सब्जियां काटकर नमक के साथ लें।
00 खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा के साथ ही तरल पेय पदार्थ लें।
00 मट्ठा, दही, लस्सी, नींबू-नमक-चीनी की शिकंजी बनाकर पीएं।
00 उल्टी, बेचैनी होने पर तत्काल प्यास का रस पीएं।
00 ढीले सूती कपड़े पहनें।
00 धूप में चश्मा जरूर पहनकर निकलें, गाड़ी चलाते समय हेलमेट जरूर लगाएं।
00 व्यायाम बंद कमरे में करने के बजाए खुले मैदान या घर के बाहर करें।