प्रयागराज : लाल बंधु आपराधिक षडयंत्र के बनाए गए आरोपी, कुलपति आरबी लाल की तलाश, एसओजी भी लगाई गई
विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर इसे हत्या के प्रयास के आरोप में तरमीम किया गया। साथ ही आपराधिक साजिश की धारा भी बढ़ाई गई। सूत्रों का कहना है कि विनोद बी लाल व आरबी लाल को इसी आधार पर आपराधिक साजिश रचने का आरोपी बनाया गया।
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नैनी में एक दिन पहले सैम हिगिन्नबॉटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर, टेक्नाेलॉजी एंड साइंसेस (शुआट्स) के निदेशक प्रशासन विनोद बी लाल को जिस मामले में जेल भेजा गया, उसमें उसे व उसके भाई कुलपति आरबी लाल को आपराधिक साजिश रचने का आरोपी बनाया गया है। दोनों पर हत्या के प्रयास की साजिश रचने का आरोप है। इस घटना में बाइकसवार हमलावर कौन थे, फिलहाल इसका पता विनेाद बी लाल से पूछताछ में भी नहीं चल सका है। पुलिस कुलपति की तलाश में एसओजी भी जुटी है।
नैनी पुलिस ने सिविल लाइंस निवासी सर्वेंद्र विक्रम सिंह की हत्या के प्रयास के मामले में विनोद बी लाल को गिरफ्तार किया है। सर्वेंद्र का आरोप है कि स्कूटी से रात 10 बजे नैनी जाते वक्त पुराने यमुना पुल पर दो बाइक से आए चार लोगों ने तमंचा दिखाकर आरबी लाल व विनोद बी लाल पर फतेहपुर में दर्ज कराया गया मुकदमा वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दी। साथ ही चलती बाइक से धक्का देकर गंभीर रूप से चोटिल कर दिया। मामला पहले प्राणघातक चोट पहुंचाने, मारपीट व धमकी की धाराओं में दर्ज किया गया।
विनोद बी लाल नहीं दे सका हमलावरों के बारे में जानकारी
विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर इसे हत्या के प्रयास के आरोप में तरमीम किया गया। साथ ही आपराधिक साजिश की धारा भी बढ़ाई गई। सूत्रों का कहना है कि विनोद बी लाल व आरबी लाल को इसी आधार पर आपराधिक साजिश रचने का आरोपी बनाया गया। जेल भेजे जाने से पहले नैनी पुलिस ने पूछताछ की लेकिन विनोद बी लाल हमलावरों के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सका। पुलिस का कहना है कि कुलपति आरबी लाल की तलाश की जा रही है। उनके पकड़े जाने के बाद ही हमलावरों का पता चलेगा।
सुपरवाइजर को भी नहीं पकड़ पाई घूरपुर पुलिस
उधर धर्मांतरण व पॉक्सो एक्ट के मामले में भी कुलपति आरबी लाल को वांछित किया गया है। उनके साथ ही इस मामले में विनोद बी लाल भी आरोपी है जिसका रिमांड बनवाया जा चुका है। हालांकि इस मामले में घूरपुर पुलिस की ओर से कार्रवाई में देरी को लेकर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। चार सितंबर को मामला दर्ज हुआ था लेकिन एक महीने बीतने के बाद भी अब तक घूरपुर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। यहां तक कि घर में घुसकर पीड़िता की नाबालिग बेटियों से छेड़छाड़ करने वाला सुपरवाइजर मो. रिजवान भी अब तक नहीं पकड़ा जा सका है जबकि वह घूरपुर क्षेत्र का ही रहने वाला है।