Janmashtami 2023 : धूमधाम से मनाई गई जन्माष्टमी, कान्हा की वेशभूषा में सजाए गए बच्चे, तस्वीरें यहां देखें
जन्माष्टमी का त्यौहार जिले मे धूमधाम से मनाया गया। घरों और मंदिरों में कान्हा के जन्मोत्सव पर विविध आयोजन किए गए। स्कूलों में भी झांकियां सजाई गईं। लोगों ने अपने नन्हें मुन्ने बच्चों को कान्हा के रूप में सजाया जो आकर्षण का केंद्र रहे। कान्हा के रूप में सजे बच्चे बरबस ही सबका मन मोह मोह रहे थे।
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रंग-बिरंगे फूलों के वंदनवारों, रंगोलियों, दीपमालाओं और ध्वजा-पताकाओं से सजे मठ-मंदिरों से लेकर घरों तक की छटा बृहस्पतिवार की आधी रात उत्सवी हो गई। मौका था नंद के लाला कन्हाई के जन्मोत्सव का। भादों की आधी रात रिमझिम फुहारों के बीच कृष्ण भक्तों का का रेला उमड़ा तो उमड़ता रहा। जन्मोत्सव के उन क्षणों को नृत्यमय संकीर्तन क अलावा सोहर, मंगल गीतों और भजनों से संगीतमय बनाया गया।
संगमनगरी में कहीं गोवर्धन पर्वत उठाए कान्हा के दर्शन से भक्त निहाल हुए तो कहीं ग्वाल बालों के साथ राधा-कृष्ण के रास रचाने की। भाद्रपद कृष्णपक्ष की अष्टमी पर रात 12 बजे भगवान कृष्ण का जन्म होते ही बधाई बजने लगी। बलुआ घाट स्थित इस्कॉन मंदिर में सांझ ढलते ही आस्था का रेला उमड़ने लगा। शुरुआत हुई नृत्यमय हरे कृष्णा संकीर्तन से। इसके बाद प्रह्लाद वीकेंड स्कूल के बच्चों राधा-कृष्ण पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। गायिका प्रतिमा मिश्रा ने सोहर के अलावा कई गीतों की प्रस्तुति दी।
राधा-कृष्ण की झांकी के दर्शन के लिए सांसद रीता बहुगुणा जोशी, महापौर गणेश केसरवानी ने भी हाजिरी लगाई। इसके बाद सत्य संकर्षण प्रभु ने कृष्ण कथा की रसवर्षा की। युवाओं को गीता-भागवत से जोड़ने के लिए स्टाल लगे हुए थे। तरह-तरह के व्यंजन और खिलौने हर किसी का ध्यान खींचते रहे। इस मौके पर अध्यक्ष अच्युत मोहन प्रभु, सचिव जयप्रकाश प्रभु, विशाल प्रभु, त्रिधंगबंशीधारी प्रभु ,दीपक प्रभु, आलोक प्रभु, प्रेम रूप प्रभु ने व्यवस्था संभाली। वृंदावन से भगवान की पोशाक चार लाख में मंगाई गई थी। रात 11 बजे 51 चांदी के कलशों से महाभिषेक हुआ। इसी तरह
हनुमत निकेतन में जन्मे कन्हाई
सिविल लाइंस स्थित हनुमत निकेतन मंदिर में भी भव्य जन्मोत्सव मनाया गया। रूप गौड़ीय मठ में भी भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव की नयनाभिराम झांकी सजाई गई। भक्तों ने भजन-कीर्तन के जरिए श्रीकृष्ण की महिमा का बखान किया। महाशक्तिपीठ मां कल्याणी देवी मंदिर परिसर स्थित श्रीराधाकृष्ण मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शंखध्वनि, नगाड़े की गूंज के बीच श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। पुजारी श्यामजी पाठक ने प्रसाद वितरित किया।
सिद्धपीठ भोलेगिरि मंदिर में जन्मोत्सव पर मोहक शृंगार कर पूजन किया गया। त्रिवेणी बांध स्थित देवरहा बाबा सेवाश्रम में डॉ रामेश्वर प्रपन्नाचार्य की देखरेख में बाल रूप कृष्ण का पंचामृत से स्नान कराकर पूजन किया गया। लूकरगंज स्थित श्रीकृष्णा भवन में भी सोमवार को जन्मोत्सव की यादगार झांकी कोविड प्रोटोकॉल में सजाई गई। आयोजन सचिव डॉ निखिल सक्सेना की मौजूदगी में भगवान कृष्ण की बाल लीला पर आधारित झांकियां सजाई गईं।
रात 12 बजे आरती उतारी गई। इस मौके पर अरुण कुमार सक्सेना, शशि सक्सेना, अमित सक्सेना, नीतेश, आराध्या, निष्ठा समेत कई लोग मौजूद रहे। इसी तरह मीरापुर स्थित मां ललितादेवी के मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई गई। फूलों से शृंगार किया गया। इसी के साथ मंदिर में छह दिवसीय जन्मोत्सव आरंभ हो गया।
क्रियायोग आश्रम में जन्माष्टमी पर योग साधकों ने लिया शांति-सद्भाव फैलाने का संकल्प
