{"_id":"5e00ef4d8ebc3e87cc2f12d2","slug":"internet-service-restored-in-prayagraj-dm-presses-decision-after-pressure","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रयागराज में इंटरनेट सेवा बहाल, दबाव के बाद डीएम ने लिया निर्णय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रयागराज में इंटरनेट सेवा बहाल, दबाव के बाद डीएम ने लिया निर्णय
Mon, 23 Dec 2019 10:16 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 23 Dec 2019 10:16 PM IST
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prayagraj news
- फोटो : प्रयागराज
चार दिन बाद सोमवार को इंटरनेट सेवा बहाल हो गई। चौतरफा दबाव के बाद डीएम ने एक दिन पहले ही सुविधा बहाल करने के लिए संचार कंपनियों को पत्र लिखा। इसके बाद करीब एक बजे से इंटरनेट कनेक्शन मिलने के साथ लोगों के व्हाट्सअप पर संदेश आने शुरू हो गए और लोगों ने राहत महसूस की। अचानक सेवा शुरू होने के बाद काफी देर तक फोन करके लोग एक दूसरे को इसकी सूचना देते रहे। प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि खुफिया विभाग की रिपोर्ट सकारात्मक है। इसके बाद सेवा बहाल करने का निर्णय लिया गया।
एनआसी-सीएए के मुद्दे पर बृहस्पतिवार को सपा और वामपंथी दलों की अगुवाई में बड़ा आंदोलन हुआ था। सुभाष चौराहा पर जुटी हजारों की भीड़ से तनाव बढ़ गया था। इसके अलावा शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद भी बड़े आंदोलन की घोषणा की गई थी। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन के आदेश पर बृहस्पतिवार रात में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। प्रयागराज के अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी लेकिन, ज्यादातर शहरों में रविवार को ही सेवा बहाल हो गई।
बवाल वाले जिले गोरखपुर और वाराणसी में भी इंटरनेट सेवा शुरू कर दी गई। इसके विपरीत डीएम की ओर से संचार सेवा प्रदाता कंपनियों को पत्र लिखकर मंगलवार तक यह सुविधा बंद रखने के लिए कहा गया था। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी का कहना था कि मंगलवार को शांति व्यवस्था की समीक्षा के बाद सेवा बहाल करने पर निर्णय लिया जाएगा। जबकि, दो दिन निकलने वाले जुलूस को छोड़ दें तो अन्य जिलों की तुलना में यहां का माहौल शांतिपूर्ण रहा। ऐसे में मंगलवार तक सेवा बाधित रखने के प्रशासन के फैसले को लेकर चौतरफा दबाव बनने लगा।
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व्यापारी, छात्र-छात्रा उठाने लगे कि प्रशासन के पास कौन सा फीडबैक है कि इंटरनेट सेवा बाधित करनी पड़ रही है। इसे लेकर लोगों में कई तरह की आशंकाओं ने भी जन्म ले लिया था। इससे बने दबाव के बाद डीएम की ओर से सोमवार को कंपनियों को पत्र लिखा गया। उन्होंने दिन में 12 बजे से इंटरनेट सेवा बहाल करने के लिए कहा था। एक संचार कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इसके बाद केबल आदि जोड़ने में एक घंटा लग गया। उनका कहना था कि दिन में करीब एक बजे से सेवा पूरी तरह से सुचारू हो गई।
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एनआसी-सीएए के मुद्दे पर बृहस्पतिवार को सपा और वामपंथी दलों की अगुवाई में बड़ा आंदोलन हुआ था। सुभाष चौराहा पर जुटी हजारों की भीड़ से तनाव बढ़ गया था। इसके अलावा शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद भी बड़े आंदोलन की घोषणा की गई थी। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन के आदेश पर बृहस्पतिवार रात में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। प्रयागराज के अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी लेकिन, ज्यादातर शहरों में रविवार को ही सेवा बहाल हो गई।
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बवाल वाले जिले गोरखपुर और वाराणसी में भी इंटरनेट सेवा शुरू कर दी गई। इसके विपरीत डीएम की ओर से संचार सेवा प्रदाता कंपनियों को पत्र लिखकर मंगलवार तक यह सुविधा बंद रखने के लिए कहा गया था। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी का कहना था कि मंगलवार को शांति व्यवस्था की समीक्षा के बाद सेवा बहाल करने पर निर्णय लिया जाएगा। जबकि, दो दिन निकलने वाले जुलूस को छोड़ दें तो अन्य जिलों की तुलना में यहां का माहौल शांतिपूर्ण रहा। ऐसे में मंगलवार तक सेवा बाधित रखने के प्रशासन के फैसले को लेकर चौतरफा दबाव बनने लगा।
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व्यापारी, छात्र-छात्रा उठाने लगे कि प्रशासन के पास कौन सा फीडबैक है कि इंटरनेट सेवा बाधित करनी पड़ रही है। इसे लेकर लोगों में कई तरह की आशंकाओं ने भी जन्म ले लिया था। इससे बने दबाव के बाद डीएम की ओर से सोमवार को कंपनियों को पत्र लिखा गया। उन्होंने दिन में 12 बजे से इंटरनेट सेवा बहाल करने के लिए कहा था। एक संचार कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इसके बाद केबल आदि जोड़ने में एक घंटा लग गया। उनका कहना था कि दिन में करीब एक बजे से सेवा पूरी तरह से सुचारू हो गई।