प्रयागराज : आईपीएल में सट्टेबाजी का भंडाफोड़, छह आरोपी गिरफ्तार, राजस्थान से जुड़े हैं तार
विकास के मोबाइल पर प्रतिदिन जयपुर से ओटीपी आता था, जिसके बाद प्रति गेंद ‘भाव’ मिलना शुरू हो जाता था। गिरोह के लोगों ने सट्टेबाजी से करोड़ों रुपये कमाए थे। डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि सभी मंहगी मंहगी गाड़ियों और से चलते थे।
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एसटीएफ ने जार्जटाउन थाना क्षेत्र के टैगोर टाउन इलाके में बुधवार की रात आईपीएल में सट्टेबाजी का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से तीन लाख रुपये, आई-20 कार समेत तमाम चीजें बरामद हुई हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है।
आईपीएल शुरू होने के बाद से सूचना मिल रही थी कि सटोरिये सट्टा खिलवा रहे हैं। एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह को टैगोर टाउन के एक घर में सट्टेबाजी की पुख्ता सूचना मिली तो बुधवार की रात उस घर की घेरेबंदी की गई। पुलिस ने मौके से गैंग के सरगना अल्लापुर के विकास केसरवानी, सट्टा मैनेजर अंबर यादव निवासी फतेहपुर बिछुआ, नैनी के शुभेंद्र प्रताप सिंह, हिमांशु शिवहरे निवासी सुभाष नगर फतेहपुर, रंजीत यादव निवासी फतेहपुर बिछुआ और फाफामऊ बाजार के शिवम चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया।
उनके पास से तीन लाख 23 हजार रुपये, एक आई-20 कार, एलईडी, मॉडम, रजिस्टर और विभिन्न कंपनियों के 14 मोबाइल फोन बरामद हुए। सरगना विकास केसरवानी ने बताया कि गिरोह लंबे समय से सट्टेबाजी में लिप्त है। राजस्थान के जयपुर से ‘लाइन’ लेकर आईपीएल में सट्टेबाजी की जा रही थी। शहर के सैकड़ों लोग विकास तथा उसके गैंग के माध्यम से आईपीएल में पैसा लगा रहे थे।
प्रतिदिन जयपुर से आता था ओटीपी
विकास के मोबाइल पर प्रतिदिन जयपुर से ओटीपी आता था, जिसके बाद प्रति गेंद ‘भाव’ मिलना शुरू हो जाता था। गिरोह के लोगों ने सट्टेबाजी से करोड़ों रुपये कमाए थे। डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि सभी मंहगी मंहगी गाड़ियों और से चलते थे। किसी दूसरे शहर में जाने के लिए फ्लाइट का प्रयोग करते थे। आरोपियों के खिलाफ जार्जटाउन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। उनके खिलाफ जुआ अधिनियम के साथ धारा 420 भी लगाई गई है।
किरायेदार और जयपुर के सटोरिये भी वांटेड
गैंग के लोगों ने टैगोर टाउन के एक घर को अपना अड्डा बनाया था। वहां धर्मेंद्र सिंह नाम का शख्स किरायेदार था। गैंग के लोग उसे अच्छी खासी रकम देते थे। एसटीएफ ने धर्मेंद्र को भी नामजद किया है। इसके अलावा जयपुर के रहने वाले मुख्य सटोरियों को भी वांटेड किया गया है। पुलिस को मोबाइल पर पूरी रिकार्डिंग मिली है। गैंग के लोगों ने तमाम लोगों की रकम धोखे से हड़पी भी है।