क्रियायोग अनुसंधान संस्थान में बृहस्पतिवार को कृष्ण जन्माष्टमी पर कई देशों और प्रांतों के साधकों ने शांति और समता के पथ पर चलने का संकल्प लिया। आश्रम के संस्थापक योग गुरु स्वामी योगी सत्यम ने कहा कि जिस तरह कृष्ण ने अर्जुन को संदेश दिया था,उसी तरह महाअवतार बाबा ने 19 वीं शताब्दी में लाहिड़ी महाशय को क्रिया योग के ज्ञान का संदेश देकर मानव कल्याण के लिए भेजा था। उन्होंने कहा कि कृष्ण जन्म का उत्सव कौरव और पांडव को एक में मिलाने का आध्यात्मिक अवसर है। इसी क्रियायोग से समता और शांति की स्थापना संभव है। इस मौके पर अमेरिका, कनाडा, सिंगापुर, ब्राजील, आस्ट्रेलिया समेत कई देशों के योग साधक मौजूद रहे।
जन्माष्टमी पर मनकामेश्वर महादेव को लगा छप्पन भोग
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर यमुना तट पर मनकामेश्वर महादेव को छप्पन भोग अर्पित किया गया। महादेव का विशेष शृंगार कराया गया। फिर छप्पन भोग का प्रसाद अर्पित किया गया। रात नौ बजे आरती उतारी गई। मंदिर के महंत स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी ने प्रसाद वितरित किया।
कन्हैया के प्राकट्य पर पथरचट्टी में गूंजे घंटे-घडिय़ाल, भजनों पर झूमें भक्त
प्रयागराज। पथरचट्टी रामलीला कमेटी की ओर से बृहस्पतिवार को घंटे, घड़ियाल के साथ कृष्ण जन्मोत्सव को भक्तिमय बनाया गया। मध्य रात्रि 12 बजे भगवान कृष्ण के जन्म लेते ही पथरचट्टी परिसर में जयकारे गूंजने लगे। इसी के साथ छह दिवसीय श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के संयोजक धर्मेंद्र कुमार भइया जी ने कलाकारों का स्वागत किया।
भजनों की प्रस्तुतियों पर भक्त झूमे
नवग्रह मंदिर में श्रीकृष्ण जन्म की सजाई गई झांकियों को देखने श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। वसंत लाल आजाद, प्रवक्ता लल्लू लाल गुप्ता,सुधीर शर्मा, राजीव गुप्ता,शैलेंद्र साहू ने कृष्ण पूजन में हिस्सा लिया।
मोती-कुंदन संग फूलों के भी गहने
सिविल लाइंस के अलावा रामबाग की फूलमंडी में कान्हा के शृंगार के लिए बाजार में फूलों के गहने हैं, तो हाथों का फूलों वाला गजरा भी उपलब्ध है। मुकुट की जगह गुलाब के फूलों से बना साफा फूल मंडियों में बिक रहा है। मोती, कुंदन के गहने भी उपलब्ध हैं।
बाजे रे मुरलिया बाजे पर दी सुंदर प्रस्तुति
महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर में श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मटकी व बांसुरी लेकर कृष्ण व राधा बने छात्र-छात्राएं आकर्षण का का केंद्र रहे। छात्रा ऋषिका शुक्ला ने मधुर भजन बाजे रे मुरलिया बाजे... पर सुंदर प्रस्तुति दी।कक्षा चार के छात्र केसरी नंदन पांडेय ने लघु भाषण प्रस्तुत किया। अर्नव, अच्युत और गोपाल वर्मा ने भाषण और काव्य प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। प्रधानाचार्या अल्पना डे सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे।
सजीं, निखरीं कान्हा की विविध छवियां
अतरसुइया स्थित नवीन शिशु वाटिका में संस्कार भारती की कौशाम्बी इकाई की पहल पर बुधवार को माखनचोर कान्हा के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में राधा-कृष्ण रूप सज्जा कार्यक्रम आयोजित किया गया। अध्यक्ष तेजेंद्र सिंह प्रयागी की देखरेख में बच्चों को राधा-कृष्ण के विविध रूपों सहित उनकी विविध लीलाओं का अनुसरण करने के लिए प्रेरित किया गया।
महामंत्री कौशिक भट्टाचार्य ने कार्यक्रम का कुशलतापूर्वक संचालन किया। विद्यालय की प्रधानाचार्या सबीहा रिज़वी, अंजू, पूजा, निकिता, विशाखा, रागिनी, ऋतु, गिन्नी, समर, अनिता, आचल ने सहयोग किया। संयोजन गुरविंदर और सुखविंदर सिंह का रहा। संवाद