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अव्यवस्थाओं के बीच पुण्य कमाने पहुंचे
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Mon, 05 Jan 2015 12:00 AM IST
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माघ मास का स्नान अनुष्ठान सोमवार पौष पूर्णिमा से शुरू हो रहा है। आधी अधूरी तैयारियों और अव्यवस्था के बीच श्रद्धालु रविवार देर रात पुण्य कमाने की लालसा लिए मेले में पहुंचते रहे। आस्था की गठरी सिर पर संजोए श्रद्धालुओं का कारवां मेला क्षेत्र की ओर बढ़ता रहा। पूर्णिमा स्नान के साथ ही मास पर्यंत चलने वाले अनुष्ठान भी शुरू हो जाएंगे। रविवार को संतों के शिविर विधिविधान से पूजन-अर्चन कर जाग्रत किए गए। मेला प्रशासन अपने तमाम वादों को समय से पूरा करने में असमर्थ रहा फिर भी दुश्वारियों के बाद भी आस्था का पक्का रंग हावी रहा। मां गंगा के जयकारों से मेला क्षेत्र का कोना-कोना गुंजायमान रहा है।
माघ मास के पहले स्नानपर्व पौष पूर्णिमा पर पुण्य की डुबकी लगाने को संत महात्मा रविवार को शिविर में प्रवेश कर गए। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के उत्तराधिकारी शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, सतुआबाबा संतोषदास आदि मेला क्षेत्र पहुंच गए हैं। शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती के सचिव छोटेलाल मिश्रा के अनुसार शंकराचार्य पौष पूर्णिमा का स्नान करने के उपरांत शिविर में प्रवेश करेंगे। वासुदेवानंद के शिष्य दंडी संन्यासी स्वामी जितेंद्रानंद पौष पूर्णिमा का स्नान करने आज पहुंचेंगे।
पौष पूर्णिमा को गंगा स्नान के बाद कल्पवास संकल्प विधिविधान से श्रद्धालुओं द्वारा लिया जाएगा। तीर्थ पुरोहितों के आचार्यत्व में विधिविधान से मां गंगा, नगर देवता वेणी माधव और पुरखों का स्मरण कर व्रत शुरू होगा। उसी के साथ दरवाजे के पास बालू में तुलसी का बिरवा और जौ बोया जाएगा। इसी के साथ महीने भर तीन बार गंगा स्नान एक बार भोजन एवं प्रवचन करने का व्रत आरंभ हो जाएगा।
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रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के त्रिवेणी रोड स्थित शिविर की पूजा स्वामी निखिलात्मानंद की अध्यक्षता में हुई। उसके बाद डिस्पेंसरी एवं विवेकानंद साहित्य और चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ। इलाहाबाद मठ के अध्यक्ष स्वामी सर्वभूतानंद महराज ने कहा मिशन की ओर से असहायों की सेवा व स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को जनसामान्य तक पहुंचने का संकल्प है। कार्यक्रम में स्वामी मुक्तिनाथनंद, स्वामी सुहृदानंद सहित बड़ी संख्या में मिशन के अनुयायी मौजूद रहे।
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माघ मास के पहले स्नानपर्व पौष पूर्णिमा पर पुण्य की डुबकी लगाने को संत महात्मा रविवार को शिविर में प्रवेश कर गए। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के उत्तराधिकारी शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, सतुआबाबा संतोषदास आदि मेला क्षेत्र पहुंच गए हैं। शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती के सचिव छोटेलाल मिश्रा के अनुसार शंकराचार्य पौष पूर्णिमा का स्नान करने के उपरांत शिविर में प्रवेश करेंगे। वासुदेवानंद के शिष्य दंडी संन्यासी स्वामी जितेंद्रानंद पौष पूर्णिमा का स्नान करने आज पहुंचेंगे।
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पौष पूर्णिमा को गंगा स्नान के बाद कल्पवास संकल्प विधिविधान से श्रद्धालुओं द्वारा लिया जाएगा। तीर्थ पुरोहितों के आचार्यत्व में विधिविधान से मां गंगा, नगर देवता वेणी माधव और पुरखों का स्मरण कर व्रत शुरू होगा। उसी के साथ दरवाजे के पास बालू में तुलसी का बिरवा और जौ बोया जाएगा। इसी के साथ महीने भर तीन बार गंगा स्नान एक बार भोजन एवं प्रवचन करने का व्रत आरंभ हो जाएगा।
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रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के त्रिवेणी रोड स्थित शिविर की पूजा स्वामी निखिलात्मानंद की अध्यक्षता में हुई। उसके बाद डिस्पेंसरी एवं विवेकानंद साहित्य और चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ। इलाहाबाद मठ के अध्यक्ष स्वामी सर्वभूतानंद महराज ने कहा मिशन की ओर से असहायों की सेवा व स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को जनसामान्य तक पहुंचने का संकल्प है। कार्यक्रम में स्वामी मुक्तिनाथनंद, स्वामी सुहृदानंद सहित बड़ी संख्या में मिशन के अनुयायी मौजूद रहे।