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कहीं झमाझम बारिश, कहीं जेठ की दुपहरी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 15 Jul 2015 01:33 AM IST
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इलाहाबाद। पिछले तीन-चार दिन से मौसम अजीबोगरीब तेवर दिखा रहा है। कभी शहर के किसी इलाके में झमाझम बारिश, तो कहीं तीखी धूप। मंगलवार को भी यही नजारा देखने को मिला। शहर पश्चिमी में जहां झमाझम बारिश हुई तो वहीं कई इलाकों में बारिश का नामोनिशान तक नहीं। पछुवा हवाआें ने दबाव क्या बनाया, पारा एक बार फिर 35 डिग्री का आंकड़ा पार कर 36 पर पहुंच गया। जबकि न्यूनतम तापमान 31.5 डिग्री दर्ज किया गया।
अधिकतम और न्यूनतम तापमान के कम अंतर ने शहरियों को खासा बेहाल किया। शहरी दिन भर भारी उमस से बेहाल रहे। बढ़े हुए तापमान का असर नमी पर भी दिखा। मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम आर्द्रता 93 और न्यूनतम आर्द्रता 61 फीसदी दर्ज की गई।
दूसरी ओर मौसम विज्ञानी मौसम के इस मिजाज को मानसून के लिहाज से खतरनाक मान रहे हैं। मौसम विज्ञानी डॉ. एसएस ओझा का कहना है कि जुलाई में इतना अधिक तापमान मानसून के लिए खतरनाक है। ऐसे ही यदि तापमान का उतार चढ़ाव देखने को मिला तो इसका सीधा असर बारिश पर पड़ेगा जिससे खेतीबारी भी प्रभावित होगी। साथ ही डॉ. ओझा का यह भी कहना है कि पछुवा हवाएं लगातार आ रही है जो मौसम का तानाबाना बदल दे रही है। लेकिन आने वाले दिनों में इसका प्रभाव कम होगा इसकी पूरी संभावना है।
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अधिकतम और न्यूनतम तापमान के कम अंतर ने शहरियों को खासा बेहाल किया। शहरी दिन भर भारी उमस से बेहाल रहे। बढ़े हुए तापमान का असर नमी पर भी दिखा। मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम आर्द्रता 93 और न्यूनतम आर्द्रता 61 फीसदी दर्ज की गई।
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दूसरी ओर मौसम विज्ञानी मौसम के इस मिजाज को मानसून के लिहाज से खतरनाक मान रहे हैं। मौसम विज्ञानी डॉ. एसएस ओझा का कहना है कि जुलाई में इतना अधिक तापमान मानसून के लिए खतरनाक है। ऐसे ही यदि तापमान का उतार चढ़ाव देखने को मिला तो इसका सीधा असर बारिश पर पड़ेगा जिससे खेतीबारी भी प्रभावित होगी। साथ ही डॉ. ओझा का यह भी कहना है कि पछुवा हवाएं लगातार आ रही है जो मौसम का तानाबाना बदल दे रही है। लेकिन आने वाले दिनों में इसका प्रभाव कम होगा इसकी पूरी संभावना है।
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