कुंभ श्रद्धालुओं के लिए जियो ने लॉन्च किया ‘कुंभ जियोफोन’, 4जी डेटा के साथ मिलेगी ये सुविधाएं
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कुंभ के लिए विशेष रूप से ‘कुंभ जियोफोन’ का लांच किया गया है। इसे 501 रुपये में प्राप्त किया जा सकता है। इसमें 4 जी डेटा के साथ जियो यह भी सुनिश्चित करेगा कि उसका लाभ ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु उठा सकें। इसमें कुंभ से जुड़ी सभी उपयोगी जानकारी होगी।
इसमें ट्रेन, बस की जहां यात्री टिकट बुक करा सकेंगे तो वहीं दूसरी ओर उसकी समय सारिणी भी इसमें अपडेट होगी। मेले से जुड़ी तमाम सुविधाओं की भी जानकारी इससे प्राप्त की जा सकेगी। इसमें कुंभ भक्ति कंटेंट, समाचार अलर्ट, मनोरंजन, जियोटीवी, जियो सिनेमा, फ्री वॉयस कॉल, अनलिमिटेड इंटरनेट आदि की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 1991 भी उपलब्ध कराया गया है।
श्रद्धालुओं की जेब में ‘गाइड’
महाकुंभ में आने वाले इस बार अपनी जेब में ‘गाइड’ लेकर घूमेंगे, जो उन्हें मेला क्षेत्र के हर मंदिर, घाट, शिविरों की सैर कराएगा। देश-विदेश से संगम की सैर करने आए पर्यटकों को इलाहाबाद पहुंचने के बाद मेला क्षेत्र के किसी भी पंडाल या पांटून पुल मार्ग ढूंढ़ने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। बस जेब में एक स्मार्ट फोन होना चाहिए। स्मार्ट फोन के जरिये महाकुंभ क्षेत्र में कहीं भी आसानी से पहुंचा जा सकेगा। मेले तक इसे लागू करने के लिए जियो पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) के तहत अगले हफ्ते से सर्वे भी शुरू करा दिया जाएगा।
गूगल मैप पर इलाहाबाद और संगम क्षेत्र सहित तमाम महत्वपूर्ण स्थलों को देखा और वहां तक पहुंचा जा सकता है लेकिन कुंभ से पहले इस सुविधा का दायरा काफी बढ़ जाएगा। संगम क्षेत्र में बसने वाली तंबुओं की नगरी और उसके शिविरों तक स्मार्ट फोन के जरिए पहुंचा जा सकेगा। इस बार एक करोड़ 99 लाख 70 हजार 670 वर्ग मीटर के क्षेत्र में बसने जा रहा महाकुंभ सिर्फ एक स्मार्ट फोन में समा जाएगा। जीपीएस के जरिये मेला क्षेत्र और वहां का हर स्थान ऑन लाइन कर दिया जाएगा। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र में बने पुलिस स्टेशन, अस्पताल, मंदिर, रैन बसेरा, भूले-भटके शिविर पहुंचना हो तो स्मार्ट फोन वहां तक पहुंचाएगा।
मेला क्षेत्र में 18 पांटूल पुल और तकरीबन 1500 प्रमुख संस्थाओं के शिविर बनाए जा रहे हैं। इन शिविरों, पांटून पुलों और सेक्टर मार्केट के बारे में भी जीपीएस के जरिये सभी जानकारी ऑनलाइन कर दी जाएगी। हर कदम पर स्मार्ट फोन बताता रहेगा कि जहां पहुंचना है, वह जगह कितनी दूर है और किस दिशा में स्थित है। स्मार्ट फोन एक गाइड के रूप में काम करेगा। जीपीएस के तहत सर्वे की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड कॉरपोरेशन को सौंपी गई है। सेटेलाइट मैपिंग का काम दिसंबर में पूरा हो जाने जाने की उम्मीद है।
कमिश्नर देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि, ‘पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जीपीएस के तहत मेला क्षेत्र से जुड़े सभी महत्वपूर्ण स्थान ऑनलाइन किए जाने का निर्णय हुआ है। इसके लागू होने के बाद कुंभ में स्मार्ट फोन के साथ आने वालों को काफी सहूलियत रहेगी। संबंधित एजेंसी को समय से काम पूरा करने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।’