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बंधवा स्थित बड़े हनुमान मंदिर के मामले में फैसला सुरक्षित
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Judgment reserved in the case of Bade Hanuman temple located in Bandhwa
बंधवा स्थित हनुमान मंदिर के मामले में फैसला सुरक्षित
महंत नरेंद्र गिरि की याचिका पर हाईकोर्ट कर रहा सुनवाई
प्रयागराज। बंधवा स्थित बड़े हनुमान मंदिर की भूमि को लेकर चल रहे विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर प्रयाग विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने मंदिर और उसके आसपास की भूमि की पैमाइश चार दिन पहले की थी। पैमाइश की रिपोर्ट कोर्ट में सील बंद लिफाफे में दाखिल की गई। इसके बाद कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
मामले में बड़े हनुमान मंदिर के महंत नरेंद्र गिरि की ओर से याचिका दायर की गई है। याचिका में मंदिर और उसके आसपास परिसर पर हुए निर्माण को लेकर कैंटोनमेंट बोर्ड की ओर भेजी गई नोटिस को चुनौती दी गई है। कैंटोनमेंट बोर्ड बड़े हनुमान मंदिर के आसपास हुए निर्माण को अवैध बता रहा है। उसका तर्क है कि मंदिर के नाम से कुल 4335 वर्ग फीट भूमि निर्धारित है। महंत की ओर से निर्धारित भूमि के अलावा कैंटोनमेंट बोर्ड की भूमि पर निर्माण कराया गया है, जो कि अवैध है। महंत नरेंद्र गिरि का कहना है कि उनके द्वारा किसी तरह का अतिक्रमण नहीं किया गया है। इस पर कोर्ट ने हनुमान मंदिर परिसर की पैमाइश का पीडीए को आदेश दिया था।
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महंत नरेंद्र गिरि की याचिका पर हाईकोर्ट कर रहा सुनवाई
प्रयागराज। बंधवा स्थित बड़े हनुमान मंदिर की भूमि को लेकर चल रहे विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर प्रयाग विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने मंदिर और उसके आसपास की भूमि की पैमाइश चार दिन पहले की थी। पैमाइश की रिपोर्ट कोर्ट में सील बंद लिफाफे में दाखिल की गई। इसके बाद कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
मामले में बड़े हनुमान मंदिर के महंत नरेंद्र गिरि की ओर से याचिका दायर की गई है। याचिका में मंदिर और उसके आसपास परिसर पर हुए निर्माण को लेकर कैंटोनमेंट बोर्ड की ओर भेजी गई नोटिस को चुनौती दी गई है। कैंटोनमेंट बोर्ड बड़े हनुमान मंदिर के आसपास हुए निर्माण को अवैध बता रहा है। उसका तर्क है कि मंदिर के नाम से कुल 4335 वर्ग फीट भूमि निर्धारित है। महंत की ओर से निर्धारित भूमि के अलावा कैंटोनमेंट बोर्ड की भूमि पर निर्माण कराया गया है, जो कि अवैध है। महंत नरेंद्र गिरि का कहना है कि उनके द्वारा किसी तरह का अतिक्रमण नहीं किया गया है। इस पर कोर्ट ने हनुमान मंदिर परिसर की पैमाइश का पीडीए को आदेश दिया था।
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