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स्वास्थ्य : अनियमित दिनचर्या से पित्त की थैली और किडनी में पथरी का खतरा

Sat, 21 Oct 2023 03:46 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 21 Oct 2023 03:46 PM IST
सार

सिर्फ स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) में हर महीने लगभग 200 से अधिक मरीजों के पित्त की थैली व किडनी में पथरी की सर्जरी होती है। इसके अलावा निजी अस्पतालों में भी हर महीने सैकड़ों मरीजों की सर्जरी की जाती है।

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Irregular daily routine increases the risk of gall bladder and kidney stones.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

उम्र के साथ इंसान के शरीर में तमाम प्रकार की बीमारियां जन्म लेने लगती हैं। इसमें एक समस्या पथरी की भी होती है। आमतौर पर 40 वर्ष की आयु के बाद लोगों में पथरी की परेशानी होती है। मुख्य रूप से पित्त की थैली व किडनी में पथरी होती है। वहीं, पिछले पांच वर्षों में पथरी के मामले बढ़े हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण अनियमित दिनचर्या है। इसमें भी तले-भुने भोजन और जंक फूड के सेवन के अलावा लोगों का स्वास्थ्य के प्रति जागरूक न होना प्रमुख है। विशेषज्ञों की मानें तो हर दसवें व्यक्ति में पथरी की परेशानी होती है, जिनकी सर्जरी करना जरूरी हो जाता है।

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सिर्फ स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) में हर महीने लगभग 200 से अधिक मरीजों के पित्त की थैली व किडनी में पथरी की सर्जरी होती है। इसके अलावा निजी अस्पतालों में भी हर महीने सैकड़ों मरीजों की सर्जरी की जाती है। चिकित्सकों की मानें तो पित्त में पथरी तब होती है जब उसमें कोलेस्ट्रॉल इकट्ठा होने लगता है। ऐसा होने पर कोलेस्ट्रॉल एक जगह होने की वजह से सख्त हो जाता है और यह छोटे-छोटे पत्थरों का रूप ले लेता है।

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अगर शुरुआती समय में इसपर ध्यान न दिया जाए तो पथरी का आकार बढ़ने लगता है और अंत में इसके उपचार के लिए सर्जरी का ही विकल्प बचता है। ऐसे में अगर पित्त की थैली में पथरी के लक्षण महसूस हों तो बिना देर किए चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। वहीं, दूसरी तरफ गुर्दे की पथरी अधिकतर 20 से 40 वर्ष की आयु के बीच ज्यादा देखने को मिलती है। इसका मुख्य कारण होता है डाइट का तरीका बदलना।

अधिकतर युवा पानी कम पीते हैं और जरूरत से ज्यादा कैलोरी के रूप में मांसाहारी, तले-भुने भोजन और जंक फूड का सेवन करते हैं। इसके करण किडनी में पथरी होती है। वैसे देखा जाए तो गुर्दे की पथरी का आकार हर व्यक्ति में अलग-अलग होता है। यह बहुत छोटा होने से लेकर इतना बड़ा हो सकता है कि गुर्दे के भीतरी खोखले हिस्सों को पूरी तरह से भर देता है।

पथरी के कारण का कारण

रसायनों का असंतुलन, अनियमित लाइफ स्टाइल, मोटापा, मधुमेह, गठिया एवं हड्डी रोग आदि पथरी की समस्या के प्रमुख कारण हैं।

किडनी में पथरी की समस्या सबसे ज्यादा अनियमित लाइफ स्टाइल से होती है। 20 से 40 वर्ष के युवाओं को अधिक खतरा रहता है। ऐसे में अधिक मात्रा में पानी पीना और शाकाहारी व बिना तला-भुजा भोजन लेना फायदेमंद है। - डॉ. संतोष मौर्या, प्रोफेसर, नेफ्रोलॉजी विभाग, मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज।

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