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Upbhokta Ayog : आईफोन गिरकर टूटा, बीमा कंपनी ने किया टालमटोल...अब ब्याज समेत भुगतान करना होगा
Sat, 17 Jan 2026 01:05 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 17 Jan 2026 01:05 PM IST
सार
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मोबाइल बीमा दावा लंबित रखने के मामले में बीमा कंपनी को सेवा में कमी का दोषी माना है। आयोग ने कंपनी को क्षतिग्रस्त मोबाइल की आंकी गई क्षति राशि 25 हजार रुपये आठ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने का आदेश दिया है।
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अदालत।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मोबाइल बीमा दावा लंबित रखने के मामले में बीमा कंपनी को सेवा में कमी का दोषी माना है। आयोग ने कंपनी को क्षतिग्रस्त मोबाइल की आंकी गई क्षति राशि 25 हजार रुपये आठ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने का आदेश दिया है। यह आदेश आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहीम, सदस्य प्रकाश चंद्र त्रिपाठी व सरला की पीठ ने अनुज सोनकर की ओर से दायर परिवाद पर दिया।
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कीडगंज निवासी अनुज सोनकर ने चार जून 2015 को एक नामी स्टोर से आईफोन-6 51,895 रुपये में खरीदा था। मोबाइल का थेफ्ट एवं एक्सीडेंटल डैमेज बीमा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी से कराया था। 14 दिसंबर 2015 को एक पार्टी के दौरान मोबाइल हाथ से गिर गया, जिससे वह क्षतिग्रस्त हो गया। उसे बनवाने में कुल 25,000 रुपये का खर्च आया। याची ने औपचारिकताएं पूरी कर 22 मार्च 2016 को बीमा दावा प्रस्तुत किया पर कोई भुगतान नहीं किया गया।
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बीमा कंपनी की ओर से दलील दी गई कि परिवादी ने पॉलिसी का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था। यह नो इंश्योरेंस पॉलिसी का मामला है। साथ ही घटना की तिथि पर वैध पॉलिसी न होने के कारण बीमा कंपनी से न तो कोई दावा किया जा सकता है और न ही कंपनी के खिलाफ परिवाद चलाया जा सकता है।
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आयोग ने बीमा पाॅलिसी और थेफ्ट एंड एक्सीडेंटल डैमेज सर्टिफिकेट के आधार पर परिवाद को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए बीमा कंपनी को क्षति की आंकी गई राशि 25,000 रुपये परिवाद दाखिल करने की तिथि से आठ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज पर भुगतान करने का आदेश दिया। साथ ही मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति के रूप में पांच हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में दो हजार रुपये का भुगतान दो माह के भीतर याची को करने का आदेश दिया।