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प्रयागराज : जियो और जीने दो के संदेश के साथ जैन धर्म अनुयाइयों ने मनाया क्षमावाणी पर्व
Sun, 11 Sep 2022 10:25 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 11 Sep 2022 10:25 PM IST
सार
भगवान की शांतिधारा श्री धनकुमार जैन नेता जैन सपरिवार एवं सर्वप्रथम आरती श्री नीरज जैन सपरिवार द्वारा की गयी एवं भगवान का अभिषेक करने वाले श्रद्धालुओ की भीड़ उमड़ी रही। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध वकील श्री विष्णु शंकर जैन एवं हरीशंकर जैन उपस्थित रहें।
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Prayagraj News : जैन मंदिर में क्षमावाणी पर्व मनाया गया।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
नगर के जानकी प्रसाद दिगंबर जैन मंदिर जीरो रोड, दिगंबर जैन मंदिर बेनीगंज एवं पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर कर्नलगंज में आत्म शुद्धि, संयम व समर्पण के पर्व पर्यूषण के अवसर पर रविवार को क्षमावाणी की पूजा हुई। प्रात नौ बजे मंदिर से पालकी पर भगवान की शोभायात्रा निकाली जिसमें श्रद्धालुओ ने 'जियो और जीने दो ' और अहिंसा परमो धर्म के नारे लगाए। इसके पश्चात मंदिर जी में मंत्रोच्चार के बीच भगवान का अभिषेक, शांतिधारा व पूजन किया गया।
भगवान की शांतिधारा श्री धनकुमार जैन नेता जैन सपरिवार एवं सर्वप्रथम आरती श्री नीरज जैन सपरिवार द्वारा की गयी एवं भगवान का अभिषेक करने वाले श्रद्धालुओ की भीड़ उमड़ी रही। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध वकील श्री विष्णु शंकर जैन एवं हरीशंकर जैन उपस्थित रहें।
जैन धर्मावलंबियों ने सालभर में जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए एक-दूसरे से क्षमा याचना की। क्षमावाणी के अवसर पर आचार्य विज्ञान भूषण सागर महाराज ने बताया कि क्षमा शब्द मानवीय जीवन की आधारशिला है। जिसके जीवन में क्षमा है, वही महानता को प्राप्त कर सकता है। क्षमावाणी हमें झुकने की प्रेरणा देती है। दशलक्षण पर्व हमें यही सिख देता है कि क्षमावाणी के दिन हमें अपने जीवन से सभी तरह के बैर को मिटाकर प्रत्येक व्यक्ति से क्षमा मांगनी चाहिए। दूसरों को भी क्षमा करने का भाव है ही क्षमावाणी है। इस अवसर पर बेनीगंज स्थित मंदिर मे धर्म पर आधारित नाटिका भी प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर बाला जैन, खुशबू जैन, एवं निधि जैन द्वारा मधुर भजन भी प्रस्तुत किए गए।
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भगवान की शांतिधारा श्री धनकुमार जैन नेता जैन सपरिवार एवं सर्वप्रथम आरती श्री नीरज जैन सपरिवार द्वारा की गयी एवं भगवान का अभिषेक करने वाले श्रद्धालुओ की भीड़ उमड़ी रही। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध वकील श्री विष्णु शंकर जैन एवं हरीशंकर जैन उपस्थित रहें।
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जैन धर्मावलंबियों ने सालभर में जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए एक-दूसरे से क्षमा याचना की। क्षमावाणी के अवसर पर आचार्य विज्ञान भूषण सागर महाराज ने बताया कि क्षमा शब्द मानवीय जीवन की आधारशिला है। जिसके जीवन में क्षमा है, वही महानता को प्राप्त कर सकता है। क्षमावाणी हमें झुकने की प्रेरणा देती है। दशलक्षण पर्व हमें यही सिख देता है कि क्षमावाणी के दिन हमें अपने जीवन से सभी तरह के बैर को मिटाकर प्रत्येक व्यक्ति से क्षमा मांगनी चाहिए। दूसरों को भी क्षमा करने का भाव है ही क्षमावाणी है। इस अवसर पर बेनीगंज स्थित मंदिर मे धर्म पर आधारित नाटिका भी प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर बाला जैन, खुशबू जैन, एवं निधि जैन द्वारा मधुर भजन भी प्रस्तुत किए गए।
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