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जंक्शन के मास्टर प्लान का हुआ आगाज
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Fri, 27 Feb 2015 01:03 AM IST
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इलाहाबाद। अर्द्धकुंभ-2019 की रेलवे ने भी तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए इलाहाबाद जंक्शन के मास्टर प्लान के एक हिस्से को रेल बजट में मंजूरी मिल गई है। जंक्शन के सिविल लाइंस साइड में नवाब यूसुफ रोड से सटी कालोनी का ध्वस्तीकरण किया जाएगा। प्रभावित कर्मचारियों के लिए रेलवे ने बजट में नए आवास स्वीकृत किए हैं। खाली होने वाले स्थान पर मास्टर प्लान से जुड़ी योजनाओं को मूर्त रूप दिया जाएगा।
महाप्रबंधक महेश मंगल ने माघ मेला के दौरान बताया था कि जंक्शन के सिविल लाइंस साइड और सिटी साइड के लिए 100-100 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। इनका प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। इसमें सिविल लाइंस साइड में नवाब यूसुफ रोड पर स्थित कालोनी की जगह नए यात्री बाड़े, पीआरएस भवन, पार्किंग आदि के इंतजाम किए जाने हैं।
रेल बजट के बाद सूबेदारगंज स्थित जोनल मुख्यालय में हुई प्रेस कांफ्रेंस में महाप्रबंधक ने कहा कि मास्टर प्लान के कार्य अभी स्वीकृत नहीं हुए हैं लेकिन नए आवासों को मंजूरी मिली है। इनका निर्माण होने के बाद कर्मचारियों को शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद खाली आवासों का ध्वस्तीकरण होगा। खाली होने वाले स्थान पर मास्टर प्लान से जुड़े कार्य होंगे। हालांकि, बजट में लोको कालोनी और लीडर रोड कालोनी के पुराने आवासों की बात कही गई है। इसमें 76 आवास टाइप-टू और 24 आवास टाइप-3 के बनने हैं।
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महाप्रबंधक महेश मंगल ने माघ मेला के दौरान बताया था कि जंक्शन के सिविल लाइंस साइड और सिटी साइड के लिए 100-100 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। इनका प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। इसमें सिविल लाइंस साइड में नवाब यूसुफ रोड पर स्थित कालोनी की जगह नए यात्री बाड़े, पीआरएस भवन, पार्किंग आदि के इंतजाम किए जाने हैं।
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रेल बजट के बाद सूबेदारगंज स्थित जोनल मुख्यालय में हुई प्रेस कांफ्रेंस में महाप्रबंधक ने कहा कि मास्टर प्लान के कार्य अभी स्वीकृत नहीं हुए हैं लेकिन नए आवासों को मंजूरी मिली है। इनका निर्माण होने के बाद कर्मचारियों को शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद खाली आवासों का ध्वस्तीकरण होगा। खाली होने वाले स्थान पर मास्टर प्लान से जुड़े कार्य होंगे। हालांकि, बजट में लोको कालोनी और लीडर रोड कालोनी के पुराने आवासों की बात कही गई है। इसमें 76 आवास टाइप-टू और 24 आवास टाइप-3 के बनने हैं।
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