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High Court : औरैया में आज सुबह छह बजे होने वाले ध्वस्तीकरण पर अंतरिम रोक, कोर्ट ने की आपातकालीन सुनवाई
Thu, 16 Apr 2026 01:38 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 16 Apr 2026 01:38 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने औरैया में घरों और दुकानों के ध्वस्तीकरण पर तत्काल प्रभाव से अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खंडपीठ ने सुमन देवी और तीनन्य की याचिका पर दिया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने औरैया में घरों और दुकानों के ध्वस्तीकरण पर तत्काल प्रभाव से अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खंडपीठ ने सुमन देवी और तीन अन्य की याचिका पर दिया है।
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याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेंद्र नाथ सिंह ने मुख्य न्यायमूर्ति के समक्ष आपातकालीन सुनवाई की गुहार लगाई थी, जिसमें बताया गया कि स्थानीय प्रशासन बृहस्पतिवार की सुबह 6:00 बजे विध्वंस की तैयारी में है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष पीठ का गठन किया गया, जिसने शाम 6:40 बजे इस पर स्थगन आदेश पारित किया।
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याचिकाकर्ताओं का दावा है कि उनके मकान और दुकानें उन जमीनों पर बने हैं, जो 1987 से 1991 के बीच सरकार की नसबंदी प्रोत्साहन योजना के तहत आवंटित की गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत करने के बावजूद अधिकारियों ने उन पर विचार नहीं किया और आननफानन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित कर दी। वहीं, राज्य सरकार के वकील ने दलील दी कि याचिकाकर्ताओं को बार-बार नोटिस के बावजूद उन्होंने साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए।
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कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले की गंभीरता को देखते हुए पक्षकारों को विवादित संपत्ति पर वर्तमान स्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को एक सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी।