फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Kumbh 2019: Happy environment after hwan in kumbh mela prayagraj

यज्ञों की अग्रिशिखा से सुगंधित हुआ कुंभ का वातावरण, संतों कथाओं में डूबा श्रद्धालुओं का मन

Sun, 03 Feb 2019 09:42 PM IST
vivek shukla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: vivek shukla Updated Sun, 03 Feb 2019 09:42 PM IST
विज्ञापन
Kumbh 2019: Happy environment after hwan in kumbh mela prayagraj
demo

संतों, कल्पवासियों के शिविरों में चल रहे यज्ञ, हवन में दी जा रही आहुतियों की अग्रि शिखा से कुंभ क्षेत्र का वातावरण सुगंधित हो गया है। वर्षों के बाद सोमवार के दिन पडऩे वाली मौनी अमावस्या पर गंगा में डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज पहुंचे करोड़ों श्रद्धालु अग्रिशिखा की सुगंध पाकर अपने को धन्य मान रहे हैं।

विज्ञापन


संगम की जिस रेती से होकर संत और नागा संन्यासी शाही स्नान के लिए निकलेंगे, उसी रेती पर रविवार को पहुंचकर श्रद्धालुओं ने उसे चंदन समझकर अपने माथे पर लगाया। इन श्रद्धालुओं में सिर्फ बुजुुर्ग ही नहीं, युवाओं की अच्छी खासी संख्या है। इस बीच शिविरों में हो रही कथाओं में भी श्रद्धालुओं को गंगा की रेती का महात्म्य भी बताया जा रहा है।
विज्ञापन


कथावाचक और संतजन इस रेती को देवताओं की चरण रेणु बता रहे हैं। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद के शिविर में चल रही कथा में श्रद्धालुओं को बताया गया कि मौनी अमावस्या को जिस समय संत और श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाएंगे, देवलोक से उस समय अमृत वर्षा भी होगी। देवता भी उस समय प्रयागराज के इस कुंभ क्षेत्र को देखकर हर्षित हो रहे होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


दिव्य प्रेमसेवा मिशन के शिविर में कौशल महाराज अपनी कथा में श्रद्धालुओं को बता रहे थे, यज्ञ और हवन से निकलने वाली अग्रिशिखा (धुंआ) से वातावरण तो शुद्ध होता ही है, मन और शरीर में अध्यात्मिक चेतना भी इससे जाग्रत होती है।


टीकरमाफी के संत हरि चैतन्य ब्रह्मचारी अपने शिविर में कल्पवासियों को गंगा और यहां रहकर स्नान से मिलने वाले पुण्य का श्रवण करा रहे थे। स्वामी रामेश्वर प्रपन्नाचार्य के शिविर में कथा के दौरान युवा श्रद्धालु यह जानने को उत्सुक थे कि आखिर इतना बड़ा सैलाब संगम क्षेत्र में आकर इतना संयमित और स्व नियंत्रित कैसे हो जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed