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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   ISCON: India's first Bhakti Vedanta cultural center will open in Prayagraj, CM Yogi will inaugurate

ISKCON : प्रयागराज में खुलेगा भारत का पहला भक्ति वेदांत सांस्कृतिक केंद्र, सीएम योगी करेंगे उद्घाटन

Fri, 30 Aug 2024 12:38 PM IST
विनोद सिंह पुष्पा कुमारी, संवाद न्यूज एजेंसी
पुष्पा कुमारी, संवाद न्यूज एजेंसी Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 30 Aug 2024 12:38 PM IST
सार

तीर्थराज प्रयाग में इस्कॉन मंदिर यमुना के बलुआघाट के किनारे स्थित है। पिछले साल अगस्त में यहीं पर यज्ञ-पूजन के बाद भक्ति वेदांत सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण शुरू कराया गया था। तब, यह बात सामने नहीं आई थी कि यह देश का पहला केंद्र होगा, जहां चार और पांच मंजिला तीन भवन बनेंगे। यहां कुल 12 विभाग खोले जाएंगे।

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ISCON: India's first Bhakti Vedanta cultural center will open in Prayagraj, CM Yogi will inaugurate
देश के पहले भक्ति वेदांत सांस्कृतिक केंद्र का प्रस्तावित भवन। - फोटो : संवाद

विस्तार

देश भर में सनातन का वैभव फैला रही संस्था इस्कॉन देश का पहला भक्ति वेदांत सांस्कृतिक केंद्र इसी साल दिसंबर में प्रयागराज में शुरू करने जा रही है। इसके लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आमंत्रित किया गया है। इस बहुमंजिला केंद्र में कुल 12 विभाग खोले जाएंगे, जहां भजन-कीर्तन से लेकर पुजारियों को मंत्रोच्चार तक की ट्रेनिंग दी जाएगी।

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तीर्थराज प्रयाग में इस्कॉन मंदिर यमुना के बलुआघाट के किनारे स्थित है। पिछले साल अगस्त में यहीं पर यज्ञ-पूजन के बाद भक्ति वेदांत सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण शुरू कराया गया था। तब, यह बात सामने नहीं आई थी कि यह देश का पहला केंद्र होगा, जहां चार और पांच मंजिला तीन भवन बनेंगे। यहां कुल 12 विभाग खोले जाएंगे।

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इनमें नृत्य वाटिका, कला निकेतन, स्वर ब्रह्म, विद्यापीठ, धर्मकेंद्र, भोजशाला जैसे कुल 12 विभाग खोले जाएंगे। हर विभाग में करीब 70 लोगों का पंजीकरण होगा। विद्यापीठ में बच्चों को इस्कॉन का इतिहास पढ़ाया जाएगा। स्वर ब्रह्म में लोगों को भजन-कीर्तन सिखाएंगे। धर्म केंद्र में पुजारियों को कान्हा के विग्रह के महाभिषेक के दौरान पढ़े जाने वाले मंत्रों की ट्रेनिंग दी जाएगी।

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इस्कॉन मंदिर के सचिव जय प्रकाश बताते हैं कि भगवान की मूर्तियों को कैसे बनाना है, यह कला निकेतन में सिखाया जाएगा। संस्कृति में पांच से 12 साल तक के बच्चों को शिक्षा दी जाएगी। आधुनिकता के साथ शालीनता का समावेश करते हुए युवाओं को पहनावे के तौर-तरीके सिखाए जाएंगे।

वैष्णवी संघ में महिलाओं को बताएंगे कि प्रभुपादजी ने कैसे अपना जीवन बिताया है। भोजशालय से रोजाना 20 हजार लोगों को प्रसाद देने की व्यवस्था की जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों को प्रभु का इतिहास बताया जाएगा। भक्ति केंद्र में प्रवचन हॉल, ऑनलाइन कथा के लिए स्टूडियो रिकॉर्डिंग रूम, वैदिक पुस्तकालय हॉल और सुख-सुविधाओं से सुसज्जित 42 कमरों का अतिथि गृह भी बनेगा।

यह सुविधाएं होंगी

-मंदिर हॉल में 350 श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था

-150 लोग एक साथ हॉल में प्रसाद बना सकेंगे

- गोविंदास रेस्टोरेंट में एक साथ 100 लोग बैठ सकेंगे

-सेमिनार हॉल की क्षमता 100 लोगों के बैठने की होगी

-31 डीलक्स रूम, आठ रूम और तीन सुईट्स होंगे

-रसोई घर में 5000 श्रद्धालुओं का बन सकेगा भोजन

- दो गिफ्ट्स शॉप खुलेंगी, जहां ऑर्गेनिक वस्तुएं और किताबें मिलेंगी

भक्ति वेदांत सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण दिसंबर से पहले पूरा करेंगे। यह भारत का पहला केंद्र होगा। दिसंबर में मुख्यमंत्री के हाथों इसका उद्घाटन कराने की योजना है। - जय प्रकाश, सचिव इस्कॉन मंदिर

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