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मूल अक्षयवट के वर्ष भर खुले रहने पर असमंजस, मेला प्राधिकरण ने भेजा बंद न करने का प्रस्ताव

Sun, 24 Feb 2019 01:57 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 24 Feb 2019 01:57 PM IST
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Kumbh 2019: No guidelines have been issued on open Akshaywat
पीएम मोदी अक्षयवट के दर्शन करते हुए (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

कुंभ के बाद मूल अक्षयवट को वर्ष पर्यंत खोले जाने के प्रस्ताव पर अभी तक कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं हो सका है। इस वजह से आने वाले समय में इस तीर्थ के दर्शन को लेकर संशय के बादल छा गए हैं। फिलहाल 31 मार्च तक देश-दुनिया के श्रद्धालु मूल अक्षयवट के दर्शन कर सकेंगे।

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मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने बीते दिनों अक्षयवट और सरस्वती कूप को आम श्रद्धालुओं के लिए वर्ष पर्यंत खोले रखने के लिए शासन को दूसरी बार प्रस्ताव भेजा है। बीते दिनों कुंभ में हुई कैबिनेट की बैठक में भी योगी आदित्यनाथ सरकार ने केंद्र से आग्रह किया था कि मूल अक्षय वट को बंद न किया जाए, लेकिन अभी तक इस पर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी न होने से असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अकबर के किले में स्थित मूल अक्षयवट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर खोले जाने के बाद अब इस तीर्थ को वर्ष पर्यंत खुला रखने को लेकर कसरत की जाने लगी है।

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करीब 450 वर्ष बाद पीएम के एलान पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस तीर्थ के फाटक को बीती 10 जनवरी को खोलवाया था। तब प्रयागराज मेला प्राधिकरण और सेना के बीच इस तीर्थ को 31 मार्च तक के लिए खोलने की सहमति बनी थी। महाशिवरात्रि के आखिरी स्नान पर्व के बाद अक्षयवट खुला रहेगा या नहीं? इसे लेकर आम श्रद्धालुओं में चर्चा शुरू हो गई है। शनिवार को कुंभ मेला प्रशासन से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि मार्च तक श्रद्धालु मूल अक्षयवट और सरस्वती कूप के दर्शन कर सकेंगे, लेकिन इसके बाद क्या होगा वह कुछ कह नहीं सकते।

अपर कुंभ मेलाधिकारी व अक्षयवट प्रभारी दिलीप कुमार त्रिगुणायत के अनुसार पिछले सितंबर माह में ही एक प्रस्ताव शासन को भिजवाया गया था कि अक्षयवट को हमेशा के लिए खोलने की अनुमति दी जाए। इसके बाद सीएम के निर्देश पर भी शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। आग्रह किया गया है कि मूल अक्षयवट और सरस्वती कूप को वर्ष पर्यंत खोला जाए, लेकिन अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। अपर मेलाधिकारी के अनुसार फिलहाल पूर्व में बनी सहमति के आदार पर 31 मार्च तक मूल अक्षयवट आम दर्शनार्थियों के लिए खुला रहेगा।
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