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Prayagraj News: नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा, 15 गिरफ्तार
Thu, 25 Sep 2025 03:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Thu, 25 Sep 2025 03:14 AM IST
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नैनी पुलिस की गिरफ्तर में अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य।
गरीब युवकों को नौकरी के नाम पर ठगी का शिकार बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 15 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके पास से पुलिस ने एक कार, 13 मोबाइल, एक लैपटाप, दो आईडी कार्ड व नौकरी के लिए भराए गए फार्म व सादा फार्म बरामद किया गया है। पकड़े गए सभी अभियुक्त और पीड़ित राजस्थान के हैं। युवकों को नौकरी के लिए ट्रेनिंग के नाम पर यहां बंधक बनाकर रखा जाता था।
पुलिस के अनुसार, थाने के सीयूजी पर बीते मंगलवार को एक अंजान नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले शख्स ने बताया कि सरपतहिया के समीप स्थित आशीर्वाद गेस्ट हाउस में कुछ लोगों को बंधक बनाकर रखा गया है। इस पर पुलिस की टीम गेस्ट हाउस पहुंची तो देखा कि वहां कई युवक मौजूद थे।
पूछातछ में वहां मौजूद युवकों ने बताया कि उन्हें यहां नौकरी के नाम लाया गया है और ट्रेनिंग देने के नाम पर बंधक बनाकर रखा गया है। पुलिस से मौके से 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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बंधक से मुक्त कराए गए युवकों में एक वादी राजस्थान के झुंझुनू, थाना मलसीसर खोहरी गांव निवासी गोपीचंद्र की तहरीर और पीड़ित नागौर निवासी प्रेमाराम, मुकुंदगढ़ के चेतन, अलवर के संदीप, ईश्वर सिंह व हेम सिंह ने बताया कि नौकरी दिलाने के नाम पर उन्हें बुलाया गया था। 15 दिन पहले उन्हें यहां पर बुलाया गया था।
प्रयागराज जंक्शन पर पहुंचते ही रैपीडो से उन्हें एक निश्चित स्थान पर बुलाया गया। 26000 रुपये नौकरी दिलाने के नाम पर और 1100 रुपये फार्म भरने के नाम पर जमा करया गया था। उसके बाद उन्हें एक कमरे में बंधक बना दिया गया, जहां प्रशिक्षण के नाम पर 18 हफ्ते रहने के लिए कहा गया।
बाद में उनसे रिश्तेदारों का नंबर लेकर फोन कराया गया कि मेरी सरकारी नौकरी लग गई है। तुम लोग भी आओ। इस पर कई लोग वहां पहुंच गए। उन्हें भी बंधक बनाकर रखा गया था। कुछ लोगों को यह कहकर वापस कर दिया गया कि तुम इंटरव्यू में फेल हो गए हो, तुम्हारी नौकरी नहीं लगेगी। विरोध करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती थी।
ये आरोपी किए गए गिरफ्तार
इंस्पेक्टर बृज किशोर गौतम का कहना है कि पकड़े गए अभियुक्त अमित कुमार निवासी सुकराम का वास थाना सूरजगढ जनपद झुंझुनू राजस्थान, सुमित कुमार, राजूराम निवासी थाना बिदासर जनपद चुरू, राजकुमार रायल निवासी हसोलिक थाना सदर चुरू जनपद चुरू, सोनू यादव निवासी नारायणपुर थाना नारायणपुर जनपद कोटपुतली बहरोड, विश्वजीत निवासी नावा थाना नावा जनपद नागौर, शिवराज सिंह निवासी मेहलाना थाना तारानगर जनपद चुरू, सुमित निवासी कोलिंदा थाना दहनोरी जनपद झुंझुनू, बलराम मीना निवासी खाटूश्याम थाना खाटूश्याम जनपद सीकर, मोहित निवासी झुंझुनू थाना झुंझुनू जनपद झुंझुनू, अनीश निवासी हाउसिंग बोर्ड, रवींद्र कुमार निवासी लोहसना थाना दुधवा खरा जनपद चुरू, साहिल निवासी कोलिंदा थाना दहनोरी जनपद झुंझुनू, मनोज निवासी भैसली थाना हमीरवास जनपद चुरू और सोनू विश्वकर्मा निवासी रतनपुर थाना गोविंदपुर जनपद धनबाद, झारखंड है।
पूछताछ में उन्होंने बताया कि लोगों को षड्यंत्र के तहत सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर अन्य स्थानों से बुलाकर मारपीट कर धमकी देकर बंधक बनाते थे व जान से मारने की धमकी देते थे तथा फर्जी मुकदमे में फंसाकर वसूली करते थे। उन्होंने बताया कि संगठन का मुखिया प्रकाश राव है। पुलिस ने पकड़े गए अभियुक्तों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उनका चालान कर दिया।
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पुलिस के अनुसार, थाने के सीयूजी पर बीते मंगलवार को एक अंजान नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले शख्स ने बताया कि सरपतहिया के समीप स्थित आशीर्वाद गेस्ट हाउस में कुछ लोगों को बंधक बनाकर रखा गया है। इस पर पुलिस की टीम गेस्ट हाउस पहुंची तो देखा कि वहां कई युवक मौजूद थे।
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पूछातछ में वहां मौजूद युवकों ने बताया कि उन्हें यहां नौकरी के नाम लाया गया है और ट्रेनिंग देने के नाम पर बंधक बनाकर रखा गया है। पुलिस से मौके से 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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बंधक से मुक्त कराए गए युवकों में एक वादी राजस्थान के झुंझुनू, थाना मलसीसर खोहरी गांव निवासी गोपीचंद्र की तहरीर और पीड़ित नागौर निवासी प्रेमाराम, मुकुंदगढ़ के चेतन, अलवर के संदीप, ईश्वर सिंह व हेम सिंह ने बताया कि नौकरी दिलाने के नाम पर उन्हें बुलाया गया था। 15 दिन पहले उन्हें यहां पर बुलाया गया था।
प्रयागराज जंक्शन पर पहुंचते ही रैपीडो से उन्हें एक निश्चित स्थान पर बुलाया गया। 26000 रुपये नौकरी दिलाने के नाम पर और 1100 रुपये फार्म भरने के नाम पर जमा करया गया था। उसके बाद उन्हें एक कमरे में बंधक बना दिया गया, जहां प्रशिक्षण के नाम पर 18 हफ्ते रहने के लिए कहा गया।
बाद में उनसे रिश्तेदारों का नंबर लेकर फोन कराया गया कि मेरी सरकारी नौकरी लग गई है। तुम लोग भी आओ। इस पर कई लोग वहां पहुंच गए। उन्हें भी बंधक बनाकर रखा गया था। कुछ लोगों को यह कहकर वापस कर दिया गया कि तुम इंटरव्यू में फेल हो गए हो, तुम्हारी नौकरी नहीं लगेगी। विरोध करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती थी।
ये आरोपी किए गए गिरफ्तार
इंस्पेक्टर बृज किशोर गौतम का कहना है कि पकड़े गए अभियुक्त अमित कुमार निवासी सुकराम का वास थाना सूरजगढ जनपद झुंझुनू राजस्थान, सुमित कुमार, राजूराम निवासी थाना बिदासर जनपद चुरू, राजकुमार रायल निवासी हसोलिक थाना सदर चुरू जनपद चुरू, सोनू यादव निवासी नारायणपुर थाना नारायणपुर जनपद कोटपुतली बहरोड, विश्वजीत निवासी नावा थाना नावा जनपद नागौर, शिवराज सिंह निवासी मेहलाना थाना तारानगर जनपद चुरू, सुमित निवासी कोलिंदा थाना दहनोरी जनपद झुंझुनू, बलराम मीना निवासी खाटूश्याम थाना खाटूश्याम जनपद सीकर, मोहित निवासी झुंझुनू थाना झुंझुनू जनपद झुंझुनू, अनीश निवासी हाउसिंग बोर्ड, रवींद्र कुमार निवासी लोहसना थाना दुधवा खरा जनपद चुरू, साहिल निवासी कोलिंदा थाना दहनोरी जनपद झुंझुनू, मनोज निवासी भैसली थाना हमीरवास जनपद चुरू और सोनू विश्वकर्मा निवासी रतनपुर थाना गोविंदपुर जनपद धनबाद, झारखंड है।
पूछताछ में उन्होंने बताया कि लोगों को षड्यंत्र के तहत सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर अन्य स्थानों से बुलाकर मारपीट कर धमकी देकर बंधक बनाते थे व जान से मारने की धमकी देते थे तथा फर्जी मुकदमे में फंसाकर वसूली करते थे। उन्होंने बताया कि संगठन का मुखिया प्रकाश राव है। पुलिस ने पकड़े गए अभियुक्तों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उनका चालान कर दिया।