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तीन प्रश्नों पर विशेषज्ञ की राय लेने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Updated Thu, 13 Dec 2018 01:00 AM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी को टीईटी 2018 तीन प्रश्नों पर विशेषज्ञों की राय लेने का निर्देश दिया है। इनमें सी सीरीज के प्रश्न संख्या 66 पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राम सेवक दुबे या रामकिशोर शास्त्री की विशेषज्ञ राय लेने का निर्देश दिया गया है। जबकि बी सीरीज के उर्दू के प्रश्न संख्या 75 और 78 पर कोर्ट ने विशेषज्ञ की राय के साथ 18 दिसंबर को रिपोर्ट पेश करने को कहा है। याची ने इस प्रश्न के दो विकल्पों के सही उत्तर होने का दावा किया है। जबकि अथॉरिटी ने एक ही उत्तर विकल्प सही माना है। इस मामले में कोर्ट ने सचिव को रिकार्ड के साथ तलब किया था। हिमांशु गंगवार सहित दर्जनों अभ्यर्थियों की याचिका पर न्यायमूर्ति अजीत कुमार सुनवाई कर रहे हैं।
याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह के मुताबिक कोर्ट के निर्देशानुसार सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी विशेषज्ञों के साथ हाजिर हुए। अदालत ने उनसे सही विकल्प पूछे। विशेषज्ञों ने जवाब दिए मगर अदालत इससे बहुत संतुष्ट नहीं थी। इसके बाद कोर्ट ने प्रश्न का सही जवाब जानने के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के प्रोफेसर रामसेवक दुबे की राय लेने के लिए कहा है। यदि वह उपलब्ध न हों तो डा. रामकिशोर शास्त्री से राय ली जाए। इसी प्रकार से उर्दू के दो प्रश्नों के सही विकल्प को लेकर विवाद है। कोर्ट ने इन दोनों प्रश्नों पर भी विश्वविद्यालय के किसी विशेषज्ञ से से राय लेकर अवगत कराने के लिए कहा है। सुनवाई 18 दिसंबर को होगी।
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याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह के मुताबिक कोर्ट के निर्देशानुसार सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी विशेषज्ञों के साथ हाजिर हुए। अदालत ने उनसे सही विकल्प पूछे। विशेषज्ञों ने जवाब दिए मगर अदालत इससे बहुत संतुष्ट नहीं थी। इसके बाद कोर्ट ने प्रश्न का सही जवाब जानने के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के प्रोफेसर रामसेवक दुबे की राय लेने के लिए कहा है। यदि वह उपलब्ध न हों तो डा. रामकिशोर शास्त्री से राय ली जाए। इसी प्रकार से उर्दू के दो प्रश्नों के सही विकल्प को लेकर विवाद है। कोर्ट ने इन दोनों प्रश्नों पर भी विश्वविद्यालय के किसी विशेषज्ञ से से राय लेकर अवगत कराने के लिए कहा है। सुनवाई 18 दिसंबर को होगी।
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