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Prayagraj News: विधायक राजूपाल के तीन हत्यारों की जेल बदली

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 01 May 2025 02:22 AM IST
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Jail of three murderers of MLA Rajupal changed
बसपा विधायक राजू पाल के तीन हत्यारों की जेल बुधवार को बदल दी गई। इनमें माफिया अतीक अहमद के कुख्यात शूटर आबिद प्रधान, मो. जावेद व गुलशन उर्फ गुलहसन शामिल हैं। तीनों को क्रमश: बागपत, अलीगढ़ व आगरा जेल भेजा गया है। वह पिछले साल मार्च में सजा मिलने के बाद से जिला कारागार नैनी में निरुद्ध थे।
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एक दिन पहले ही संयुक्त सचिव शिव गोपाल सिंह की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया था। मंगलवार देर रात आदेश जिला कारागार नैनी प्रशासन के पास पहुंचा। इसके बाद ही तैयारी शुरू कर दी गई। बुधवार दोपहर तीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच संबंधित जेलों के लिए रवाना कर दिया गया। हत्याकांड में दोषी करार दिए जा चुके अन्य आरोपियों में फरहान बांदा, अब्दुल कवि बरेली, जबकि इसरार व रंजीत पाल लखनऊ जेल में सजा काट रहे हैं। नैनी जिला कारागार की वरिष्ठ जेल अधीक्षक अमिता दुबे ने बताया कि तीनों कैदियों को संबंधित जेलों के लिए रवाना कर दिया गया है।
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हत्याकांड के सात आरोपियों को सीबीआई लखनऊ की कोर्ट ने पिछले साल मार्च में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इनमें माफिया अतीक अहमद के तीन शॉर्प शूटर फरहान, आबिद और अब्दुल कवि के अलावा जावेद, इसरार, रंजीत पाल और गुल हसन शामिल हैं। हत्याकांड में अतीक व अशरफ भी आरोपी थे, लेकिन फैसला आने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।
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2016 में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सौंपी थी जांच
- हत्याकांड की जांच सर्वोच्च न्यायालय ने 22 जनवरी 2016 को सौंपी थी सीबीआई को
- पूजा पाल ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर लगाई थी सीबीआई जांच की गुहार
- घटना में राजू पाल के साथ देवी लाल पाल और संदीप यादव की भी गई थी जान
- 20 अगस्त 2019 को सीबीआई ने कुल 10 लोगों के खिलाफ दाखिल की थी चार्जशीट
- एक आरोपी रफीक उर्फ गुलफुल प्रधान की भी फैसला आने से पहले हो चुकी थी मौत

दिनदहाड़े बरसाई गई थीं गोलियां
25 जनवरी 2005 दिन मंगलवार को दोपहर करीब तीन बजे का वक्त था। शहर पश्चिमी के बसपा विधायक राजू पाल एसआरएन अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस से दो गाड़ियों के काफिले में साथियों संग धूमनगंज के नीवां में घर लौट रहे थे, तभी सुलेमसराय में जीटी रोड पर उनकी गाड़ी को घेरकर गोलियों की बौछार कर दी गई।पिछले साल 29 मार्च को विधायक राजूपाल हत्याकांड के सात आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई थी। इनमें से छह को उम्रकैद जबकि एक को चार साल की सजा सीबीआई कोर्ट ने सुनाई थी।

पूजा बोलीं- बना हुआ था जान का खतरा
विधायक राजू पाल की पत्नी चायल की मौजूदा विधायक पूजा पाल का कहना है कि उनके पति के हत्यारों के नैनी जेल में निरुद्ध होने से उन पर जान का खतरा बना हुआ था। उनका आरोप है कि तीनों नैनी जेल में रहकर पूरे प्रयागराज मंडल में गैंग का संचालन कर रहे हैं। गैंग के सदस्यों की सांठगांठ से अवैध प्लाॅटिंग, अनुचित व्यापार, गैरकानूनी धंधे व गैंग के सदस्यों के माध्यम से अवैध चल-अचल संपत्तियां अर्जित करने में भी लिप्त हैं। ऐसे में इन्हें अन्यत्र जेल में स्थानांतरित किया जाना अति आवश्यक है।
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