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kumbh Mela 2019:पीएम मोदी बोले, प्रयाग के तप से दिव्य और भव्य बना कुंभ
Mon, 25 Feb 2019 01:29 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 25 Feb 2019 01:29 AM IST
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modi
- फोटो : prayagraj
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संगम स्नान के लिए आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को पूरी तरह से कुंभ नगरी के रंग में नजर आए। लोकसभा चुनाव से पहले उनके यहां आगमन के भले ही राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हों लेकिन, सीधे तौर पर पीएम कुछ भी कहने से बचते रहे। उनका पूरा संबोधन कुंभ, मां गंगा और दिव्य भव्य कुंभ के संकल्प को पूरा करने वाले कर्मयोगियों के इर्दगिर्द ही रहा। उन्होंने कुंभ को लेकर की गई तैयारियों के कारण हुई परेशानियों को शहरियों द्वारा धैर्यपूर्वक सहे जाने की तारीफ भी की। प्रधानमंत्री ने कुंभ के आयोजन में दिनरात जुटे रहे अफसरों की भी सराहना की।
गंगा पंडाल में आयोजित ‘स्वच्छ कुंभ स्वच्छ आभार’ कार्यक्रम में मोदी ने दिव्य और भव्य कुंभ का संकल्प दोहाराया। उन्होंने कहा, देश महात्मा गांधी का 150वां जन्मदिन मना रहा है। उन्होंने हरिद्वार कुंभ में स्वच्छ कुंभ का संकल्प लिया था। उन्हीं की प्रेरणा से इस बार स्वच्छ कुंभ का संकल्प लेकर विश्व के इस सबसे बडे़ आयोजन की तैयारियां शुरू हुई थीं। पिछले दिनों यहां करोड़ों लोगों ने तप और साधना की। इनमें हठयोगी, तपयोगी और कर्मठ कर्मयोगी भी हैं। इनमें प्रयाग के लोग भी शामिल हैं, जिनकी तपस्या मेला से पहले ही शुरू हो गई थी। इन्हीं योगियों की वजह से स्वच्छ कुंभ का संकल्प पूरा हुआ।
आज पूरी दुनिया स्वच्छ कुंभ के साथ निर्मल गंगा की चर्चा कर रही है। उन्होंने कहा कि वह पहले भी संगम स्नान कर चुके हैं लेकिन, इतनी निर्मल गंगा कभी नहीं थीं।
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यह नमामि गंगे अभियान का नतीजा है। प्रधानमंत्री ने कहा, अभी तक कुंभ में अस्थायी काम होते थे, लेकिन इस बार स्थायी कार्यों पर जोर रहा। 11 महीने में सिविल टर्मिनल, कई पुल और भी बहुत कुछ। कुछ दिनों में यहां करोड़ों लोग जुटे। सफाई बड़ी चुनौती रही लेकिन, सफाईकर्मियों ने साबित कर दिया कि नामुमकिन कुछ भी नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा, इस कुंभ में बहुत से काम पहली बार हुए। अक्षयवट का दर्शन का मौका मिला। आजादी के बाद भी अक्षयवट किले में प्रवेश बंद रहा मगर कुंभ में रोजाना लाखों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। ‘आज मेरा जीवन धन्य हो गया है।’ इससे पहले स्कूली छात्राओं ने बैज लगाकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री तथा अन्य अतिथियों का स्वागत किया। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मृति चिह्न भेंट किए। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री उमा भारती, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सांसद डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय, कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, सुरेश खन्ना समेत अन्य जनप्रतिनिधि व अफसर आदि मौजूद रहे।
सरकार बनने के बाद ही बनने लगा था कुंभ का खाका
प्रदेश में सरकार बनने के बाद ही प्रधानमंत्री ने दिव्य और भव्य कुंभ कराने के लिए कहा था। अब तक 22 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया। वैश्विक मानचित्र पर हम संदेश दे पाने में सफल रहे। इससे पहले कभी नहीं हुआ होगा कि प्रधानमंत्री खुद हर व्यवस्था की चिंता करें। उनकी प्रेरणा और सभी के मेहनत का फल है कि पूरी दुनिया में कुंभ की चर्चा है।
योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
सफाईकर्मी, स्वच्छाग्रही महाआयोजन की शक्ति
भारत की अध्यात्मिक शक्ति, समरसता, सांस्कृतिक समृद्धि को पूरी दुनिया ने देखा। यहां जो भी आया सफाई तथा व्यवस्था की तारीफ कर रहा है। 18 हजार सफाईकर्मी और दो हजार स्वच्छाग्रही इस महाआयोजन की शक्ति हैं। स्वयं महात्मा गांधी इन्हें आशीर्वाद देंगे।
उमा भारती, केंद्रीय मंत्री
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गंगा पंडाल में आयोजित ‘स्वच्छ कुंभ स्वच्छ आभार’ कार्यक्रम में मोदी ने दिव्य और भव्य कुंभ का संकल्प दोहाराया। उन्होंने कहा, देश महात्मा गांधी का 150वां जन्मदिन मना रहा है। उन्होंने हरिद्वार कुंभ में स्वच्छ कुंभ का संकल्प लिया था। उन्हीं की प्रेरणा से इस बार स्वच्छ कुंभ का संकल्प लेकर विश्व के इस सबसे बडे़ आयोजन की तैयारियां शुरू हुई थीं। पिछले दिनों यहां करोड़ों लोगों ने तप और साधना की। इनमें हठयोगी, तपयोगी और कर्मठ कर्मयोगी भी हैं। इनमें प्रयाग के लोग भी शामिल हैं, जिनकी तपस्या मेला से पहले ही शुरू हो गई थी। इन्हीं योगियों की वजह से स्वच्छ कुंभ का संकल्प पूरा हुआ।
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आज पूरी दुनिया स्वच्छ कुंभ के साथ निर्मल गंगा की चर्चा कर रही है। उन्होंने कहा कि वह पहले भी संगम स्नान कर चुके हैं लेकिन, इतनी निर्मल गंगा कभी नहीं थीं।
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यह नमामि गंगे अभियान का नतीजा है। प्रधानमंत्री ने कहा, अभी तक कुंभ में अस्थायी काम होते थे, लेकिन इस बार स्थायी कार्यों पर जोर रहा। 11 महीने में सिविल टर्मिनल, कई पुल और भी बहुत कुछ। कुछ दिनों में यहां करोड़ों लोग जुटे। सफाई बड़ी चुनौती रही लेकिन, सफाईकर्मियों ने साबित कर दिया कि नामुमकिन कुछ भी नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा, इस कुंभ में बहुत से काम पहली बार हुए। अक्षयवट का दर्शन का मौका मिला। आजादी के बाद भी अक्षयवट किले में प्रवेश बंद रहा मगर कुंभ में रोजाना लाखों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। ‘आज मेरा जीवन धन्य हो गया है।’ इससे पहले स्कूली छात्राओं ने बैज लगाकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री तथा अन्य अतिथियों का स्वागत किया। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मृति चिह्न भेंट किए। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री उमा भारती, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सांसद डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय, कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, सुरेश खन्ना समेत अन्य जनप्रतिनिधि व अफसर आदि मौजूद रहे।
सरकार बनने के बाद ही बनने लगा था कुंभ का खाका
प्रदेश में सरकार बनने के बाद ही प्रधानमंत्री ने दिव्य और भव्य कुंभ कराने के लिए कहा था। अब तक 22 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया। वैश्विक मानचित्र पर हम संदेश दे पाने में सफल रहे। इससे पहले कभी नहीं हुआ होगा कि प्रधानमंत्री खुद हर व्यवस्था की चिंता करें। उनकी प्रेरणा और सभी के मेहनत का फल है कि पूरी दुनिया में कुंभ की चर्चा है।
योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
सफाईकर्मी, स्वच्छाग्रही महाआयोजन की शक्ति
भारत की अध्यात्मिक शक्ति, समरसता, सांस्कृतिक समृद्धि को पूरी दुनिया ने देखा। यहां जो भी आया सफाई तथा व्यवस्था की तारीफ कर रहा है। 18 हजार सफाईकर्मी और दो हजार स्वच्छाग्रही इस महाआयोजन की शक्ति हैं। स्वयं महात्मा गांधी इन्हें आशीर्वाद देंगे।
उमा भारती, केंद्रीय मंत्री