भाई को गोली मारने में इंस्पेक्टर की नाबालिग बेटी गिरफ्तार
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क्षेत्र के चकरघुनाथ मोहल्ले में मंगलवार की शाम पौने सात बजे इंस्पेक्टर सभापति सिंह के बेटे को घर के अंदर गोली लगने की घटना का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस ने घायल किशोर की छोटी बहन को हिरासत में ले लिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि हमले में प्रयुक्त पिस्टल लाइसेंसी नहीं है। वह कहां से आई, अभी पुलिस इस बारे में कुछ नहीं तलाश पाई है।
उसके खिलाफ अवैध असलहे के प्रयोग की धारा 3/25 आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमले की धारा 307 आईपीसी के लगाई गई है। पहले किशोरी की सूचना पर पुलिस ने लूट की धारा 394 आईपीसी के तहत मुकदमा पंजीकृत किया था, जिसे विवेचना के बाद बदलकर जानलेवा हमले व आर्म्स एक्ट कर दिया गया। बुधवार को लिखा पढ़ी की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। बृहस्पतिवार को उसे जेल भेज जाएगा।
बताते चलें कि मूलत: औद्योगिक क्षेत्र थाना क्षेत्र के बेंदौ गांव निवासी सभाजीत सिंह पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर हैं। वर्तमान में वह आजमगढ़ में कोरोना सेल प्रभारी के पद पर तैनात हैं। वह नैनी कोतवाली क्षेत्र के चक रघुनाथ मोहल्ले में मायाश्री अपार्टमेंट के पीछे अपना मकान बनाकर रहते हैं। घर पर उनकी पत्नी सुभद्रा सिंह, बेटा अमरेंद्र सिंह (17) व 15 साल की बेटी है।
बेटा अमरेंद्र सिंह राजकीय इंटर कालेज में 11वीं का छात्र है, जबकि बेटी डीपीएस कालेज, नैनी में हाईस्कूल की छात्रा है। मंगलवार की शाम को इंस्पेक्टर की बेटी ने शोर मचाया कि उसके घर की चहारदीवारी फांदकर घुसे तीन लड़कों ने पहले उसे पीटा और फिर उसके भाई अमरेंद्र को गोली मार दी। अमरेंद्र के सीने व पेट में कुल तीन गोलियां लगीं हैं।
पता चला कि अमरेंद्र को उसकी छोटी बहन ने ही पिस्टल से गोली मारी थी। उसी के बाद पुलिस ने किशोरी को हिरासत में ले लिया और लिखा पढ़ी में उसकी गिरफ्तारी दिखा दी। हालांकि हमले की वजह अभी तक पुलिस स्पष्ट नहीं कर पाई है। इंस्पेक्टर नैनी जीतेंद्र सिंह ने बताया कि कंट्रोल रूम की सूचना पर पहले लूट की धारा 394 आईपीसी का मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसे जानलेवा हमले व अवैध असलहा के प्रयोग की धारा में तरमीम कर दिया गया। बृहस्पतिवार को किशोरी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।