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Prayagraj News: झाड़ियों से घिरा जन आरोग्य मंदिर
Mon, 27 Jul 2026 01:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Mon, 27 Jul 2026 01:54 AM IST
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फूलपुर की शोभा सरोज ग्रामीण महिला।
बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की सरकार की मंशा हंसराजपुर में दो साल से अधूरी पड़ी है। गांव में जन आरोग्य मंदिर का निर्माण कार्य अब तक अधूरा है। बंद पड़े परिसर में उगी झाड़ियां और बड़ी-बड़ी घास सरकारी उदासीनता की गवाही दे रही हैं। हंसराजपुर समेत छह गांवों की करीब 19 हजार आबादी आज भी इलाज के लिए 10 से 15 किलोमीटर दूर जाने के लिए मजबूर हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यदाई संस्था निर्माण कार्य बीच में ही छोड़कर चली गई। कई बार ग्राम प्रधान, ग्रामीणों और जिम्मेदार लोगों ने शासन-प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से निर्माण पूरा कराने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। भवन स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर न होने से यहां तैनात स्वास्थ्यकर्मी भी मरीजों को सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं।
गांव के प्रधान जय सिंह ने बताया कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने करीब आठ बार संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। इस स्वास्थ्य केंद्र से हंसराजपुर के अलावा चकरा अलीपुर, नंदौत, औसान का पूरा, पूरेगोपाली और कुसेहटा समेत छह से अधिक गांवों के करीब 19 हजार लोगों को लाभ मिलना है। लंबे समय से निर्माण कार्य बंद रहने के कारण अस्पताल परिसर झाड़ियों से भर गया है और भवन वीरान पड़ा है।
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पहली नजर में जन आरोग्य मंदिर का भवन पूरी तरह तैयार दिखाई देता है, लेकिन अंदर कई कमरों में टाइल्स, बिजली फिटिंग, दरवाजे-खिड़कियां और परिसर की सड़क का निर्माण अब भी अधूरा है। इन्हीं कमियों के कारण भवन स्वास्थ्य विभाग को सुपुर्द नहीं किया जा सका है।
दो साल से अस्पताल शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। गांव के लोगों को इलाज के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। - श्यामलाल यादव, हंसराजपुर।
बच्चों के बीमार होने या महिलाओं को इलाज की जरूरत पड़ने पर दूर जाना पड़ता है। गांव में अस्पताल बनकर भी बंद पड़ा है, यह बहुत दुख की बात है। - गीता प्रजापति, ग्रामीण महिला।
गर्भवती महिलाओं को जांच और इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता है। अगर यह अस्पताल जल्द शुरू हो जाए तो गांव की महिलाओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। - शोभा सरोज, ग्रामीण महिला।
फंड नहीं मिलने से निर्माण कार्य रुका हुआ था। करीब दो महीने पहले फंड मिल गया है। अगस्त तक शेष निर्माण कार्य पूरा कर भवन स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा। - शेखर आनंद, ठेकेदार, कार्यदाई संस्था
कार्यदाई संस्था की लापरवाही के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण लंबे समय से अधूरा है। कई बार निर्माण पूरा कराने के लिए कहा गया, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हो सका है। - नीरज सिंह, अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, फूलपुर।
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ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यदाई संस्था निर्माण कार्य बीच में ही छोड़कर चली गई। कई बार ग्राम प्रधान, ग्रामीणों और जिम्मेदार लोगों ने शासन-प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से निर्माण पूरा कराने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। भवन स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर न होने से यहां तैनात स्वास्थ्यकर्मी भी मरीजों को सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं।
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गांव के प्रधान जय सिंह ने बताया कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने करीब आठ बार संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। इस स्वास्थ्य केंद्र से हंसराजपुर के अलावा चकरा अलीपुर, नंदौत, औसान का पूरा, पूरेगोपाली और कुसेहटा समेत छह से अधिक गांवों के करीब 19 हजार लोगों को लाभ मिलना है। लंबे समय से निर्माण कार्य बंद रहने के कारण अस्पताल परिसर झाड़ियों से भर गया है और भवन वीरान पड़ा है।
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पहली नजर में जन आरोग्य मंदिर का भवन पूरी तरह तैयार दिखाई देता है, लेकिन अंदर कई कमरों में टाइल्स, बिजली फिटिंग, दरवाजे-खिड़कियां और परिसर की सड़क का निर्माण अब भी अधूरा है। इन्हीं कमियों के कारण भवन स्वास्थ्य विभाग को सुपुर्द नहीं किया जा सका है।
दो साल से अस्पताल शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। गांव के लोगों को इलाज के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। - श्यामलाल यादव, हंसराजपुर।
बच्चों के बीमार होने या महिलाओं को इलाज की जरूरत पड़ने पर दूर जाना पड़ता है। गांव में अस्पताल बनकर भी बंद पड़ा है, यह बहुत दुख की बात है। - गीता प्रजापति, ग्रामीण महिला।
गर्भवती महिलाओं को जांच और इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता है। अगर यह अस्पताल जल्द शुरू हो जाए तो गांव की महिलाओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। - शोभा सरोज, ग्रामीण महिला।
फंड नहीं मिलने से निर्माण कार्य रुका हुआ था। करीब दो महीने पहले फंड मिल गया है। अगस्त तक शेष निर्माण कार्य पूरा कर भवन स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा। - शेखर आनंद, ठेकेदार, कार्यदाई संस्था
कार्यदाई संस्था की लापरवाही के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण लंबे समय से अधूरा है। कई बार निर्माण पूरा कराने के लिए कहा गया, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हो सका है। - नीरज सिंह, अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, फूलपुर।

फूलपुर की शोभा सरोज ग्रामीण महिला।

फूलपुर की शोभा सरोज ग्रामीण महिला।

फूलपुर की शोभा सरोज ग्रामीण महिला।