विस्तार के लिए किन्नर अखाड़े की एक और पहल, सतपुत्र पद किया सृजित, 6 जनवरी को होगी पेशवाई
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किन्नर अखाड़ा अपना विस्तार देश और विदेश में प्रयाग कुंभ से करने जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को अलोपीबाग स्थित शंकराचार्य आश्रम में जगदगुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महराज और किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी जी ने महाराज अनुराग शुक्ला को पगड़ी पहनाकर अखाड़े का सतपुत्र घोषित किया।
महाराज अनुराग शुक्ला, अलोपीबाग निवासी हैं और लंबे समय से किन्नर अखाड़े से जुड़े हैं। किन्नर अखाड़े के आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी उन्हें कुंभ मेले के दौरान महामण्डलेश्वर बनाना चाहती थीं, लेकिन जगदगुरू स्वामी वासुदेवनंद सरस्वती महाराज ने कहा कि महामण्डलेश्वर से बेहतर और उत्तम है कि अनुराग को सतपुत्र बनाया जाये क्योंकि यह पद भी अपने आप में उत्तम है।
किन्नर अखाड़ा प्रमुख ने कहा कि किन्नर अखाड़े का प्रयाग कुंभ में सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिये विस्तार होगा। क्योंकि 13 अखाड़े धर्म और परंपरा भूलकर आधुनिकता में जी रहे हैं। यह लोग सनातन धर्म को भूल गये हैं। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों और विदेशों में किन्नर अखाड़े का गठन नही हुआ है वहां के लिये पदाधिकारी बनाये जाएंगे और उनके मठ-मंदिर, गौशाला, वृद्धाश्रम और विधवाश्रम भी होंगे। अखाड़ा प्रमुख ने कहा कि छह जनवरी को धूमधाम से देवत्व यात्रा (पेशवाई) काल्विन अस्पताल के पास से निकलेगी।