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राम मंदिर मुद्दे पर अध्यादेश लाने के बारे में सोचे सरकार: मोरारी बापू
Wed, 23 Jan 2019 09:54 AM IST
vivek shukla
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 23 Jan 2019 09:54 AM IST
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मोरारी बापू
प्रसिद्ध कथावाचक संत मोरारी बापू ने कहा है कि राम मंदिर मुद्दे का समाधान कोर्ट के माध्यम से हो जाए तो बहुत अच्छा होगा। उनसे जब पूछा गया कि यदि अदालत के फैसले में विलंब हो तो, क्या सरकार को अध्यादेश लाने के बारे में सोचना चाहिए? इस पर मोरारी बापू का कहना था कि केंद्र सरकार को इस दिशा में भी विचार करना चाहिए।
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कुंभ में पहुंचे संत मोरारी बापू ने मंगलवार की शाम अमर उजाला से खास बातचीत में कुंभ के महत्व से लेकर देश के मौजूदा धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक पहलुओं पर अपने अनुभवों को साझा किया। राम मंदिर मुद्दे के समाधान पर जब उनसे पूछा गया तब उनका कहना था कि पहले तो वह कोर्ट से विनय करेंगे कि वह शीघ्र सुनवाई करे।
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प्रतिदिन सुनवाई की जाए। इसलिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वचन दिया है कि एक बार कोर्ट का फैसला आ जाए तो फिर सरकार इस पर जो करना होगा, करेगी। कोर्ट के फैसले का इंतजार करना उचित होगा या फिर अध्यादेश लाकर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए? इस पर मोरारी बापू ने कहा कि पीएम ने वचन दिया है, तो सोचना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि वह सियासत के आदमी नहीं, व्यास पीठ के हैं। वह राजनीति नहीं जानते, लेकिन इतना जरूर है कि इस मुद्दे पर चुनाव न हो तो भी बात होनी चाहिए। पीएम मोदी के बारे में जब उनकी राय जानी गई, तब उनका कहना था कि राजनीति में साम, दाम, दंड , भेद सभी अपनाते हैं।
लेकिन, पीएम मोदी की राष्ट्रभक्ति के प्रति हम शंका नहीं कर सकते। जबकि, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और बसपा सुप्रीमो मायावती पर उन्होंने स्पष्ट टिप्पणी से इंकार कर दिया। कुंभ के इंतजामों पर उन्होंने कहा कि पहले भी अच्छी व्यवस्था सरकारें करती रही है, लेकिन इस बार का कुंभ हर प्रकार से सर्वोपरि है। यह साधु का आयोजन है और इस पर तप की रोशनी पड़ी है।