जूना अखाड़े ने उठाया बीड़ा: ईसाई बने अनुसूचित जाति-जन जाति के लोग करेंगे गंगा स्नान, होगी घर वापसी
पंच दशनाम जूना अखाड़ा इसाई बन चुके दलितों, पिछड़ों की सनातन धर्म में घर वापसी कराने के लिए अभियान चला रहा है। इसके लिए दलित महामंडलेश्वर कन्हैया प्रभुनंद गिरि को जिम्मेदारी दी गई है।
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हिंदू से ईसाई बने अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों की घर वापसी होगी। प्रयागराज और आसपास के इलाके में ईसाई बन चुके 150 से अधिक अनुसूचित जाति के लोग हिंदू बनेंगे। इसके लिए जूना अखाड़े के संतों ने तैयारी कर ली है। जून में शुभ मुहूर्त देखकर संगम पर स्नान, पूजा और आरती कराने के साथ ही ऐसे अनुसूचित जाति के इसाई मतावलंबियों की सनातन धर्म में घर वापसी होगी। इस घर वापसी समारोह में देश भर से जूना अखाड़े के संत शामिल होंगे।
पंच दशनाम जूना अखाड़ा इसाई बन चुके दलितों, पिछड़ों की सनातन धर्म में घर वापसी कराने के लिए अभियान चला रहा है। इसके लिए दलित महामंडलेश्वर कन्हैया प्रभुनंद गिरि को जिम्मेदारी दी गई है। सामाजिक उपेक्षा, अपमान और आर्थिक असमानता से तंग आकर बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति के परिवारों के लोग ईसाई धर्म स्वीकार कर गिरजाघरों में प्रभु यीशु की प्रार्थना में जुटे हैं।
सैकड़ों परिवारों को कर लिया गया है राजी
जूना अखाड़े की ओर से ऐसे सैकड़ों परिवारों को चिह्नित कर घर वापसी के लिए राजी करा लिया गया है। इसमें शहर के अलावा नैनी, झूंसी, कोरांव समेत कई इलाके के दलित शामिल हैं। सनातन धर्म से विमुख हो रही दलित और पिछड़ी जातियों को हिंदुत्व का पाठ पढ़ाने निकले महामंडलेश्वर कन्हैया प्रभुनंद बताते हैं कि शहर के राजरूपपुर के अलावा कोरांव और झूंसी इलाके में कई मिशनरियां काम कर रही हैं।
वह अब तक बड़ी संख्या में दलितों को प्रलोभन देकर इसाई धर्म से जोड़ चुकी है। वह ऐसे गरीबों को स्कूल, अस्पताल और गिरजाघरों से जोड़ रही है। इसीलिए जूना अखाड़े ने घर वापसी करने वालों के लिए शिवालय, शिक्षालय और स्वस्थालय का नारा दिया है। इसके लिए जिलेवार 10-15 संतों की टीमें लगाई गई हैं, जो ऐसे दलितों को सनातनधर्म से जोड़कर हिंदुत्व का पाठ पढ़ा रही हैं।
यूपी में 15 हजार से अधिक की हो चुकी है घर वापसी
महामंडलेश्वर स्वामी कन्हैया प्रभु नंद की मानें तो अभी तक यूपी में 15 हजार, मध्य प्रदेश में 12 हजार, महाराष्ट्र में 10 हजार, पंजाब और गुजरात में पांच-पांच हजार लोगों ने घर वापसी की है। ये लोग अब सनातन धर्म और संस्कृति को अपना कर जीवनयापन में जुट गए हैं। इनमें से 150 से अधिक अनुसूचित जाति के लोगों को जून महीने में संगम स्नान कराकर दीक्षित किया जाएगा। महामंडलेश्वर स्वामी कन्हैया बताते हैं कि अयोध्या, वृंदावन, काशी, उज्जैन, नासिक और हरिद्वार स्थित वेद विद्यालयों में 9200 अनुसूचित जाति के बच्चों को वेद की शिक्षा भी दिलाई जा रही है।
ईसाई बने सैकड़ों अनुसूचित वर्ग के लोगों को संगम पर गंगा स्नान कराकर घर वापसी कराई जाएगी। सनातन धर्म छोड़ने अनुसूचित जाति और जन जाति के लोग अब घर वापसी कर रहे हैं। ईसाई, बौद्ध और इस्लाम धर्म अपनाने वाले ऐसे हजारों लोगों ने सनातन धर्म में वापसी की है। देशभर में 50 हजार से अधिक अनुसूचित जाति, जनजाति, आदिवासी कोल और भील सनातन धर्म में लौटे हैं, जिन्होंने दूसरा धर्म अपना लिया था।- महामंडलेश्वर कन्हैया प्रभुनंद गिरि।