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कल्पवासियों को दर्द भरी दास्तां सुना रहीं गौ माता

Fri, 09 Jan 2015 01:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद Updated Fri, 09 Jan 2015 01:21 AM IST
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Kalpwasion bossy mother , who heard the sob story
इलाहाबाद। हिन्दूवादी संगठनों से इतर गौ-रक्षा के लिए परिवहन विभाग के सेवानिवृत्त एआरटीओ रामपाल सिंह समाज में अलख जगाने निकले हैं। गौ-रक्षा के लिए वह लोगों को जागरूक करना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने विशेष प्रकार के गौ-रक्षा रथ को साधन बनाया है जिस पर गाय बनाई गई है। गौ-गुहार के जरिए गौ माता कल्पवासियों को जन्म से लेकर चारा न मिलने, पानी की कमी, कत्लगाहों में कटने, देशी-विदेशी बाजारों में मांस के बिकने की कहानी सुना रही हैं। रामपाल संतों और सांसदों के सामने सत्याग्रह करने का दावा भी कर रहे हैं।
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संतों सहित बजरंग दल, विहिप और अन्य संगठनों की ओर से भी गौ रक्षा का मुद्दा लगातार उठाया जाता रहा है लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर रामपाल का प्रयास अलग और अनूठा है। गौ रक्षा की अलख जगाने निकले रिटायर्ड एआरटीओ रामपाल सिंह गौ-रक्षा रथ को धर्म स्थानों और धार्मिक मेलों में नियमित रूप से ले जाते हैं। माघ मेले में चार नंबर पीपा पुल के पार झूंसी की ओर स्वामी हरिश्वरानंद तीर्थ के कैंप के करीब रुके रामपाल मकर संक्रांति से पूरे मेले क्षेत्र में घूम-घूम कर गौ रक्षा की गुहार लगाएंगे।
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देहरादून से पहुंचे स्वामी सुकेतानंद के साथ मेले में लाए गए रथ के जरिए गौकशी बंद करने का आह्वान किया जा रहा है। इसके तहत गौ-पेंशन योजना लागू करने, साधु-संतों से एक गाय या बैल को बचाने का संकल्प लेने, गौवंश का अंतिम संस्कार करने जैसी मांग शामिल है। इसी क्रम में गौर रक्षा रथ के माध्यम से सांसदों से भी गौ और गौवंश की रक्षा के लिए कानून बनाने, बूचड़खानों को बंद कराने की मांग की जा रही है।
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