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यूपी : इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेशी पर आए पुलिस अधिकारी पर वकीलों का हमला, मुकदमा दर्ज करने का आदेश

Thu, 22 Dec 2022 11:15 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 22 Dec 2022 11:15 PM IST
सार

मामले में निष्पक्ष विवेचना की मांग पर कोर्ट ने विवेचना अधिकारी को तलब किया था। हलफनामा दाखिल कर सरकारी वकील ने बताया, याची की शिकायत पर विवेचना क्राइम ब्रांच को दे दी गई है। पुलिस के खिलाफ विभागीय जांच बिठा दी गई है।

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Lawyers attack police officer who appeared in Allahabad High Court, order to file case
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पेशी पर आए पुलिस अधिकारियों के साथ वकीलों की ओर से मारपीट करने की घटना की महानिबंधक को जांच कर रिपोर्ट पेश करने तथा अलग से केस दर्ज कराने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार तथा न्यायमूर्ति सैयद वैज मियां की खंडपीठ ने कमला सिंह की याचिका को खारिज करते हुए दिया है।

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मामले में निष्पक्ष विवेचना की मांग पर कोर्ट ने विवेचना अधिकारी को तलब किया था। हलफनामा दाखिल कर सरकारी वकील ने बताया, याची की शिकायत पर विवेचना क्राइम ब्रांच को दे दी गई है। पुलिस के खिलाफ विभागीय जांच बिठा दी गई है। इस पर कोर्ट ने 30 जनवरी की तारीख तय कर निष्पक्ष तथा दबाव रहित विवेचना शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया और प्रगति रिपोर्ट मांगी। इसके बाद याची अधिवक्ता ने बार को उकसाया। 
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कोर्ट के भीतर तथा बाहर बरामदे में वकीलों की भारी भीड़ थी। बाहर वकील पुलिस अधिकारी पर हमला करने के नारे लगा रहे थे। कोर्ट में भी कानाफूसी की वजह से कार्यवाही में हस्तक्षेप हो रहा था। पुलिस अधिकारियों के साथ शामिल महिला पुलिस को जज की लिफ्ट से सुरक्षित जज गेट से बाहर ले जाया गया।
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कोर्ट को बताया गया कि वकीलों ने पुलिस पर हमला किया है। कोर्ट ने कहा, हमला करने वालों की पहचान जांच से ही होगी, जिस पर जांच कर रिपोर्ट मांगी गई। किंतु याचिका अर्थहीन करार देते हुए खारिज कर दी गई। कहा, कोर्ट मॉनिटरिंग नहीं करेगी। मजिस्ट्रेट के समक्ष अनुतोष के लिए जा सकते हैं।

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