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लोको पायलटों की नियुक्ति पर भारी पड़ रही कोविड गाइड लाइन
Thu, 05 Nov 2020 04:18 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 05 Nov 2020 04:18 PM IST
सार
- लोको पायलटों की नियुक्ति पर भारी पड़ रही कोविड गाइड लाइन
- दिसंबर 2019 से रेलवे में नियुक्ति के लिए भटक रहे चयनित लोको पायलट
- रेलवे बोर्ड के साथ रेल मंत्री को भी लगातार किया जा रहा है ट्वीट
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ट्रेन को हरी झंडी दिखाता लोको पायलट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट की नियुक्ति पत्र पाने के बाद भी सैकड़ों की संख्या में युवा भटकने के लिए मजबूर हो रहे हैं। कोविड-19 का हवाला देकर रेलवे द्वारा नियुक्ति के पहले दी जाने वाली ट्रेनिंग न दिए जाने की वजह से इन अभ्यर्थियों ने रेल मंत्री से लेकर रेलवे बोर्ड तक गुहार भी लगाई, लेकिन आश्वासन के अलावा उन्हें अब तक कुछ नहीं मिला। नाराज अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया में भी नौकरी के लिए मुहिम छेड़ दी है।
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2018 में आरआरबी इलाहाबाद के माध्यम से असिस्टेंट लोको पायलट में भर्ती के लिए हजारों की संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। सीबीटी वन से लेकर सीबीटी थ्री तक क्लीयर करने के बाद पिछले वर्ष दिसंबर 2019 में ही इन सभी अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित कर आरआरबी ने नियुक्ति का पैनल उत्तर मध्य रेलवे को भेजा। लेकिन दस माह से ज्यादा का समय बीत चुका है और तकरीबन 2700 पद के सापेक्ष महज 600 पदों पर ही नियुक्ति की प्रक्रिया अब तक हो सकी है। दो हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र न दिए जाने की वजह से संबंधित अभ्यर्थी पिछले दो माह से प्रयागराज में डीआरएम ऑफिस, जीएम ऑफिस आदि कार्यालयों का चक्कर काट रहे हैं। मंगलवार तीन नवंबर को काफी संख्या में अभ्यर्थी जीएम एनसीआर कार्यालय भी पहुंचे।
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अभ्यर्थियों का कहना है कि रेलवे द्वारा एक बैच में महज 80 अभ्यर्थियों की ही ट्रेनिंग करवाई जा रही है। ऐसे में सभी अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया होने में दो वर्ष से ज्यादा वक्त लग जाएगा। चयनित अभ्यर्थी हिमांशु, अर्जुन, अनिल आदि ने बताया कि अगर रेलवे प्रशासन एक बैच में पहले की तरह से 250 से 300 लोगों की ट्रेनिंग करवाए तो उनकी ज्वाइनिंग जल्द हो सकती है। इस बारे में सीपीआरओ एनसीआर अजीत कुमार सिंह से पूछा गया तो उन्होंने ने बताया कि कोविड-19 की गाइड लाइन का एनसीआर जोन में पालन किया जा रहा है। इसलिए एक साथ ज्यादा लोगों को ट्रेनिंग नहीं दी जा सकती। बताया कि मार्च 2021 तक 750 अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग पूरी हो जाएगी।
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