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पर्यावरण : रेलवे ने पुल निर्माण में बाधा बने पीपल को काटने की बजाय दूसरी जगह लगाया

Fri, 12 May 2023 02:45 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 12 May 2023 02:45 PM IST
सार

पर्यावरण प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। अंधाधुंध हरे पेड़ों की कटान से असंतुलित होते पर्यावरण को लेकर मची हाय तौबा के बीच ऑक्सीजन देने वाले जीवनदायी पीपल को मुश्किल हालात में घिरने के बाद भी रेलवे ने बचा लिया है।

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Instead of cutting the Peepal tree which obstructed the construction of the bridge, the railways planted it in
पीपल के पेड़ को दूसरी जगह शिफ्ट कराता रेलवे। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

पर्यावरण प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। अंधाधुंध हरे पेड़ों की कटान से असंतुलित होते पर्यावरण को लेकर मची हाय तौबा के बीच ऑक्सीजन देने वाले जीवनदायी पीपल को मुश्किल हालात में घिरने के बाद भी रेलवे ने बचा लिया है। महाकुंभ -2025 के मद्देनजर गंगा पर बनाए जा रहे एक रेल पुल के निर्माण में बाधा बन रहे पीपल के पेड़ को काटने की बजाय रेलवे ने क्रेन की मदद से जड़ समेत उखाड़कर दूसरी जगह सुरक्षित शिफ्ट करा दिया है।

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पुल का निर्माण रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) द्वारा किया जा रहा है। पेड़ बचाने के लिए आरवीएनएल के इस कार्य की रेलवे के वरिष्ठ अफसरों ने भी सराहना की है। पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से प्रयागराज जंक्शन से बनारस तक रेल दोहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। अब सिर्फ झूंसी से प्रयागराज तक ही दोहरीकरण का कार्य शेष रह गया है।

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इसी कार्य के दौरान गंगा पर नए पुल का निर्माण तकरीबन दो वर्ष से हो रहा है। संगम से लगे परेड मैदान साइड में दारागंज रेलवे स्टेशन के निकट पुल निर्माण के लिए पिलर बनाया जाना है। जिस स्थान पर पिलर लगाया जाना था, वहां पीपल का तकरीबन 30 फीट लंबा एक पेड़ बाधा बन रहा था। इसे देखते हुए आरवीएनएल ने पेड़ को काटने की बजाय उसे दूसरे सुरक्षित स्थान पर लगाने का निर्णय लिया। विशेषज्ञों की देखरेख में पेड़ को क्रेन की मदद से जड़ समेत उखाड़ा गया। इसके बाद पेड़ दूसरे स्थान पर ले जाकर सुरक्षित लगाया गया। आरवीएनएल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विनय अग्रवाल ने कहा कि पेड़ सुरक्षित है।

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