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क्षमावणी पर दूर हुए गिले-शिकवे
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 18 Sep 2016 01:03 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। जैन धर्मावलंबियों ने शनिवार को श्रद्धापूर्वक क्षमावणी पर्व मनाया। सभी ने वर्ष भर जाने-अनजाने हुई गलतियों के लिए एक-दूसरे से क्षमा मांगी। छोटों ने बड़ों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। फेसबुक, व्हाट्सएप पर भी संदेश भेजकर क्षमा मांगी गई। जीरो रोड स्थित जानकी प्रसाद दिगंबर जैन मंदिर में क्षमावणी पर्व परंपरागत तरीके से मनाया गया। जीरो रो़ड मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई जो जानसेनगंज, विवेकानंद मार्ग, एस.सी.बसु रोड होते हुए वापस मंदिर पहुंचकर पूरी हुई।
शहनाई की धुन के साथ पूरे रास्ते अहिंसा परमो धर्म:, जियो और जीने दो’ के संदेश गूंजे। श्रीजिन की पूजा से शुरुआत के बाद पताका, बैंडबाजा के साथ रथ पर श्रीजिन की प्रतिमा विराजमान कराई गई। सामूहिक अभिषेक पूजन, शांतिधारा के बाद हुई धर्मसभा में सुनील जैन ने कहा, क्षमा आत्मा का स्वभाव है। जैन महिला मंडल की मंत्री बाला जैन ने कहा, क्षमा करना और क्षमा मांगना साहस का काम है। किरन जैन ने कहा, क्षमा आत्मा का गुण है। राजेश जैन ने कहा, क्षमा मांगना सरलता, विनय का प्रतीक है।
पार्श्वनाथ मंदिर में क्षमा मांगने जुटा जैन समाज
कर्नलगंज स्थित जैन छात्रावास के पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में भी श्रद्धा एवं उल्लासपूर्वक क्षमावणी पर्व मनाया गया। सचिव अरुण जैन की देखरेख में हरि बाबू जैन, अजीत जैन, प्रमेश जैन, बब्लू जैन, अमरचंद्र, प्रेमकुमार, महेंद्र जैन, अशोक जैन, सुनीता, सुषमा, लता, ऊषा जैन आदि ने परिजनों संग क्षमावणी की परंपरा को सार्थकता दी। सभी ने यथोचित तरीके से जाने-अनजान हुई भूलों के लिए क्षमा मांगी।
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शहनाई की धुन के साथ पूरे रास्ते अहिंसा परमो धर्म:, जियो और जीने दो’ के संदेश गूंजे। श्रीजिन की पूजा से शुरुआत के बाद पताका, बैंडबाजा के साथ रथ पर श्रीजिन की प्रतिमा विराजमान कराई गई। सामूहिक अभिषेक पूजन, शांतिधारा के बाद हुई धर्मसभा में सुनील जैन ने कहा, क्षमा आत्मा का स्वभाव है। जैन महिला मंडल की मंत्री बाला जैन ने कहा, क्षमा करना और क्षमा मांगना साहस का काम है। किरन जैन ने कहा, क्षमा आत्मा का गुण है। राजेश जैन ने कहा, क्षमा मांगना सरलता, विनय का प्रतीक है।
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पार्श्वनाथ मंदिर में क्षमा मांगने जुटा जैन समाज
कर्नलगंज स्थित जैन छात्रावास के पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में भी श्रद्धा एवं उल्लासपूर्वक क्षमावणी पर्व मनाया गया। सचिव अरुण जैन की देखरेख में हरि बाबू जैन, अजीत जैन, प्रमेश जैन, बब्लू जैन, अमरचंद्र, प्रेमकुमार, महेंद्र जैन, अशोक जैन, सुनीता, सुषमा, लता, ऊषा जैन आदि ने परिजनों संग क्षमावणी की परंपरा को सार्थकता दी। सभी ने यथोचित तरीके से जाने-अनजान हुई भूलों के लिए क्षमा मांगी।
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