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Prayagraj News: इंश्योरेंस कंपनी को आंधी-तूफान में गोदाम को हुए नुकसान की भरपाई करने का आदेश

Wed, 07 Oct 2026 03:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज Updated Wed, 07 Oct 2026 03:04 AM IST
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Insurance company ordered to compensate for damage caused to warehouse during a storm.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी को आंधी-तूफान और बारिश से प्लाई व्यापारी को हुए नुकसान की भरपाई का आदेश दिया है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी की ओर से गोरखपुर लोक अदालत के फैसले के खिलाफ दाखिल याचिका को खारिज करते हुए दिया है। लोक अदालत ने अजय ट्रेडर्स को 12,70,340 रुपये का बीमा दावा अदा करने का आदेश दिया था।
मेसर्स अजय ट्रेडर्स ने 17 मार्च 2021 को बीमा कंपनी से स्टैंडर्ड फायर एंड स्पेशल पेरिल्स पॉलिसी ली थी। मई 2021 में आई आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के कारण गोदाम की एस्बेस्टस शीट की छत टूट गई। इससे गोदाम में रखा सनमाइका और प्लाईवुड पानी में भीगकर खराब हो गया था।
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बीमा कंपनी ने दावा यह कहते हुए खारिज कर दिया कि एस्बेस्टस शीट ठीक से लगी नहीं थीं। पानी का रिसाव बीमित जोखिम में शामिल नहीं है। कंपनी की ओर से यह भी कहा गया कि पॉलिसी निर्माण इकाई के लिए थी, जबकि परिसर का इस्तेमाल गोदाम के रूप में किया जा रहा था।
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कोर्ट ने पाया कि पॉलिसी जारी करने से पहले बीमा कंपनी ने स्वयं परिसर का निरीक्षण किया था। उस समय कोई आपत्ति नहीं उठाई गई। कंपनी ने अपने जवाब में निरीक्षण किए जाने की बात भी स्वीकार की थी। घटना पॉलिसी जारी होने के करीब दो महीने के भीतर हुई। इसलिए यह तर्क भी स्वीकार नहीं किया जा सकता कि इतने कम समय में छत की शीट ढीली हो गई होंगी।
कोर्ट ने कहा कि भारी बारिश और तेज आंधी के दौरान एस्बेस्टस शीट का टिक पाना मुश्किल था। यह सामान्य पानी के रिसाव का मामला नहीं, बल्कि तेज बारिश का पानी छत टूटने के कारण गोदाम में प्रवेश करने का मामला है। पॉलिसी में तूफान और चक्रवात से होने वाले नुकसान को बीमित जोखिम में शामिल किया गया था। नुकसान का आकलन बीमा कंपनी के अपने सर्वेयर की रिपोर्ट के आधार पर किया गया था।

सर्वेयर ने कुल नुकसान 28,33,292 रुपये आंका था। इसमें सैल्वेज, खरीद बिल उपलब्ध न होने के कारण दर में अंतर, अंडर-इंश्योरेंस और पांच प्रतिशत एक्सेस क्लॉज की कटौती के बाद शुद्ध देय राशि 12,70,340 रुपये निर्धारित की गई। स्थायी लोक अदालत ने इस राशि पर 20 सितंबर 2021 से ब्याज देने का भी आदेश दिया था। संवाद
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